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आंदोलन दो फाड़, कई दुुकानें खुलीं तो कही हड़ताल

Sun, 20 Mar 2016 11:20 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Sun, 20 Mar 2016 11:20 PM IST
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Two tearing movement, many shops open somewhere strike
हड़ताल के बावजूद सराफा बाजार चोरी छिपे खुलने लगा है
उत्पाद शुल्क और खरीदारी पर पैनकार्ड की अनिवार्यता के विरोध का स्वर कुछ मंद पड़ा है। आंदोलन में एकजुुट दिख रहे स्वर्णकार और सराफा व्यवसायी अलग-अलग हो गए हैं। आंदोलन बंटा तो अधिकांश दुुकानों के ताले खुल गए। एक ओर विरोध का मंच सजा तो दूसरी ओर दुकानों पर गहने। स्वर्णकार संघ ने एक्साइज को कारीगरों के लिए कम प्रभावी बताते हुए हड़ताल खोल दी और दुकानों पर काम किया। वहीं सराफा कमेटी मांगों को लेकर अड़ी रही और प्रतिष्ठान नहीं खोले। पिछले 19 दिन से शहर के प्रमुख इलाके में मंच सजाकर लगातार आंदोलन कर रहे कारोबारियों को कुछ उम्मीदें जगी हैं, वहीं मंच के ठीक सामने कृष्णापाड़ा में धड़ल्ले से सराफा बाजार में खरीदारी होती दिखी।
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बताते चलें केंद्र सरकार द्वारा आम  बजट में सराफा व्यापार पर उत्पाद शुल्क व पेनकार्ड की अनिवार्यता का  प्रस्ताव किया गया है। सराफा व्यापारी केंद्र सरकार के खिलाफ दो मार्च से  लगातार अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इसके बावजूद केंद्र सरकार द्वारा प्रस्ताव वापस लेने का कोई  आदेश नहीं किया। लंबे समय से प्रतिष्ठान बंद कर आंदोलन करना अब सराफा  व्यापारियों को अखरने लगा है। आंदोलन के कारण व्यापारियों को करोड़ों रुपये की चपत लग चुकी है।
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अब सराफा व्यापारी आंदोलन को लेकर दो फाड़ नजर आ  रहे हैं।
 रविवार को सदर बाजार में अलग नजारा दिखाई दिया। सदर  बाजार से लेकर घंटाघर तक सराफा व्यापारियों की दुकानें बंद थीं। व्यापारी  घंटाघर चौराहे पर मंच सजाकर केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे। मंच  पर मौजूद पदाधिकारी एक ओर पूरी ताकत से साथ आंदोलन को सफल बनाने का दावा कर  रहे थे, वहीं मंच से कुछ कदम की दूरी पर कृष्णापाड़ा की पूरी गली में  सराफा बाजार सजा हुआ था। दुकानों पर ग्राहक भी खरीदारी करते नजर आए।  दुकानों पर कारीगर सोने-चांदी के आभूषण बनाते दिखे।
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आनन-फानन में लगाए दुकानों के ताले
 घंटाघर चौराहे पर जहां आंदोलन का मंच सजा था, उसी मंच के पीछे सराफा व्यापारी दुकानें खोले नजर आए। जब कैमरे की फ्लैश चमकी तो दुकानदारों ने दुकानों पर ताले लगाने शुरू कर दिए। व्यापारी व कारीगर अपना कामकाज छोड़कर बैठ गए।

यहां भी खुला सराफा बाजार
कृष्णापाड़ा  के साथ कोटला रोड, जलेसर रोड, हिमायूंपुर, करबला में भी सराफा मार्केट  खुला नजर आया। सराफा दुकानों पर ग्राहक खरीदारी कर रहे थे। लंबी बंदी के  बाद प्रतिष्ठान खुलने से व्यापारियों के चेहरे पर राहत का भाव नजर आया।


कारीगरों, छोटे प्रतिष्ठानों पर प्रभाव कम : राजकुमार
स्वर्णकार संघ के अध्यक्ष राजकुमार वर्मा राजू ने बताया कि स्वर्णकार संघ के केंद्रीय नेतृत्व की संस्तुति पर रविवार को बाजार खोला गया। स्वर्णकार संघ ने कारीगरों की समस्याओं और त्योहार को देखते हुए कदम वापस लिए हैं। अधिकारों के लिए हम एकजुट हैं, नीतिगत मुद्दों पर हम आंदोलन करेंगे लेकिन अब निरंतर प्रतिष्ठान खोलेंगे। कोषाध्यक्ष जवाहर लाल वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार व्यापारियों को सहूलियतें दे अच्छा होगा।
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