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Firozabad News: चूड़ी के 33 कारखानों में कामबंद, बेरोजगारी झेल रहे 1.4 लाख श्रमिक
Sun, 02 Apr 2023 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:57 PM IST
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चूड़ी के 33 कारखानों में कामबंद, बेरोजगारी झेल रहे 1.4 लाख श्रमिक
कांच चूड़ी मजदूर संघ ने जारी की बंद कारखानों की सूची, डीएम और एएलसी को देंगे जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। घरेलू और बाहरी बाजारों से पर्याप्त आर्डरों का अभाव और कारखानों में फुंकने वाली महंगी गैस से कांच चूड़ी कारोबार खासा प्रभावित है। कांच चूड़ी कारखानों में काम करने वाले हजारों श्रमिक अघोषित कामबंदी के चलते बेरोजगारी का संकट झेल रहे हैं। कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ ने रविवार को सूची जारी की है। सूची में अरसे से बंद चल रहे 33 कांच चूड़ी कारखानों के नाम हैं। मजदूर संघ के अनुसार इन कारखानों में काम करने वाले श्रमिक आजीविका का संकट झेल रहे हैं। तमाम मजदूर काम के सिलसिले से जिले से पलायन को बाध्य हैं। मजदूर संघ सोमवार को डीएम और एएलसी से मिलेेगा।
दिनों दिन महंगी हो रही औद्योगिक गैस, कच्चे माल व केमिकल के दामों में बढ़ोतरी के चलते कांच चूड़ी महंगी हो गई है। कांच कारोबारियों को अन्य प्रांतों से चूड़ी के पर्याप्त आर्डर नहीं मिल रहे। इसका असर चूड़ी उत्पादक कारखानों पर है। कांच श्रमिक संगठनों का कहना है कि करीब 33 कांच चूड़ी कारखानों में दो-तीन माह से कामबंदी है। कामबंदी के कारण इन कारखानों में काम करने वाले करीब 50000 और घरों में काम करने वाले 60-70 हजार बेरोजगारी का संकट झेल रहे हैं। सूची को लेकर श्रमिक संगठन का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को जिलाधिकारी व सहायक श्रमायुक्त से मिलेगा। बंद कारखानों को चालू कराने की मांग की जाएगी।
बंद हैं ये चूड़ी कारखाने
श्रमिक संगठन की सूची के अनुसार सौभाग्य ग्लास, कैप्रीहन ग्लास, अंसार, सरस्वती, स्टार, रूबी, एवन, मनोहर, माथुर, हौदारिया, एस.राजीव, बिनोबा, इंडियन, ए.एम पटेल, अनूप, मुकेश, एसबी, नरायन, डीलक्स, दिनेेश, बांके बिहारी, क्राउन, भवानी, आदर्श ग्लास, दुर्गा, छतारी, पोपूलर, बेबी ग्लास, फाइन ग्लास के अलावा अजंता ग्लास वर्क्स आदि के नाम शामिल हैं।
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लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाले कांच चूड़ी उद्योग के हितों की अनदेखी हो रही है। 33 से अधिक कारखाने दो से तीन माह से बंद हैं। इन कारखानों में काम करने वाले श्रमिक रोजी रोटी को भटक रहे हैं। सोमवार को बंद कारखानों की सूची जिलाधिकारी व सहायक श्रमायुक्त को सौपेंगे।
भूरी सिंह यादव, प्रांतीय सचिव कांच चूड़ी क्रांतिकारी मजदूर संघ
कारखानों में काम करने वाले एवं घरों में चूड़ी जुड़ाई-झलाई करने वाले श्रमिक परेशान हैं। सुहागनगरी के चूूड़ी श्रमिक रोजीरोटी के लिए शहर से पलायन कर रहे हैं। लेकिन स्थानीय जन प्रतिनिधि, कारखानेदार और अधिकारी दिनों दिन विकराल हो रही समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं।
