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Firozabad News: श्रमिकों ने छोड़े औजार, माउथ ब्लोइंग इकाइयों में काम ठप
Tue, 22 Apr 2025 12:45 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 22 Apr 2025 12:45 AM IST
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कांच फैक्टरी की मशीन में लगी आग को बुझाते फायरकर्मी।
- फोटो : कांच फैक्टरी की मशीन में लगी आग को बुझाते फायरकर्मी।
फिरोजाबाद। श्रमिकों ने साेमवार सुबह की शिफ्ट में माउथ ब्लोइंग इकाइयों में काम ठप कर दिया। श्रमिक वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पहली शिफ्ट में काम लगने के एक घंटे बाद ही औजार रख शोर करते हुए कारखानों से बाहर निकल गए। श्रम विभाग ने कारखानेदारों व श्रमिक पक्ष के साथ वार्ता कर गतिरोध को थामने के प्रयास शुरू कर दिए।
शहर की माउथ ब्लोइंग इकाईयों में सोमवार को अचानक कामकाज ठप हो गया। शहर की माउथ ब्लोइंग इकाईयों में सामान्य दिनों की भांति मंगलवार को भी काम लगा। लेकिन पहली शिफ्ट में काम लगने के करीब एक घंटे बाद ही कांच श्रमिक व कामगाराें अचानक अपने औजार रख दिए। औजार रखने के बाद कांच श्रमिक शोर-शराबा करते हुए कारखानों से बाहर निकल गए। वहीं अचानक कामबंदी होने से कारखानेदार भी सकते में आ गए। औद्योगिक सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को सबसे पहले हाई लाइट ग्लास,एडवांस ग्लास और श्याम ग्लास में उत्पादन का पहिया पटरी से उतर गया। श्रमिकों का शोर अन्य कारखानों में सुना दिया। लेकिन उन कारखानों में मंगलवार को कामकाज सुचारू रहा।
कामबंदी के सूचना के बाद हुई वार्ता
माउथ ब्लोइंग इकाइयों में कामबंदी की भनक लगते ही श्रम विभाग व प्रशासन ने तत्काल कारखानेदारों व श्रमिक संगठन प्रतिनिधियों की वार्ता बुलाई। नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और सीओ सिटी अरूण चौरसिया के अलावा श्रमिक पक्ष की ओर रमाकांत यादव आदि मौजूद रहे। संचालन यशवंत कुमार ने किया। उद्यमी प्रसून बंसल, संजय गुप्ता और पराग गुप्ता मौजूद रहे।
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वेतन वृद्धि पर पहले ही बन चुकी है सहमति
4 अप्रैल को एएलसी कार्यालय में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान कारखानेदारों और श्रमिक पक्ष की ओर से दैनिक मानदेय में 19 रुपये की बढ़ोत्तरी पर सहमति बन चुकी है। नई दर पहली मई से लागू होंगी। इसके बाद भी श्रमिक पक्ष की ओर से अचानक कामबंदी से कांच एवं चूड़ी उद्योग के लोग चिंतित हैं।
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शहर की माउथ ब्लोइंग इकाईयों में सोमवार को अचानक कामकाज ठप हो गया। शहर की माउथ ब्लोइंग इकाईयों में सामान्य दिनों की भांति मंगलवार को भी काम लगा। लेकिन पहली शिफ्ट में काम लगने के करीब एक घंटे बाद ही कांच श्रमिक व कामगाराें अचानक अपने औजार रख दिए। औजार रखने के बाद कांच श्रमिक शोर-शराबा करते हुए कारखानों से बाहर निकल गए। वहीं अचानक कामबंदी होने से कारखानेदार भी सकते में आ गए। औद्योगिक सूत्रों के मुताबिक मंगलवार को सबसे पहले हाई लाइट ग्लास,एडवांस ग्लास और श्याम ग्लास में उत्पादन का पहिया पटरी से उतर गया। श्रमिकों का शोर अन्य कारखानों में सुना दिया। लेकिन उन कारखानों में मंगलवार को कामकाज सुचारू रहा।
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कामबंदी के सूचना के बाद हुई वार्ता
माउथ ब्लोइंग इकाइयों में कामबंदी की भनक लगते ही श्रम विभाग व प्रशासन ने तत्काल कारखानेदारों व श्रमिक संगठन प्रतिनिधियों की वार्ता बुलाई। नगर मजिस्ट्रेट विनोद कुमार पांडेय और सीओ सिटी अरूण चौरसिया के अलावा श्रमिक पक्ष की ओर रमाकांत यादव आदि मौजूद रहे। संचालन यशवंत कुमार ने किया। उद्यमी प्रसून बंसल, संजय गुप्ता और पराग गुप्ता मौजूद रहे।
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वेतन वृद्धि पर पहले ही बन चुकी है सहमति
4 अप्रैल को एएलसी कार्यालय में हुई त्रिपक्षीय वार्ता के दौरान कारखानेदारों और श्रमिक पक्ष की ओर से दैनिक मानदेय में 19 रुपये की बढ़ोत्तरी पर सहमति बन चुकी है। नई दर पहली मई से लागू होंगी। इसके बाद भी श्रमिक पक्ष की ओर से अचानक कामबंदी से कांच एवं चूड़ी उद्योग के लोग चिंतित हैं।

कांच फैक्टरी की मशीन में लगी आग को बुझाते फायरकर्मी। - फोटो : कांच फैक्टरी की मशीन में लगी आग को बुझाते फायरकर्मी।