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Firozabad News: टूंडला में उफान पर यमुना, डूब रहीं फसलें, 20 से अधिक गांवों में अलर्ट
Tue, 11 Aug 2026 11:27 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 11 Aug 2026 11:27 PM IST
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टूंडला के जटपुरा क्षेत्र में कच्ची फसल को काटकर चारे के रूप में ट्यूब पर रखकर ले जातीं युवतियां
टूंडला। हथिनीकुंड और गोकुल बैराज से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने तथा पिछले कुछ दिनों हुई बारिश के कारण यमुना नदी उफान पर आ गई है। नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटीय इलाकों के किसानों और ग्रामीणों चिंता में हैं। यमुना के खादरों (तटीय क्षेत्रों) में पानी घुसने के कारण बाजरा, मक्का, ज्वार और सब्जियों जैसी खड़ी फसलें डूब रहीं हैं।
मंगलवार सुबह भी यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बढ़ते जलस्तर को देखकर किसानों को यमुना तट पर स्थापित पंपसेटों के डूबने का डर सता रहा है। साथ ही, किनारे बने घरों तक पानी पहुंचने की आशंका से तटीय इलाकों के ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
रामगढ़ निवासी किसान रोमन सिंह, देवकरन, मुरारीलाल, साहब सिंह, रूपसिंह और हरी सिंह ने बताया कि यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पूरी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। फसलों को डूबने से बचाने के लिए किसान पानी में घुसकर कच्ची ही फसलों को काट रहे हैं और उन्हें ट्यूब के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर लाकर पशुओं के हरे चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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लगातार जलवृद्धि से ये गांव प्रभावित
पिछले चार दिनों से जारी जलस्तर की वृद्धि यदि इसी तरह बनी रही, तो टूंडला क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से नगला केशों, रुधऊ मुस्तकिल, अनवारा, जटपुरा, बालमपुर, रसूलाबाद, गदलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार डेका, ठार वर, ठार हरवंस, नगला राजपति, गुवारई, घुरुकूआं, नगला नंदा, नगला मूसटा और नियामतपुर शामिल हैं।
यमुना के बढ़ते जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संबंधित लेखपालों और ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलस्तर पर लगातार निगरानी रखें। यदि बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, तो उससे निपटने के लिए प्रशासन की ओर से सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
- दिव्या सिंह, एसडीएम टूंडला
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मंगलवार सुबह भी यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई। बढ़ते जलस्तर को देखकर किसानों को यमुना तट पर स्थापित पंपसेटों के डूबने का डर सता रहा है। साथ ही, किनारे बने घरों तक पानी पहुंचने की आशंका से तटीय इलाकों के ग्रामीण लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए हैं।
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रामगढ़ निवासी किसान रोमन सिंह, देवकरन, मुरारीलाल, साहब सिंह, रूपसिंह और हरी सिंह ने बताया कि यदि पानी इसी रफ्तार से बढ़ता रहा तो पूरी फसलें बर्बाद हो जाएंगी। फसलों को डूबने से बचाने के लिए किसान पानी में घुसकर कच्ची ही फसलों को काट रहे हैं और उन्हें ट्यूब के माध्यम से सुरक्षित स्थान पर लाकर पशुओं के हरे चारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।
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लगातार जलवृद्धि से ये गांव प्रभावित
पिछले चार दिनों से जारी जलस्तर की वृद्धि यदि इसी तरह बनी रही, तो टूंडला क्षेत्र के दो दर्जन से अधिक गांव प्रभावित हो सकते हैं। इनमें मुख्य रूप से नगला केशों, रुधऊ मुस्तकिल, अनवारा, जटपुरा, बालमपुर, रसूलाबाद, गदलपुरा, रामगढ़, बजहेरा, नगला काले, कुतुकपुर साहब, ठार डेका, ठार वर, ठार हरवंस, नगला राजपति, गुवारई, घुरुकूआं, नगला नंदा, नगला मूसटा और नियामतपुर शामिल हैं।
यमुना के बढ़ते जलस्तर पर कड़ी नजर रखी जा रही है। संबंधित लेखपालों और ग्राम प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जलस्तर पर लगातार निगरानी रखें। यदि बाढ़ जैसी स्थिति बनती है, तो उससे निपटने के लिए प्रशासन की ओर से सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।
- दिव्या सिंह, एसडीएम टूंडला