यूपी: सेना में भर्ती के नाम पर ठगी करने वाला जालसाज आर्मी की वर्दी में गिरफ्तार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रवि के पास से सेना की वर्दी, सेना भर्ती के पांच फर्जी एडमिट कार्ड, तीन मुहर, एक मोबाइल और 1500 रुपये बरामद हुआ है।
मिलिट्री इंटेलिजेंस को सूचना मिली थी कि सेना भर्ती के नाम पर वाराणसी और आसपास के जिलों के नवयुवकों के साथ ठगी की जा रही है। इस सूचना के आधार पर एसटीएफ ने जालसाज के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
पांच लाख में सौदा, एडवांस लेता था 80 हजार
एसटीएफ के एसपी अमित कुमार ने बताया कि अभिसूचना संकलन के दौरान पता लगा कि शुक्रवार को छावनी क्षेत्र स्थित नेहरू पार्क के समीप जालसाज रवि कुछ नवयुवकों को सेना भर्ती के नाम पर ठगने के लिए बुलाया है। सूचना की पुष्टि हुई तो इंस्पेक्टर पुनीत परिहार ने एसटीएफ की टीम के साथ घेराबंदी कर रवि को गिरफ्तार कर लिया।
रवि ने बताया कि उसने सेना में भर्ती होने का कई बार प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। सेना भर्ती रैली में बार-बार आने के कारण वह प्रक्रिया से पूरी तरह वाकिफ हो गया तो नवयुवकों को ठगने की योजना बनाया। इसके लिए वह सेना की वर्दी सिलाया और खुद को को 39 जीटीसी का अफसर बताता था। वर्दी पहन कर वह वाराणसी और आसपास के जिलों में घूमकर सेना भर्ती की तैयारी करने वाले नवयुवकों से संपर्क करता था। सेना में भर्ती कराने का सौदा वह पांच लाख में तय करता था और 80 हजार एडवांस लेता था। इसके बाद नवयुवकों को फर्जी मुहर लगा एडमिट कार्ड थमा देता था।
2017 में असम में हुआ था गिरफ्तार
पूछताछ में पता लगा कि 2017 में सेना भर्ती के नाम पर युवाओं को ठगने के लिए रवि असम के तिनसुकिया गया था। सेना की वर्दी पहने होने के कारण असम पुलिस को उस पर शक हुआ तो वह गिरफ्तार कर लिया गया और छह महीने तक जेल में रहा। एसटीएफ ने बताया कि इसकी तस्दीक करने के लिए असम पुलिस से संपर्क किया जा रहा है।