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टीपी सिंह ने प्रांतीय अध्यक्ष को ठहराया जिम्मेदार
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Mon, 22 Feb 2016 10:00 PM IST
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भारतीय जनता पार्टी से निष्कासन के बाद आगरा-फीरोजाबाद सीट से एमएलसी प्रत्याशी रहे तेजेंद्र प्रताप सिंह उर्फ टीपी सिंह ने पार्टी नेताओं को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। उन्होंने पार्टी के प्रांतीय अध्यक्ष सहित बड़े पदाधिकारियों पर आरोप लगाए हैं।
उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के बी फ ार्म पर नौ फ रवरी की तारीख पड़ी हुई है। नौ तारीख को प्रत्याशी बनाए जाने के बावजूद इसकी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। नामांकन से मात्र 17 घंटे पहले प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना दी गई। ब्रजक्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल के द्वारा पार्टी के अधिवक्ता के द्वारा नामांकन पत्र तैयार कराने की बात कही गई थी। उन्हें साढे़ नौ बजे कार्यालय बुलाया गया और स्वयं प्रांतीय अध्यक्ष 11.30 बजे कार्यालय पहुंचे। इसके साथ ही उनके द्वारा बताए गए वकील ने भी नामांकन पत्र भरवाने से मना कर दिया। जब उनका अपहरण किया गया तो उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से थाने चलने की बात कहीं तो कोई भी जाने को तैयार नहीं हुआ और न ही सपा कार्यकर्ताओं की गुंडई के विरोध में किसी आंदोलन की भूमिका बनाई गई। उन्होंने कहा कि दोपहर करीब ढाई बजे उनके समर्थक जब नामांकन पत्र लेकर सह निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने उनके नामांकन फार्म को ही फाड़ दिया जो घटना कैमरे में भी कैद है। उन्हें अगवा कराने के पीछे पूरी रणनीति तैयार की गई थी। पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने ही उन्हें ज्यादा भीड़ न ले जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि बिना उनका पक्ष जाने ही उन्हें पार्टी से निकाले जाने का फरमान जारी कर दिया गया, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही हैं और पार्टी संगठन के फैसले का सम्मान करते हैं। वार्ता के दौरान विजेंद्र पाल सिंह, रवेंद्र पाल सिंह, सब्बीर खान, दिनेश पाल सिंह, यशपाल सिंह, वरुण प्रताप सिंह, अमरेंद्रपाल सिंह आदि थेे।
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उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के बी फ ार्म पर नौ फ रवरी की तारीख पड़ी हुई है। नौ तारीख को प्रत्याशी बनाए जाने के बावजूद इसकी उन्हें कोई सूचना नहीं दी गई। नामांकन से मात्र 17 घंटे पहले प्रत्याशी बनाए जाने की सूचना दी गई। ब्रजक्षेत्र के प्रांतीय अध्यक्ष पुरुषोत्तम खंडेलवाल के द्वारा पार्टी के अधिवक्ता के द्वारा नामांकन पत्र तैयार कराने की बात कही गई थी। उन्हें साढे़ नौ बजे कार्यालय बुलाया गया और स्वयं प्रांतीय अध्यक्ष 11.30 बजे कार्यालय पहुंचे। इसके साथ ही उनके द्वारा बताए गए वकील ने भी नामांकन पत्र भरवाने से मना कर दिया। जब उनका अपहरण किया गया तो उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से थाने चलने की बात कहीं तो कोई भी जाने को तैयार नहीं हुआ और न ही सपा कार्यकर्ताओं की गुंडई के विरोध में किसी आंदोलन की भूमिका बनाई गई। उन्होंने कहा कि दोपहर करीब ढाई बजे उनके समर्थक जब नामांकन पत्र लेकर सह निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे तो वहां पहले से मौजूद सपा कार्यकर्ताओं ने उनके नामांकन फार्म को ही फाड़ दिया जो घटना कैमरे में भी कैद है। उन्हें अगवा कराने के पीछे पूरी रणनीति तैयार की गई थी। पुरुषोत्तम खंडेलवाल ने ही उन्हें ज्यादा भीड़ न ले जाने की सलाह दी थी। उन्होंने कहा कि बिना उनका पक्ष जाने ही उन्हें पार्टी से निकाले जाने का फरमान जारी कर दिया गया, जो उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही हैं और पार्टी संगठन के फैसले का सम्मान करते हैं। वार्ता के दौरान विजेंद्र पाल सिंह, रवेंद्र पाल सिंह, सब्बीर खान, दिनेश पाल सिंह, यशपाल सिंह, वरुण प्रताप सिंह, अमरेंद्रपाल सिंह आदि थेे।
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