फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   weather,water

खतरनाक स्तर तक पहुंचा प्रदूषण, दम घुटने से एक की मौत

Sun, 03 Nov 2019 09:57 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Sun, 03 Nov 2019 09:57 PM IST
विज्ञापन
weather,water
सुहागनगरी में सुबह हाइवें पर छाई रही धुंध के कारण वाहनों की लाइटें जलाकर जाते वाहन स्वामी - फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। दीपावली के बाद सुहागनगरी में प्रदूषण बढ़ने के कारण दम घुटने से एक बुजुर्ग की मौत हो गई। वहीं, मेडिकल कालेज का मेडिसन वार्ड दूसरे दिन भी फुल रहा है। रविवार को सुहागनगरी में पूरे दिन धुंध की सफेद चादर तनी रही। सुहनगर सेक्टर चार निवासी रामदास पुत्र विशनस्वरूप का दो साल से अस्थमा का इलाज चल रहा था। दीपावली के बाद छाई धुंध से उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने लगी।
विज्ञापन

रविवार को उन्हें सरकारी ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं, मेडिकल कालेज के वार्ड में श्वांस रोग से संबंधित 60 मरीज भर्ती होकर इलाज चला रहे हैं। वार्ड पूरी तरह भरा है। रविवार को अवकाश होने के कारण जिला अस्पताल की ओपीडी में चिकित्सक नहीं मिले। ऐसे में प्राइवेट अस्पालों में भीड़ रही। निजी चिकित्सकों के घर पर लंबी कतारें लग रही है।
विज्ञापन

दिन में भी वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा
धुंध के कारण दृश्यता पर भी मामूली असर पड़ा है। लोगों को दिन के समय भी वाहनों की लाइट जलाकर चलना पड़ा। जानकारों के अनुसार हवा में नमी और वायु प्रदूषण के कारण ऐसी स्थिति बनी है। इसे स्मॉग बताया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदूषण से बढ़ रहीं बीमारियां
सेवार्थ संस्थान ट्रामा सेंटर के न्यूरोसर्जन डा. निमित गुप्ता ने बताया कि प्रदूषण के चलते हवा में जहरीली गैसें और नैनो पार्टिकल्स श्वांस के साथ शरीर में प्रवेश कर ब्लड में पहुंच जाते हैं। इसके बाद तमाम परेशानी शुरू होने लगती हैं। इससे हृदय रोग, स्ट्रोक और अस्थमा के रूप में गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके चलते सांस लेने में परेशानी होना, आंखों का लाल होना और खुजली के साथ जलन, जुकाम का होना, गले में खरास, खांसी, साइनस, माइग्रेन और फेफड़ों में इंफेक्शन जैसी बीमारियां शुरू हो जाती हैं।

मास्क लगाकर चलें, बरते सावधानियां
प्रदूषण के चलते सांस लेने में दिक्कत, बेचैनी, धड़कन बढ़ने और सीने में जलन जैसी समस्या बढ़ जाती है। सामान्य दिनों के अपेक्षा मरीज बढ़ रहे हैं। हृदय और श्वांस रोगियों को प्रदूषित वायुमंडल में सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे बचने के लिए मुंह पर मास्क या कपड़ा रखकर घर से बाहर निकलें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed