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Firozabad News: छह साल उम्र का नियम बन रहा रोड़ा, परिषदीय स्कूलों में प्रवेश की चाल हुई धीमी
Tue, 16 Apr 2024 02:22 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 16 Apr 2024 02:22 AM IST
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फिरोजाबाद। कक्षा एक में प्रवेश को लेकर इस सत्र आया नया शासनादेश अभिभावकों के लिए परेशानी का कारण बन गया है। इस आदेश के अनुसार एक अप्रैल 2024 को छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले विद्यार्थी ही कक्षा एक में प्रवेश ले सकते हैं। इससे काफी बच्चे एक साल पिछड़ जाएंगे। इसके साथ ही परिषदीय स्कूल में छात्र संख्या भी नहीं बढ़ पा रही है। इधर, प्राइवेट स्कूल तो प्लेवे, एलकेजी कक्षा में प्रवेश ले रहे हैं।नौ अप्रैल को शासनादेश जारी हुआ था कि एक अप्रैल को जिन बच्चों की उम्र छह वर्ष पूरी हो गई है सिर्फ वह बच्चे ही कक्षा एक में प्रवेश ले सकते हैं। इस हिसाब से अगर किसी बच्चे की उम्र दो अप्रैल को भी छह वर्ष पूरी हो रही है तो उसको बाल वाटिका में ही प्रवेश मिलेगा। ऐसे विद्यार्थी अपने साथ के विद्यार्थियों से एक साल पिछड़ जाएंगे। इस तरह के तमाम मामले परिषदीय विद्यालयों में पहुंच रहे हैं। ऐसे मामलों में शिक्षक द्वारा अभिभावकों द्वारा समझा पाना भी मुश्किल हो रहा है। कई मामलों में तो अभिभावकों की शिक्षकों से कहासुनी भी हो गई है।
नया नियम अभिभावकों के साथ शिक्षकों के लिए भी मुसीबत बन गया है। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए गुरुजी घर-घर जा रहे हैं, लेकिन उम्र के नियम के कारण विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ पा रही है।
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मैं अपनी बेटी का दखिला कक्षा एक में कराने के लिए परिषदीय स्कूल गया था। मेरी बेटी की उम्र एक अप्रैल को छह वर्ष पूरी होने में कुछ माह कम हैं। इस कारण मेरी बच्ची का दाखिला कक्षा एक में नहीं हो सका। प्रधानाध्यापक ने बताया कि नियमानुसार छह पर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश कक्षा एक में नहीं हो सकता है।कायम सिंह, अभिभावक
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मुझे अपनी बच्ची का प्रवेश कक्षा एक में परिषदीय विद्यालय में कराना है। इसके लिए मैं विद्यालय गया तो पता चला कि एक अप्रैल को बच्चे की उम्र छह वर्ष होनी चाहिए। इस वजह से मेरी बच्ची का प्रवेश कक्षा एक में नहीं हो सका है।
दुर्वेद्र सिंह, अभिभावक
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शासनादेश के अनुसार एक अप्रैल को छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को ही कक्षा एक में प्रवेश दिया जा सकता है। छह साल से कम उम्र वाले बच्चों को बाल वाटिका में ही प्रवेश दिया जाएगा।
आशीष पांडेय, बीएसए
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नया नियम अभिभावकों के साथ शिक्षकों के लिए भी मुसीबत बन गया है। छात्र संख्या बढ़ाने के लिए गुरुजी घर-घर जा रहे हैं, लेकिन उम्र के नियम के कारण विद्यालयों में छात्र संख्या नहीं बढ़ पा रही है।
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मैं अपनी बेटी का दखिला कक्षा एक में कराने के लिए परिषदीय स्कूल गया था। मेरी बेटी की उम्र एक अप्रैल को छह वर्ष पूरी होने में कुछ माह कम हैं। इस कारण मेरी बच्ची का दाखिला कक्षा एक में नहीं हो सका। प्रधानाध्यापक ने बताया कि नियमानुसार छह पर्ष से कम आयु के बच्चों का प्रवेश कक्षा एक में नहीं हो सकता है।कायम सिंह, अभिभावक
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मुझे अपनी बच्ची का प्रवेश कक्षा एक में परिषदीय विद्यालय में कराना है। इसके लिए मैं विद्यालय गया तो पता चला कि एक अप्रैल को बच्चे की उम्र छह वर्ष होनी चाहिए। इस वजह से मेरी बच्ची का प्रवेश कक्षा एक में नहीं हो सका है।
दुर्वेद्र सिंह, अभिभावक
शासनादेश के अनुसार एक अप्रैल को छह वर्ष की आयु पूरी करने वाले बच्चों को ही कक्षा एक में प्रवेश दिया जा सकता है। छह साल से कम उम्र वाले बच्चों को बाल वाटिका में ही प्रवेश दिया जाएगा।
आशीष पांडेय, बीएसए