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उलमाओं ने प्रशासन से की मांग,मस्जिदों में 50 लोगों के साथ नमाज अदा की दी जाए अनुमति
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एसपी सिटी कार्यालय पर शहर के प्रमुख मौलानाओं के साथ बैठक करते नगर मजिस्ट्रेट के साथ नगर आयुक्त एस
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। शहर के उलमा इकराम की बैठक एसपी सिटी कार्यालय पर नगर आयुक्त विजय कुमार व एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह की अध्यक्षता में हुई। इस दौरान उलमाओं ने मस्जिदों में नमाज के लिए लोगों की संख्या बढ़ाने की मांग की। प्रशासन ने स्पष्ट कहा कि अभी पांच लोगों के साथ नमाज अदा की जाएगी। जुमा की नमाज मस्जिदों में नहीं होगी।
कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में मस्जिद के इमाम के साथ पांच लोग ही नमाज अदा कर रहे थे। आठ जून से धार्मिक स्थल खोलने के आदेश जारी हुए थे। उलमाओं की ओर से कुछ शंका समाधान के लिए बुधवार को एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक बुलाई गई। उलमाओं ने मस्जिदों के लिए अलग से गाइडलाइन जारी किए जाने की मांग रखी।
उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जो गाइडलाइन जारी की गई है, वह सिर्फ मंदिरों के हिसाब से है। आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि शहर के उलमा यह निर्णय ले चुके हैं कि जुमे की नमाज की व्यवस्था वही रहेगी जो लॉकडाउन के दौरान लागू थी। उलमाओं ने सवाल उठाया कि सामाजिक दूरी, मास्क के साथ दो हजार फीट की दूरी मस्जिद में पांच आदमी से ज्यादा नहीं बैठ सकते हैं, पांच फीट की कार में पांच आदमी बैठकर घंटों सफर कर सकते हैं।
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बाजार में बसें, ट्रेनों के चलने के साथ बाजार खुल सकते हैं। पर मस्जिद में पांच से ज्यादा लोग नहीं आ सकते इसका क्या मतलब है। उलमाओं ने मांग की है कि जिस प्रकार से शादी समारोह में 50 लोगों की अनुमति दी जाती है। उसी प्रकार से मस्जिदों में कम से कम 50 लोगों की अनुमति दी जाए। इस दौरान मौलाना मोहम्मद शफी कासमी, मौलाना फारूक़ अली, मौलाना आदम मुस्तफा, मुफ़्ती तनवीर अहमद, कारी निसार अहमद, मौलाना आलम मुस्तफा, मुफ्ती कासिम रजी, मुफ़्ती नदीम अख्तर, मौलाना अमीन अख्तर, मौलाना अब्दुल रऊफ, मुफ़्ती हुजेफा नोमानी, मुफ़्ती मोहम्मद फारूक, मुफ़्ती ताहिर नदवी, क़ारी नईम आदि शामिल थे।
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कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन में मस्जिद के इमाम के साथ पांच लोग ही नमाज अदा कर रहे थे। आठ जून से धार्मिक स्थल खोलने के आदेश जारी हुए थे। उलमाओं की ओर से कुछ शंका समाधान के लिए बुधवार को एसपी सिटी कार्यालय पर बैठक बुलाई गई। उलमाओं ने मस्जिदों के लिए अलग से गाइडलाइन जारी किए जाने की मांग रखी।
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उन्होंने कहा कि शासन की ओर से जो गाइडलाइन जारी की गई है, वह सिर्फ मंदिरों के हिसाब से है। आलम मुस्तफा याकूबी ने कहा कि शहर के उलमा यह निर्णय ले चुके हैं कि जुमे की नमाज की व्यवस्था वही रहेगी जो लॉकडाउन के दौरान लागू थी। उलमाओं ने सवाल उठाया कि सामाजिक दूरी, मास्क के साथ दो हजार फीट की दूरी मस्जिद में पांच आदमी से ज्यादा नहीं बैठ सकते हैं, पांच फीट की कार में पांच आदमी बैठकर घंटों सफर कर सकते हैं।
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बाजार में बसें, ट्रेनों के चलने के साथ बाजार खुल सकते हैं। पर मस्जिद में पांच से ज्यादा लोग नहीं आ सकते इसका क्या मतलब है। उलमाओं ने मांग की है कि जिस प्रकार से शादी समारोह में 50 लोगों की अनुमति दी जाती है। उसी प्रकार से मस्जिदों में कम से कम 50 लोगों की अनुमति दी जाए। इस दौरान मौलाना मोहम्मद शफी कासमी, मौलाना फारूक़ अली, मौलाना आदम मुस्तफा, मुफ़्ती तनवीर अहमद, कारी निसार अहमद, मौलाना आलम मुस्तफा, मुफ्ती कासिम रजी, मुफ़्ती नदीम अख्तर, मौलाना अमीन अख्तर, मौलाना अब्दुल रऊफ, मुफ़्ती हुजेफा नोमानी, मुफ़्ती मोहम्मद फारूक, मुफ़्ती ताहिर नदवी, क़ारी नईम आदि शामिल थे।