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Firozabad News: प्राकृतिक गैस की कालाबाजारी का चल रहा खेल
Mon, 25 Sep 2023 12:20 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:20 AM IST
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फिरोजाबाद। कांच नगरी के औद्योगिक आस्थानों में कुछ इकाइयों में सस्ती दर वाली प्राकृतिक गैस के दुरुपयोग की आशंका है। कुछ फैक्टरी संचालक सस्ती दर की गैस को मनमाने तरीके से चोरी छिपे एक से दूसरी इकाई में बेचने का खेल कर रहे हैं।
फिरोजाबाद, मक्खनपुर और यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान में संचालित कांच व चूड़ी इकाइयों को सस्ती दर वाली एपीएम (एडमिनिस्टर्ड प्राइज मैकेनिजम) गैस दी जा रही है। शिकायतों के अनुसार गैस सप्लाई के लिए गेल द्वारा निर्धारित शर्तों को ताक पर रख कुछ इकाइयां अपने आसपास स्थित अन्य इकाइयों में चोरी-छिपे गैस सप्लाई दे रही हैं। शहरी सीमा से सटे मीरा चौराहा के आसपास संचालित एक कांच इकाई में मेंटेनेंस कार्य के चलते कामबंदी के दौरान बराबर में सटी एक अन्य इकाइयों को अनुबंधित गैस की सप्लाई किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसी तरह मक्खनपुर स्थित चूड़ी इकाई के संबंध में दर्ज कराई गई है। शिकायत कर्ता सुरेश चंद्र ने गेल अफसरों से मामले की जांच कराने की मांग की है।
अनुबंध से जुड़े कई अन्य बिंदु पर भी ताक पर-
कांच उद्योग को दी जा रही नेचुरल गैस की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए गेल प्रशासन द्वारा कुछ शर्त व नियम निर्धारित किए हैं। नियमानुसार अनुबंधित गैस की सप्लाई इकाई परिसर से बाहर किसी अन्य को नहीं दी जा सकती है। अगर किसी एक भूखंड पर दो फैक्टरी संचालित हैं। वे फैक्टरियां भी एक दूसरे को गैस का आदान प्रदान नहीं कर सकतीं है। इस नियम का उल्लंघन कांच नगरी में संचालित कई इकाइयों में किया जा रहा है।
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उद्यमियों निष्प्रयोज्य गैस वंचितों को देने की मांग की
उद्यमियों का कहना है कि जो इकाइयां मेंटेनेंस अथवा अन्य कारणों से उत्पादन नहीं कर रहीं है। उन इकाइयों के बंदी काल अवशेष गैस को वंचित इकाइयों को दिया जाना न्यायोचित है।
- कांच इकाइयों में अनुबंध के विरुद्ध एक दूसरे को गैस ट्रांसफर किए जाने का मामला गंभीर है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कराकर संबंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आशीष केसरवानी, प्रबंधक विपणन
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फिरोजाबाद, मक्खनपुर और यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान में संचालित कांच व चूड़ी इकाइयों को सस्ती दर वाली एपीएम (एडमिनिस्टर्ड प्राइज मैकेनिजम) गैस दी जा रही है। शिकायतों के अनुसार गैस सप्लाई के लिए गेल द्वारा निर्धारित शर्तों को ताक पर रख कुछ इकाइयां अपने आसपास स्थित अन्य इकाइयों में चोरी-छिपे गैस सप्लाई दे रही हैं। शहरी सीमा से सटे मीरा चौराहा के आसपास संचालित एक कांच इकाई में मेंटेनेंस कार्य के चलते कामबंदी के दौरान बराबर में सटी एक अन्य इकाइयों को अनुबंधित गैस की सप्लाई किए जाने की शिकायत सामने आई थी। इसी तरह मक्खनपुर स्थित चूड़ी इकाई के संबंध में दर्ज कराई गई है। शिकायत कर्ता सुरेश चंद्र ने गेल अफसरों से मामले की जांच कराने की मांग की है।
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अनुबंध से जुड़े कई अन्य बिंदु पर भी ताक पर-
कांच उद्योग को दी जा रही नेचुरल गैस की सप्लाई को सुचारू रखने के लिए गेल प्रशासन द्वारा कुछ शर्त व नियम निर्धारित किए हैं। नियमानुसार अनुबंधित गैस की सप्लाई इकाई परिसर से बाहर किसी अन्य को नहीं दी जा सकती है। अगर किसी एक भूखंड पर दो फैक्टरी संचालित हैं। वे फैक्टरियां भी एक दूसरे को गैस का आदान प्रदान नहीं कर सकतीं है। इस नियम का उल्लंघन कांच नगरी में संचालित कई इकाइयों में किया जा रहा है।
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उद्यमियों निष्प्रयोज्य गैस वंचितों को देने की मांग की
उद्यमियों का कहना है कि जो इकाइयां मेंटेनेंस अथवा अन्य कारणों से उत्पादन नहीं कर रहीं है। उन इकाइयों के बंदी काल अवशेष गैस को वंचित इकाइयों को दिया जाना न्यायोचित है।
- कांच इकाइयों में अनुबंध के विरुद्ध एक दूसरे को गैस ट्रांसफर किए जाने का मामला गंभीर है। अगर कोई शिकायत आती है तो जांच कराकर संबंधित इकाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। - आशीष केसरवानी, प्रबंधक विपणन