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Firozabad News: यमुना का जलस्तर खतरे के निशान के करीब, तटवर्ती इलाकों में दहशत
Sat, 23 Aug 2025 12:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sat, 23 Aug 2025 12:15 AM IST
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008, टूंडला के बजहेरा क्षेत्र में यमुना में डूबी फसलें संवाद
टूंडला। पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण टूंडला में यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। इससे नदी के किनारे रहने वाले किसानों में दहशत है।
यमुना का जलस्तर पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को भी पानी लगभग दो फीट बढ़ा, जिससे यह गांवों की दहलीज तक पहुँच गया है। रामगढ़, रसूलाबाद, बजहेरा, नगला काले और ग्वारई जैसे गांवों के किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। उनकी बाजरा, मक्का, ज्वार, सब्जियां और चारे की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। किसानों के अनुसार, अब तक 400 बीघा से ज़्यादा फसलें यमुना की बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी हैं।
रसूलाबाद के किसान देवकरन सिंह और कालीचरन ने बताया कि नदी का कटाव इतनी तेज़ी से हो रहा है कि देखते ही देखते खेत की मिट्टी यमुना में समा जाती है। किसान अमृतलाल, दौलतराम, लेखराज, चंदन सिंह और अन्य ग्रामीण प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
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ग्वारई गाँव में बाबा महेश्वरनाथ मंदिर के चारों ओर पानी भर जाने से मंदिर का रास्ता बंद हो गया है। मंदिर के पुजारी बच्चा बाबा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मंदिर न आएं, क्योंकि चारों ओर तेज़ बहाव है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो नगला काले, कुतकपुर साहब, नियामतपुर, जटपुरा और रसूलाबाद सहित कई और गाँव प्रभावित हो सकते हैं।
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यमुना का जलस्तर पिछले पांच दिनों से लगातार बढ़ रहा है। शुक्रवार को भी पानी लगभग दो फीट बढ़ा, जिससे यह गांवों की दहलीज तक पहुँच गया है। रामगढ़, रसूलाबाद, बजहेरा, नगला काले और ग्वारई जैसे गांवों के किसानों की मेहनत बर्बाद हो गई है। उनकी बाजरा, मक्का, ज्वार, सब्जियां और चारे की फसलें पूरी तरह से पानी में डूब गई हैं। किसानों के अनुसार, अब तक 400 बीघा से ज़्यादा फसलें यमुना की बाढ़ की भेंट चढ़ चुकी हैं।
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रसूलाबाद के किसान देवकरन सिंह और कालीचरन ने बताया कि नदी का कटाव इतनी तेज़ी से हो रहा है कि देखते ही देखते खेत की मिट्टी यमुना में समा जाती है। किसान अमृतलाल, दौलतराम, लेखराज, चंदन सिंह और अन्य ग्रामीण प्रशासन से मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
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ग्वारई गाँव में बाबा महेश्वरनाथ मंदिर के चारों ओर पानी भर जाने से मंदिर का रास्ता बंद हो गया है। मंदिर के पुजारी बच्चा बाबा ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे मंदिर न आएं, क्योंकि चारों ओर तेज़ बहाव है। अगर जलस्तर और बढ़ा तो नगला काले, कुतकपुर साहब, नियामतपुर, जटपुरा और रसूलाबाद सहित कई और गाँव प्रभावित हो सकते हैं।