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शुक्रवार को 0.24 मीटर तक बढ़ा यमुना का जलस्तर
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टूंडला में कालिंदी ने दिखाया रौद्र रूप, फसलों में घुसा पानी
- फोटो : TUNDLA
फिरोजाबाद। यमुना नदी में जलस्तर बढ़ने का क्रम शुक्रवार को भी जारी रहा। शुक्रवार की शाम तक 150.30 मीटर तक पानी पहुंच गया। इसके कारण फरौल नगरिया, नयाबांस के साथ कुछ गांवों की फसलों को पानी ने चपेट में लिया है। पर खतरे के निशान तक पहुंचने की उम्मीद काफी कम है।
हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 8.28 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ने के कारण दिल्ली में जलस्तर बढ़ने के साथ अब इसका असर आगरा-फिरोजाबाद में यमुना के ही तलहटी वाले इलाकों में दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को तो सुबह से लेकर देर शाम तक पानी का स्तर बढ़ने का क्रम भी जारी रहा। सुबह जलस्तर 150.18 मीटर तक था। शाम को पांच बजे यह जलस्तर 12 मीटर और बढ़ा और बढ़कर यह 150.30 मीटर तक पहुंच गया।
इसके कारण तलहटी में बसे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई है। खासतौर से यमुना के किनारे बसे नयाबांस, नादन, ईनौन, मालीपट्टी, फरौल नगरिया आदि गांवों में यमुना की तलहटी वाली बाजरा की तो फसल पूरी तरह से चपेट में आ गई है। ग्रामीणों की ओर से यमुना के किनारे पशुओं आदि को ले जाने से बच्चों को रोक दिया है। कमोवेश यही हाल टूंडला तहसील के गांव इसके कारण यमुना के किनारे बसे टूंडला क्षेत्र के ग्वारई, नगला काले, न्यामतपुर, कुतुकपुर, धीरपुरा, जटपुरा, रसूलाबाद, भीकनपुरबझेरा के साथ गुदाऊं की शाला सहित पास के गांवों में पानी खेतों की ओर बढ़ा है।
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हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से 8.28 लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ने के कारण दिल्ली में जलस्तर बढ़ने के साथ अब इसका असर आगरा-फिरोजाबाद में यमुना के ही तलहटी वाले इलाकों में दिखाई देने लगा है। शुक्रवार को तो सुबह से लेकर देर शाम तक पानी का स्तर बढ़ने का क्रम भी जारी रहा। सुबह जलस्तर 150.18 मीटर तक था। शाम को पांच बजे यह जलस्तर 12 मीटर और बढ़ा और बढ़कर यह 150.30 मीटर तक पहुंच गया।
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इसके कारण तलहटी में बसे ग्रामीणों की धड़कनें बढ़ी हुई है। खासतौर से यमुना के किनारे बसे नयाबांस, नादन, ईनौन, मालीपट्टी, फरौल नगरिया आदि गांवों में यमुना की तलहटी वाली बाजरा की तो फसल पूरी तरह से चपेट में आ गई है। ग्रामीणों की ओर से यमुना के किनारे पशुओं आदि को ले जाने से बच्चों को रोक दिया है। कमोवेश यही हाल टूंडला तहसील के गांव इसके कारण यमुना के किनारे बसे टूंडला क्षेत्र के ग्वारई, नगला काले, न्यामतपुर, कुतुकपुर, धीरपुरा, जटपुरा, रसूलाबाद, भीकनपुरबझेरा के साथ गुदाऊं की शाला सहित पास के गांवों में पानी खेतों की ओर बढ़ा है।
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