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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Firozabad News ›   The revised proposal preparation to protest

संशोधित प्रस्ताव के भी विरोध की तैयारी

Tue, 14 Apr 2015 10:40 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद Updated Tue, 14 Apr 2015 10:40 PM IST
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 नगर निगम द्वारा स्वकर की भले ही संशोधित दरें 40-50 फीसदी कम करने का प्रस्ताव तैयार कर मंजूरी के लिए शासन को पत्र भेजा गया हो लेकिन नगर निगम द्वारा संशोधित दरों में भी मनमानी की गई है। नगर निगम द्वारा लागू की जा रही संशोधित दरें सुविधाओं की अपेक्षा अभी भी कई महानगरों से अधिक हैं।
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शासन द्वारा नगर पालिका को चार अक्तूबर को नगर निगम का दर्जा दिया गया था। नगर निगम बनने के आठ-नौ माह बाद भी जनता व्यापारियों को सफाई, सड़क, जलभराव, प्रकाश व्यवस्था जैसी कोई सुविधा मुहैया नहीं कराई गई। इसके बावजूद नगर निगम के नाम स्वकर लागू कर जनता को टैक्स बोझ डाल दिया गया। यही नहीं प्रदेश के लखनऊ, बनारस, झांसी, आगरा, अलीगढ़ से अधिक टैक्स की दरें लागू कर दबंगई के साथ जनता से टैक्स वसूली गई है। इसका जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों द्वारा विरोध किया गया, लेकिन निगम ने कोई संज्ञान नहीं लिया। मामला विधानसभा में भी गूंजा। नगर विधायक ने महानगरों से तुलनात्मक टैक्स के आंकड़े प्रस्तुत किए। इसके बाद नगर निगम प्रशासन की नींद टूटी और आनन-फानन में 40 से 50 फीसदी तक संशोधित दरें लागू करने प्रस्ताव दिया गया लेकिन अभी जनप्रतिनिधि एवं व्यापारियों का आक्रोश नहीं थम रहा है। व्यापारियों का कहना है कि यहां तो नगर निगम बने अभी मात्र आठ-नौ माह हुए हैं। आज भी संशोधित दरें अन्य महानगरों की तुलना में अधिक हैं। लेबर क्लास सिटी के अनुसार संशोधित दरें लागू करने के लिए लड़ाई जारी रखी जाएगी।
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नगर निगम द्वारा दी जा रही सुविधाएं शून्य हैं। स्वकर के नाम पर आमजन, व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। इसका लगातार विरोध किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा संशोधित दरें तैयार की गई हैं, जो गलत हैं। यहां लेबर क्लास सिटी के हिसाब से दरें लागू की जानी चाहिए। व्यापारियों को यह कतई मंजूर नहीं है। हम इसका कड़ा विरोध करेंगे।
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रविंद्रलाल तिवारी
यहां नगर निगम के नाम पर अभी कुछ नहीं हैं। नगर निगम द्वारा भले ही दरें संशोधित कर दी गई हैं। इसके बावजूद यहां जनता के लिए पानी, सड़क, सफाई जैसी कोई सुविधा नहीं है। व्यापार मंडल को संशोधित दरें मंजूर नहीं है, अभी दरें और कम होनी चाहिए, इसके लिए व्यापार मंडल विरोध जारी रहेगा।

मनोज गुप्ता

फिर विरोध दर्ज कराएंगे असीजा
संशोधित प्रस्ताव में भी आंकड़ों का खेल है, जिसका असर श्रमिक बहुल बस्तियों पर पडे़गा। नगर विधायक मनीष असीजा ने पुन: पुरजोर विरोध की तैयारी कर ली है। वह फिर विधानसभा में मामला उठाएंगे। नगर विकास मंत्री से मिलेंगे। फीरोजाबाद नगर निगम और अन्य नगर निगमों का भौगोलिक, आर्थिक और अन्य बिंंदुओं पर अंतर बताएंगे। शासन को समझाएंगे कि यह शहर श्रमिक बहुल है, मेट्रो सिटी जैसा महानगर नहीं है। यहां दरें श्रमिकों और गरीब जनता को ध्यान में रख कर तय की जाएं।
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