रामदास मानव, मंत्री कांच चूड़ी मजदूर संघ
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कांच चूड़ी मजदूर संघ ने जारी की बंद कारखानों की सूची, डीएम और एएलसी को देंगे जानकारी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। घरेलू और बाहरी बाजारों से पर्याप्त आर्डरों का अभाव और कारखानों में फुंकने वाली महंगी गैस से कांच चूड़ी कारोबार खासा प्रभावित है। कांच चूड़ी कारखानों में काम करने वाले हजारों श्रमिक अघोषित कामबंदी के चलते बेरोजगारी का संकट झेल रहे हैं। कांच उद्योग क्रांतिकारी मजदूर संघ ने रविवार को सूची जारी की है। सूची में अरसे से बंद चल रहे 33 कांच चूड़ी कारखानों के नाम हैं। मजदूर संघ के अनुसार इन कारखानों में काम करने वाले श्रमिक आजीविका का संकट झेल रहे हैं। तमाम मजदूर काम के सिलसिले से जिले से पलायन को बाध्य हैं। मजदूर संघ सोमवार को डीएम और एएलसी से मिलेेगा।
दिनों दिन महंगी हो रही औद्योगिक गैस, कच्चे माल व केमिकल के दामों में बढ़ोतरी के चलते कांच चूड़ी महंगी हो गई है। कांच कारोबारियों को अन्य प्रांतों से चूड़ी के पर्याप्त आर्डर नहीं मिल रहे। इसका असर चूड़ी उत्पादक कारखानों पर है। कांच श्रमिक संगठनों का कहना है कि करीब 33 कांच चूड़ी कारखानों में दो-तीन माह से कामबंदी है। कामबंदी के कारण इन कारखानों में काम करने वाले करीब 50000 और घरों में काम करने वाले 60-70 हजार बेरोजगारी का संकट झेल रहे हैं। सूची को लेकर श्रमिक संगठन का प्रतिनिधि मंडल सोमवार को जिलाधिकारी व सहायक श्रमायुक्त से मिलेगा। बंद कारखानों को चालू कराने की मांग की जाएगी।
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बंद हैं ये चूड़ी कारखाने
श्रमिक संगठन की सूची के अनुसार सौभाग्य ग्लास, कैप्रीहन ग्लास, अंसार, सरस्वती, स्टार, रूबी, एवन, मनोहर, माथुर, हौदारिया, एस.राजीव, बिनोबा, इंडियन, ए.एम पटेल, अनूप, मुकेश, एसबी, नरायन, डीलक्स, दिनेेश, बांके बिहारी, क्राउन, भवानी, आदर्श ग्लास, दुर्गा, छतारी, पोपूलर, बेबी ग्लास, फाइन ग्लास के अलावा अजंता ग्लास वर्क्स आदि के नाम शामिल हैं।
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लाखों लोगों को रोजगार मुहैया कराने वाले कांच चूड़ी उद्योग के हितों की अनदेखी हो रही है। 33 से अधिक कारखाने दो से तीन माह से बंद हैं। इन कारखानों में काम करने वाले श्रमिक रोजी रोटी को भटक रहे हैं। सोमवार को बंद कारखानों की सूची जिलाधिकारी व सहायक श्रमायुक्त को सौपेंगे।
भूरी सिंह यादव, प्रांतीय सचिव कांच चूड़ी क्रांतिकारी मजदूर संघ
कारखानों में काम करने वाले एवं घरों में चूड़ी जुड़ाई-झलाई करने वाले श्रमिक परेशान हैं। सुहागनगरी के चूूड़ी श्रमिक रोजीरोटी के लिए शहर से पलायन कर रहे हैं। लेकिन स्थानीय जन प्रतिनिधि, कारखानेदार और अधिकारी दिनों दिन विकराल हो रही समस्या के प्रति गंभीर नहीं हैं।
रामदास मानव, मंत्री कांच चूड़ी मजदूर संघ