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बिजली घोटालाः ये चार मिलकर निगल गए 100 करोड़
लखनऊ/इंटरनेट डेस्क
Updated Fri, 28 Jun 2013 04:56 PM IST
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झांसी में 100 करोड़ रुपये से ज्यादा के गैर जरूरी बिजली के सामानों की खरीद पर कड़ा रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने तीन अधीक्षण अभियंताओं व झांसी में अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे एक उप मुख्य लेखाधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं।
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पेंशन में कटौती भी
उप मुख्य लेखाधिकारी मूल रूप से कानपुर में तैनात थे। यह मामला विजिलेंस को संदर्भित करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों का दायित्व निर्धारण करने को कहा गया है। साथ ही दो रिटायर्ड मुख्य अभियंताओं की पेंशन में कटौती के भी आदेश दिए गए हैं।
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आगे से ऐसा हुआ तो...मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि भविष्य में फिजूलखर्ची रोकने के लिए क्रय अधिकारों में संशोधन किया जाए। प्रशासनिक अनुमति देने वाले अधिकारियों के अधिकारों एवं दायित्वों को स्पष्ट किया जाए जिससे दुरुपयोग की गुंजाइश न रहे।
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पावर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष संजय अग्रवाल ने बताया कि पिछले दो साल में झांसी में तैनात अधीक्षण अभियंताओं एवं मुख्य अभियंताओं ने बड़े पैमाने पर ऐसे सामानों की खरीद-फरोख्त की जिनकी जरूरत नहीं थी। कुछ दिन पहले ही उरई भंडार केंद्र पर आग लगने और वहां काफी सामानों के जल जाने के दौरान फिजूलखर्ची की बात सामने आई थी। फिजूलखर्ची की शिकायत मिलने पर उच्चाधिकार प्राप्त समिति से इसकी जांच कराई गई।
समिति ने यह पाया जांच में
समिति ने अपनी रिपोर्ट में बताया था कि पिछले दो सालों में झांसी में तैनात अधीक्षण अभियंताओं एवं मुख्य अभियंता के स्तर से लगभग 100 करोड़ रुपये से ज्यादा कीमत की ऐसी सामग्री खरीदी गई, जिसका इस्तेमाल पावर कॉर्पोरेशन के वितरण प्रणाली में कहीं नहीं किया जाता।
अग्रवाल ने कहा कि जांच समिति ने यह भी पाया कि खरीदी गई सामग्री की न तो क्षेत्रीय स्तर के अधिकारी से जरूरत का आकलन कराया गया और न ही उसकी गुणवत्ता पर ध्यान दिया गया।
आपराधिक मामला भी बनेगा
जिन मुख्य अभियंताओं ने क्रय आदेश जारी किया था उनमें एमपी त्रिपाठी और आरके त्यागी सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इस फिजूलखर्ची में इन दोनों अधिकारियों के शामिल होने के कारण इनकी पेंशन से कटौती करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
वर्तमान में झांसी में तैनात जय गोपाल गुप्ताए क्रय समिति ने सदस्य के नाते अधीक्षण अभियंता शशिकांत और मोर मुकुट तथा उप मुख्य लेखाधिकारी राकेश कुमार त्रिवेदी को मुख्यमंत्री के निर्देश पर निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि प्रकरण को प्रमुख सचिव सतर्कता को संदर्भित कर जल्द निर्णय लेने का अनुरोध किया गया है ताकि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामला निर्धारित करते हुए कड़ी कार्रवाई की जा सके।