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पुलिस बनी सरपंच, चौकी से छोड़े मुन्नाभाई
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 20 Feb 2016 06:44 PM IST
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नकल विहीन परीक्षा की कवायद को पुलिस पलीता लगा रही है। जिले में बोर्ड परीक्षाएं इस बार पूरी तरह मजाक बन गई है। कालेजों में खुलेआम नकल हो रही है और मुन्नाभाई भी परीक्षार्थी है। शनिवार को केंद्र व्यवस्थापक ने दो मुन्नाभाई पकड़े। पुलिस उन्हें चौकी लाई और पंचायत कर मामले को निपटाकर दोनों मुन्ना भाइयों को छोड़ दिया। वहीं जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बोर्ड परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थियों को कब्जे में लेने के बाद उन्हें छोड़ने की पैरवी की।
शनिवार को डीएवी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट हिंदी द्वितीय प्रश्न पत्र का पेपर था। यहां निरीक्षण कर रहे केंद्र व्यवस्थापक उपेंद्र नाथ शर्मा ने एक छात्र का फोटो मिलान किया तो वीरपाल की जगह परीक्षा देने आए पचवान निवासी अरविंद को पकड़ लिया। वहीं, सघनता से चेकिंग की गई तो अरविंद की जगह गांव रुदऊ निवासी विनोद कुमार परीक्षा दे रहा था। केंद्र व्यवस्थापक ने पकड़े दोनों मुन्ना भाइयों को सेक्टर मजिस्ट्रेट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. धनुर्धर द्विवेदी के हवाले कर दिया। उन्होंने कॉलेज में पुलिस बुलाई तो पुलिसकर्मी छात्र को थाने ले जाने के स्थान पर चौकी पर ले गई। इसके बाद चौकी में पंचायत हुई और पुलिस ने बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एसआई गुलाब सिंह का कहना है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कहने पर छात्रों को छोड़ा गया है। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि ये परीक्षार्थी हिंदी प्रश्न पत्र की परीक्षा दे चुके हैं लेकिन दूसरी परीक्षा में इन्हें दबोच लिया गया। उन्होंने बताया कि यह पेपर देने का व्यवसायीकरण करते हैं। पांच हजार रुपये में दूसरे की जगह पेपर देने आते हैं। अभ्यर्थियों ने सन 2014 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली है।
केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिए जाएंगे कि वे फर्जी छात्रों के विरुद्ध एफआईआर कराएं। पुलिस को उनके गांव जानकारी करने भेजा गया है कि छात्र फर्जी है अथवा असली।
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डॉ धनुर्धर द्विवेदी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी
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शनिवार को डीएवी इंटर कॉलेज में इंटरमीडिएट हिंदी द्वितीय प्रश्न पत्र का पेपर था। यहां निरीक्षण कर रहे केंद्र व्यवस्थापक उपेंद्र नाथ शर्मा ने एक छात्र का फोटो मिलान किया तो वीरपाल की जगह परीक्षा देने आए पचवान निवासी अरविंद को पकड़ लिया। वहीं, सघनता से चेकिंग की गई तो अरविंद की जगह गांव रुदऊ निवासी विनोद कुमार परीक्षा दे रहा था। केंद्र व्यवस्थापक ने पकड़े दोनों मुन्ना भाइयों को सेक्टर मजिस्ट्रेट जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी डॉ. धनुर्धर द्विवेदी के हवाले कर दिया। उन्होंने कॉलेज में पुलिस बुलाई तो पुलिसकर्मी छात्र को थाने ले जाने के स्थान पर चौकी पर ले गई। इसके बाद चौकी में पंचायत हुई और पुलिस ने बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। एसआई गुलाब सिंह का कहना है कि जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी के कहने पर छात्रों को छोड़ा गया है। केंद्र व्यवस्थापक ने बताया कि ये परीक्षार्थी हिंदी प्रश्न पत्र की परीक्षा दे चुके हैं लेकिन दूसरी परीक्षा में इन्हें दबोच लिया गया। उन्होंने बताया कि यह पेपर देने का व्यवसायीकरण करते हैं। पांच हजार रुपये में दूसरे की जगह पेपर देने आते हैं। अभ्यर्थियों ने सन 2014 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास कर ली है।
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केंद्र व्यवस्थापक को निर्देश दिए जाएंगे कि वे फर्जी छात्रों के विरुद्ध एफआईआर कराएं। पुलिस को उनके गांव जानकारी करने भेजा गया है कि छात्र फर्जी है अथवा असली।
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डॉ धनुर्धर द्विवेदी
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी