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UP: झाड़ियों में फंसी हुई मिली थी लाश, 11 वर्ष पुराने हत्या के मामले में दो को आजीवन कारावास की सजा
Thu, 25 Jun 2026 07:50 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 25 Jun 2026 07:50 PM IST
सार
हत्या के मामले में पुलिस ने जांच के बाद मलिखान और दलवीर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी पाया। दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
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अदालत ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई (सांकेतिक)
- फोटो : ANI
विस्तार
फिरोजाबाद में 11 वर्ष पुराने भट्ठा श्रमिक हत्याकांड में दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। यह फैसला अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय विमल कुमार ने सुनाया। दोषियों मलिखान और दलवीर पर 55-55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड अदा न करने पर उन्हें तीन माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
यह मामला सिरसागंज थाना क्षेत्र का है, जो 31 अगस्त 2015 को दर्ज किया गया था। मैनपुरी के बनेगवां कसौली निवासी जयराम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका भाई शिवराम सिंह सिरसागंज में किराए के मकान में रहता था। 17 अगस्त 2015 को सरायशेख निवासी मलिखान और शिकोहाबाद के लखनपुर निवासी दलवीर शिवराम को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद शिवराम वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की। 19 अगस्त को आमौर पुल के पास एक शव बहते हुए देखने की जानकारी मिली। बाद में 22 अगस्त को शिवराम का शव इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र में झाड़ियों में फंसा मिला। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसके भाई शिवराम की गला दबाकर हत्या की गई है।
पुलिस ने यह मामला इटावा के बकेवर में दर्ज किया था। बाद में विवेचना सिरसागंज थाने को भेजी गई। सिरसागंज पुलिस ने जांच पूरी की। इसके बाद मलिखान और दलवीर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी पाया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय विमल कुमार के न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने हत्या के आरोप में मलिखान और दलवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उन्हें तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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यह मामला सिरसागंज थाना क्षेत्र का है, जो 31 अगस्त 2015 को दर्ज किया गया था। मैनपुरी के बनेगवां कसौली निवासी जयराम सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनका भाई शिवराम सिंह सिरसागंज में किराए के मकान में रहता था। 17 अगस्त 2015 को सरायशेख निवासी मलिखान और शिकोहाबाद के लखनपुर निवासी दलवीर शिवराम को अपने साथ ले गए थे। इसके बाद शिवराम वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी खोजबीन की। 19 अगस्त को आमौर पुल के पास एक शव बहते हुए देखने की जानकारी मिली। बाद में 22 अगस्त को शिवराम का शव इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र में झाड़ियों में फंसा मिला। पीड़ित ने आरोप लगाया था कि उसके भाई शिवराम की गला दबाकर हत्या की गई है।
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पुलिस ने यह मामला इटावा के बकेवर में दर्ज किया था। बाद में विवेचना सिरसागंज थाने को भेजी गई। सिरसागंज पुलिस ने जांच पूरी की। इसके बाद मलिखान और दलवीर के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोनों को दोषी पाया। अपर जिला जज त्वरित न्यायालय द्वितीय विमल कुमार के न्यायालय में इस मामले की सुनवाई हुई। न्यायालय ने हत्या के आरोप में मलिखान और दलवीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक दोषी पर 55 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड का भुगतान न करने पर उन्हें तीन माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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