{"_id":"4a6790c8aaac967873721cf05e0fd6cf","slug":"the-principal-of-the-government-to-honor-the-rigged-up-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकार से सम्मान पाने को प्रधानाचार्य ने किया फर्जीबाड़ा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकार से सम्मान पाने को प्रधानाचार्य ने किया फर्जीबाड़ा
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Wed, 11 Mar 2015 11:09 PM IST
विज्ञापन
पूर्व प्रधानाचार्य ने सरकार से सम्मान पाने के लिए डीआईओएस का फर्जी पत्र तैयार कर आला शिक्षाधिकारियों को भेज दिया। इसकी जानकारी विद्यालय के पूर्व प्रबंधक को हुई तो उन्होंने आरटीआई के माध्यम से जानकारी जुटाते हुए गुरूजी की पोल खोल दी। जिलाधिकारी के आदेश पर पूर्व प्रधानाचार्य के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करायी है।
फर्जीबाडे़ का मामला गांव उसायनी स्थित दीनबंधु इंटर कालेज से जुड़ा है। विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात सतीशचंद्र शर्मा निवासी ग्राम नागऊ ने प्रदेश सरकार से शिक्षा के क्षेत्र में मिलने वाले सम्मान को पाने के लिए सितंबर 2013 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक जेएस शाक्य के फर्जी हस्ताक्षर कर अपने आप को सम्मान दिलाने की स्वीकृति करते हुए, अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय को पत्र भेज दिया। पत्र की जानकारी होने पर महावीर नगर, फीरोजाबाद निवासी कमलदा गंगवाल ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सम्मान दिलाने को भेजे गए पत्र की जानकारी मांगी तो उन्होंने ऐसा कोई पत्र जारी न करने की सूचना उपलब्ध कराई।
पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने पूरे जांच उपजिलाधिकारी टूंडला को सौंप दी। एसडीएम द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रधानाचार्य को फर्जीबाड़े में दोषी पाया। सतीशचंद्र शर्मा 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने वाले प्रधानाचार्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के आदेश कर दिए। इसके आधार पर जवाहरलाल नेहरू शिक्षा संस्थान उसायनी के मंत्री व पूर्व प्रबंधक कमलदा गंगवाल ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
फर्जीबाडे़ का मामला गांव उसायनी स्थित दीनबंधु इंटर कालेज से जुड़ा है। विद्यालय में प्रधानाचार्य के पद पर तैनात सतीशचंद्र शर्मा निवासी ग्राम नागऊ ने प्रदेश सरकार से शिक्षा के क्षेत्र में मिलने वाले सम्मान को पाने के लिए सितंबर 2013 में तत्कालीन जिला विद्यालय निरीक्षक जेएस शाक्य के फर्जी हस्ताक्षर कर अपने आप को सम्मान दिलाने की स्वीकृति करते हुए, अपर शिक्षा निदेशक कार्यालय को पत्र भेज दिया। पत्र की जानकारी होने पर महावीर नगर, फीरोजाबाद निवासी कमलदा गंगवाल ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय से सम्मान दिलाने को भेजे गए पत्र की जानकारी मांगी तो उन्होंने ऐसा कोई पत्र जारी न करने की सूचना उपलब्ध कराई।
विज्ञापन
पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया। जिलाधिकारी ने पूरे जांच उपजिलाधिकारी टूंडला को सौंप दी। एसडीएम द्वारा जिलाधिकारी को भेजी गई जांच रिपोर्ट में प्रधानाचार्य को फर्जीबाड़े में दोषी पाया। सतीशचंद्र शर्मा 30 जून 2014 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जिलाधिकारी ने फर्जी प्रमाण-पत्र तैयार करने वाले प्रधानाचार्य के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने के आदेश कर दिए। इसके आधार पर जवाहरलाल नेहरू शिक्षा संस्थान उसायनी के मंत्री व पूर्व प्रबंधक कमलदा गंगवाल ने प्रधानाचार्य के विरुद्ध मामला दर्ज किया है।
विज्ञापन