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Firozabad News: दो साल पहले लिया अनुदान, अभी तक नहीं लगाई इकाई
Fri, 22 Sep 2023 11:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 22 Sep 2023 11:55 PM IST
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फिरोजाबाद। पीएमजीईपी, ओडीओपी और मुख्यमंत्री स्वरोजगार कार्यक्रम के तहत सब्सिडी युक्त ऋण हासिल करने वाले उद्यमियों व कारोबारियों की जांच कराई जाएगी। हाल ही के दिनों में लाखों की सब्सिडी हासिल करने के बाद इकाई नहीं लगाने संबंधी मामले पकड़ में आने के बाद उद्योग विभाग ने बीते तीन साल में योजनाओं का लाभ लेने वाले लाभार्थियों का स्थलीय सर्वे शुरू करा दिया है।प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना एवं ओडीओपी योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2019-20 से लेकर वर्तमान वित्तीय वर्ष तक करीब 200 से ज्यादा लाभार्थियों को खुद की इकाई स्थापना के लिए उद्योग विभाग ने सब्सिडी युक्त ऋण सुविधा उपलब्ध कराई। उक्त सभी लाभार्थियों काे बीते तीन साल में राष्ट्रीयकृत बैंकों से वित्तीय मदद दिलाने के साथ ही लगभग दो करोड़ रुपये से ज्यादा का अनुदान भी दिलाया गया। लेकिन कुछ लाभार्थी विभाग द्वारा दिए अनुदान का दुरुप्रयोग कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ मामले पकड़ में आने के बाद जिले का उद्योग विभाग सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से सहायक प्रबंधकों व अन्य विभागीय अधिकारियों के नेतृत्व में टीमें गठित कर बीते तीन सालों में अलग-अलग योजनाओं का लाभ लेने वाले सभी लाभार्थियों की स्थलीय जांच शुरू करा दी हैं। इससे सब्सिडी लेने के बाद इकाई नहीं लगाने अथवा दुरुप्रयोग करने वाले लाभार्थियों में खलबली मच गई है।
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इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े प्रकरण सामने आने के बाद सतर्क हुआ विभाग
- थाना उत्तर क्षेत्र निवासी एक लाभार्थी ने वर्ष 2020-21 में पीएमजीईपी योजना के तहत सात लाख की लागत वाली प्रोजेक्ट रिपोर्ट के जरिए इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण हासिल किया। उद्योग विभाग द्वारा नियमानुसार सब्सिडी संबंधित बैंक को जारी कर दी। लेकिन स्थलीय सर्वे के दौरान उक्त इकाई मौके पर नहीं मिली। ऐसा ही एक मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र से जुड़ा है। इस प्रकरण में भी एक लाभार्थी को विभाग की ओर से 10 लाख की प्रोजेक्ट रिपोर्ट व ऋण राशि के आधार पर पीएमजीईपी योजना के तहत मिलने वाला अनुदान जारी किया गया। यह इकाई भी मौके पर नहीं मिली है।
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युवाओं व हुनरमंदों को अनुदानित ऋण सुविधा दिलाने का मुख्य उद्देश्य रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। शासकीय अनुदान का दुरुप्रयोग करने वालों के विरुद्ध सब्सिडी वापिस लेने की कार्रवाई करेंगे।
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दुष्यंत कुमार, उपायुक्त उद्योग
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इंडियन ओवरसीज बैंक से जुड़े प्रकरण सामने आने के बाद सतर्क हुआ विभाग
- थाना उत्तर क्षेत्र निवासी एक लाभार्थी ने वर्ष 2020-21 में पीएमजीईपी योजना के तहत सात लाख की लागत वाली प्रोजेक्ट रिपोर्ट के जरिए इंडियन ओवरसीज बैंक से ऋण हासिल किया। उद्योग विभाग द्वारा नियमानुसार सब्सिडी संबंधित बैंक को जारी कर दी। लेकिन स्थलीय सर्वे के दौरान उक्त इकाई मौके पर नहीं मिली। ऐसा ही एक मामला थाना मक्खनपुर क्षेत्र से जुड़ा है। इस प्रकरण में भी एक लाभार्थी को विभाग की ओर से 10 लाख की प्रोजेक्ट रिपोर्ट व ऋण राशि के आधार पर पीएमजीईपी योजना के तहत मिलने वाला अनुदान जारी किया गया। यह इकाई भी मौके पर नहीं मिली है।
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युवाओं व हुनरमंदों को अनुदानित ऋण सुविधा दिलाने का मुख्य उद्देश्य रोजगार व औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना है। शासकीय अनुदान का दुरुप्रयोग करने वालों के विरुद्ध सब्सिडी वापिस लेने की कार्रवाई करेंगे।
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दुष्यंत कुमार, उपायुक्त उद्योग