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Firozabad News: साहब के इंतजार में कटी फरियादियों की दोपहर
Mon, 05 Jan 2026 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Mon, 05 Jan 2026 11:40 PM IST
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सदर तहसील में शिकायतों को सुनते डीएम रमेश रंजन,साथ में एसएसपी सौरभ दीक्षित। स्रोत सूचना विभाग
- फोटो : सदर तहसील में शिकायतों को सुनते डीएम रमेश रंजन,साथ में एसएसपी सौरभ दीक्षित। स्रोत सूचना विभाग
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। सोमवार को कड़ाके की ठंड सिर्फ हड्डियों में गलन ही नहीं पैदा कर रही थी, बल्कि तहसील की दहलीज पर न्याय की उम्मीद में बैठे फरियादियों के सब्र का इम्तिहान भी ले रही थी। संपूर्ण समाधान दिवस पर जिले भर से 132 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन शाम तक सिर्फ 30 के चेहरे पर ही मुस्कान लौट सकी। बाकी 102 फरियादियों को अगले एक हफ्ते का वही पुराना आश्वासन लेकर घर लौटना पड़ा।
सदर तहसील में नजारा कुछ अलग था। जिलाधिकारी रमेश रंजन एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण उनकी कुर्सी दोपहर 12:30 बजे तक खाली रही। एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह मोर्चा संभाले हुए थे, लेकिन फरियादी टकटकी लगाए दरवाजे को देख रहे थे। उनका कहना था कि छोटे साहब फाइल तो ले लेते हैं, पर काम नहीं होता। इसीलिए बड़े साहब (डीएम) का इंतज़ार कर रहे हैं।
दोपहर को जैसे ही डीएम रमेश रंजन पहुंचे, शिकायतों का अंबार लग गया। उन्होंने तुरंत राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाने का ब्रह्मास्त्र चलाया ताकि नाली, खरंजा, पेंशन और राशन कार्ड जैसे जमीनी झगड़ों का मौके पर निपटारा हो सके। सदर तहसील में 51 में से 15 शिकायतों का निस्तारण किया।
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फिरोजाबाद। सोमवार को कड़ाके की ठंड सिर्फ हड्डियों में गलन ही नहीं पैदा कर रही थी, बल्कि तहसील की दहलीज पर न्याय की उम्मीद में बैठे फरियादियों के सब्र का इम्तिहान भी ले रही थी। संपूर्ण समाधान दिवस पर जिले भर से 132 लोग अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे, लेकिन शाम तक सिर्फ 30 के चेहरे पर ही मुस्कान लौट सकी। बाकी 102 फरियादियों को अगले एक हफ्ते का वही पुराना आश्वासन लेकर घर लौटना पड़ा।
सदर तहसील में नजारा कुछ अलग था। जिलाधिकारी रमेश रंजन एक महत्वपूर्ण बैठक में व्यस्त थे, जिसके कारण उनकी कुर्सी दोपहर 12:30 बजे तक खाली रही। एसडीएम सदर सतेंद्र सिंह मोर्चा संभाले हुए थे, लेकिन फरियादी टकटकी लगाए दरवाजे को देख रहे थे। उनका कहना था कि छोटे साहब फाइल तो ले लेते हैं, पर काम नहीं होता। इसीलिए बड़े साहब (डीएम) का इंतज़ार कर रहे हैं।
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दोपहर को जैसे ही डीएम रमेश रंजन पहुंचे, शिकायतों का अंबार लग गया। उन्होंने तुरंत राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम बनाने का ब्रह्मास्त्र चलाया ताकि नाली, खरंजा, पेंशन और राशन कार्ड जैसे जमीनी झगड़ों का मौके पर निपटारा हो सके। सदर तहसील में 51 में से 15 शिकायतों का निस्तारण किया।
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