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विकास कराने की शर्त पर टैक्स देने को राजी हुए उद्यमी
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 26 Feb 2016 07:42 PM IST
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इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित कांच इकाइयों पर हाउस टैक्स देने के लिए उद्यमी नगर निगम द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया में विकास कार्य कराने की शर्त पर राजी हो गए हैं। नगर आयुक्त ने उद्यमियों को आश्वासन दिया है कि कांच इकाइयों पर स्वकर के अनुसार कम से कम टैक्स लिया जाएगा।
इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कांच इकाइयों पर टैक्स लगाने का मामला लंबे समय से अटका था। जिला उद्योग केंद्र द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया को अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे उद्यमियों में बेचैनी थी।
डीएम निधि केसरवानी के निर्देश पर जिला उद्योग केंद्र और नगर निगम के अफसर मामले को निस्तारण के प्रयास में थे। नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने शुक्रवार को उद्यमियों की बैठक बुलाई। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव सहित शहर के प्रमुख उद्यमी नगर निगम पहुंचे। उद्यमियों का कहना था कि इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए हमारी समिति है। हमारे पास विकास के लिए पर्याप्त धनराशि है। हम स्वयं इंडस्ट्रियल एरिया का विकास कराते हैं। नगर निगम द्वारा आजतक कोई कार्य नहीं कराया गया तो आखिर टैक्स किस बात का दें?
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टैक्स लगाने को लेकर अफसरों और उद्यमियों के बीच हॉट-टॉक की स्थिति रही। नगर आयुक्त ने कहा कि यहां लोगों द्वारा मनमाने रूप से टैक्स की दरें लगा दी गई थीं। इसका अध्ययन करने के बाद 60 से 70 प्रतिशत तक टैक्स की दरें काफी कम की गई हैं। कांच उद्योगों से आरसीसी और टिनशेड से कवर्ड एरिया का केवल हाउस टैक्स लिया जाएगा। वाटर टैक्स और जलमूल्य नहीं लगेगा। हम वहां विकास कार्य भी कराएंगे।
इसके बाद उद्यमी टैक्स देने को राजी हो गए। इस दौरान यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल, मोहन बाबू अग्रवाल, विजय नरूला, संजय अग्रवाल, मनोज मित्तल, सुरेंद्र विज, एमपीएस चौहान, संजय जैन बल्ले, आरडी सिंह, जयकिशोर शर्मा, शिवकुमार यादव आदि मौजूद थे।
बाक्स--
‘चौराहों का कराएं सौंदर्यीकरण’
नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने उद्यमियों ने अपील की कि वे शहर के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण कराएं। चौराहों पर एलईडी साइन बोर्ड लगवाएं। इससे शहर के विकास को गति मिल सके। कुछ उद्यमी चौराहों के सौंदर्यीकरण को राजी भी हुए।
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इंडस्ट्रियल एरिया स्थित कांच इकाइयों पर टैक्स लगाने का मामला लंबे समय से अटका था। जिला उद्योग केंद्र द्वारा इंडस्ट्रियल एरिया को अभी तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं किया गया। इसके बावजूद नगर निगम द्वारा टैक्स वसूली को नोटिस जारी किए जा रहे हैं। इससे उद्यमियों में बेचैनी थी।
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डीएम निधि केसरवानी के निर्देश पर जिला उद्योग केंद्र और नगर निगम के अफसर मामले को निस्तारण के प्रयास में थे। नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने शुक्रवार को उद्यमियों की बैठक बुलाई। उपायुक्त उद्योग सुधीर कुमार श्रीवास्तव सहित शहर के प्रमुख उद्यमी नगर निगम पहुंचे। उद्यमियों का कहना था कि इंडस्ट्रियल एरिया के विकास के लिए हमारी समिति है। हमारे पास विकास के लिए पर्याप्त धनराशि है। हम स्वयं इंडस्ट्रियल एरिया का विकास कराते हैं। नगर निगम द्वारा आजतक कोई कार्य नहीं कराया गया तो आखिर टैक्स किस बात का दें?
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टैक्स लगाने को लेकर अफसरों और उद्यमियों के बीच हॉट-टॉक की स्थिति रही। नगर आयुक्त ने कहा कि यहां लोगों द्वारा मनमाने रूप से टैक्स की दरें लगा दी गई थीं। इसका अध्ययन करने के बाद 60 से 70 प्रतिशत तक टैक्स की दरें काफी कम की गई हैं। कांच उद्योगों से आरसीसी और टिनशेड से कवर्ड एरिया का केवल हाउस टैक्स लिया जाएगा। वाटर टैक्स और जलमूल्य नहीं लगेगा। हम वहां विकास कार्य भी कराएंगे।
इसके बाद उद्यमी टैक्स देने को राजी हो गए। इस दौरान यूपीजीएमएस अध्यक्ष राजकुमार मित्तल, मोहन बाबू अग्रवाल, विजय नरूला, संजय अग्रवाल, मनोज मित्तल, सुरेंद्र विज, एमपीएस चौहान, संजय जैन बल्ले, आरडी सिंह, जयकिशोर शर्मा, शिवकुमार यादव आदि मौजूद थे।
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‘चौराहों का कराएं सौंदर्यीकरण’
नगर आयुक्त रामऔतार रमन ने उद्यमियों ने अपील की कि वे शहर के प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण कराएं। चौराहों पर एलईडी साइन बोर्ड लगवाएं। इससे शहर के विकास को गति मिल सके। कुछ उद्यमी चौराहों के सौंदर्यीकरण को राजी भी हुए।