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अमेरिका में भारतीयों पर हमले से सुहागनगरी के परिवार चिंतित

Sat, 25 Feb 2017 11:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद
ब्यूरो, अमर उजाला फिरोजाबाद Updated Sat, 25 Feb 2017 11:27 PM IST
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The family concerned by attacks on Indians in America Suhagnagri
अमेरिका में रह रहे बेटे के प्रति चिंतित हैं माता-पिता।
अमेरिका में भारतीय इंजीनियर की हत्या और नस्लीय टिप्पणी के बाद शनिवार को सुहागनगरी के उन परिवारों में चिंता नजर आईं, जिनके पुत्र-पुत्री अमेरिका में रहते हैं। किसी का बेटा सॉफ्टवेयर इंजीनियर है तो कोई परिवार के साथ रह रहा है। सुहागनगरी में मौजूद परिवार के सदस्य उनसे संपर्क साधने में जुटे हैं। ‘अमर उजाला’ ने ऐसे परिवारों से बात की तो उनका तर्क था ट्रंप के राष्ट्रपति बनने के बाद से ही भारतीय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हमारे देश की सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिए।
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अमेरिका के कन्सास शहर में हैदराबाद निवासी इंजीनियर श्रीनिवास कुचिभोतला की गोली मारकर हत्या की घटना के बाद सुहागनगरी के परिवार चिंतित हैं। दाऊदयाल कालेज की सेवानिवृत्त लाइब्रेरियन कंचन वार्ष्णेय एवं उनके पति रामप्रकाश वार्ष्णेय इंजीनियर का बड़ा बेटा अमित वार्ष्णेय विप्रो कंपनी में इंजीनियर हैं और वह पत्नी टीना के साथ नॉर्थ कैरोलीना में रहता है तो छोटा बेटा अजित वार्ष्णेय भी पत्नी प्रभांशी वार्ष्णेय के साथ अमेरिका में ही रहता है। कंचन वार्ष्णेय कहती हैं कि ट्रंप सरकार आने के बाद भारतीय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। डिपेंडेंड के रूप में पत्नी के अलावा मां-पिता को तो बीजा मिलना चाहिए। यहां दिन एवं वहां रात्रि होने के कारण बात नहीं हो सकी। एक दो दिन पहले बात हुई थी। इस तरह की घटनाएं दिल को झकझोर देती हैं।
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नई बस्ती निवासी चूड़ी कारोबारी राहुल जैन के भाई मनोज जैन (36) पुत्र सुरेशचंद्र जैन इसौली वाले भी अमेरिका के वर्जीनिया शहर में सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं। अमेरिका में भारतीयों पर हमले की सुनकर राहुल की मां पद्मादेवी जैन काफी चिंतित हैं। पद्मा के साथ ही पुत्रवधू बबीता जैन, सुंदरी जैन निकलंक, स्तुति और हर्ष जैन भी परेशान नजर आए। यही बोले की केंद्र सरकार को भारतीयों की सुरक्षा के संबंध में बात करनी चाहिए।
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सिरसागंज निवासी कुसुम जैन और लालचंद्र जैन के पुत्र उदित जैन अमेरिका में हैं। समाचार पत्र में पढ़ने के बाद उन्हें भी चिंता होने लगीं। महावीर नगर निवासी पीयूष जैन के पुत्र भी ऋषभ अमेरिका में हैं।  उन्होंने फोन कर बेटे का हालचाल पूछा। मयंक भटनागर के मामा, रिश्ते में लगने वाले भाई यूएसए में हैं। उन्होंने भी सुनकर चिंता प्रकट की।

टूंडला के द्वारिकापुरम निवासी रिटायर्ड रेलकर्मी डीपी सिंह का इंजीनियर पुत्र हिमांशु सिंह (27) कैलिफॉर्निया में टाटा कंसल्टिंग सर्विस में नौकरी करता है। इंजीनियर हिमांशु के पिता डीपी सिंह ने बताया कि 17 अगस्त 2014 को बेटा अमेरिका नौकरी पर गया तो बेहद खुश थे लेकिन ट्रंप सरकार बनने के बाद से  परेशानियां बढ़ गई हैं। हिमांशु की शादी का रिश्ता होने वाला है और वह जनवरी में आने वाला था लेकिन नहीं आ सका। उन्होंने कहा कि ट्रंप सरकार ने गैर अमेरिकी नागरिकों के लिए नियमों में फेरबदल किया है। इधर, इंजीनियर हिमांशु सिंह ने फोन पर संक्षिप्त वार्ता में बताया वह वहां ठीक और सुरक्षित हैं। कंपनी ने उन्हें विशेष आई कार्ड दिए हैं।

 
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