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Firozabad News: टेंडर खुल गए, लेकिन अधूरे पड़े यूपीसीडा आस्थान के प्रमुख कार्य
Fri, 14 Jul 2023 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 14 Jul 2023 12:10 AM IST
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फिरोजाबाद। करोड़ों रुपये वार्षिक रखरखाव शुल्क देने के बाद भी यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर इकाई संचालित कर रहे उद्यमियों की परेशानी बरकरार है। यूपीसीडा अफसरों की लचर कार्य प्रणाली की वजह से टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अभी अधूरे पड़े हैं। उद्यमियों ने पूरे प्रकरण की बिंदुवार रिपोर्ट अब सीधे मुख्यमंत्री को भेजी है।
उद्यमियों ने यूपीसीडा अफसराें के दावों के विपरीत कई खस्ताहाल सड़कों का उल्लेख भी अपने शिकायती पत्र में किया है। यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर इकाई संचालित कर रहे उद्यमी हर साल मरम्मत शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये यूपीसीडा को भुगतान करते हैं। रखरखाव शुल्क देने के बाद भी प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सड़कों की खस्ताहालत के अलावा सड़क पटरी पर इंटरलॉकिंग का अभाव उद्यमियों की समस्या को बढ़ा रहा है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उद्यमियों ने अब सीधे मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। उद्यमियों की शिकायत है कि टेंडर प्रक्रिया पुरी होने के बाद भी कई कार्य अभी भी अधर में लटके हैं। इसका प्रमुख कारण यूपीसीडा क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात अफसरों की लचर कार्य प्रणाली है। जिसके चलते ठेकेदार अथवा कार्यदायी संस्थाएं टेंडर में दर्ज शर्त व गुणवत्ता के अनुरूप काम नहीं कर रहीं हैं।
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टेंडर होने के बाद अभी अधूरे पड़े कई कार्य
-औद्योगिक आस्थान की प्रमुख नाली-नालों की सफाई
-स्ट्रीट लाइटों पर लगने वाले टाइमर का काम
-5 नवनिर्मित सड़काें के सहारे पटरी पर इंटरलॉकिंग कार्य
-उद्यमियों और श्रमिकों की सुविधा के लिए सुलभ शौचालय का काम
-5 ब्लॉक सी और ई में खस्ता हालत में पड़ीं चार प्रमुख सड़कें
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औद्योगिक क्षेेत्र में नाला सफाई के लिए एक साल पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन यह कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। सुलभ शौचालय काम का समय से पूरा नहीं हुआ, स्ट्रीट लाइटों पर टाइमर का काम अधूरा। यह सब अव्यवस्थाएं यूपीसीडा अफसरों की अनदेखी का परिणाम है। दिनेश कुमार शर्मा कोषाध्यक्ष द ऑनर्स ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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नाला सफाई के लिए टेंडर कई बार निकाले, लेकिन कोेई ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है। जो सड़के अधूरी हैं, उनके लिए दोबारा टेंडर निकालेंगे, सुलभ शौचालय निर्माण कराने को भी समय शेष हैै।
श्योंदान सिंह, एक्सईन व रखरखाव प्रभारी यूपीसीडा आगरा क्षेत्र
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उद्यमियों ने यूपीसीडा अफसराें के दावों के विपरीत कई खस्ताहाल सड़कों का उल्लेख भी अपने शिकायती पत्र में किया है। यूपीसीडा के औद्योगिक आस्थान जलेसर रोड पर इकाई संचालित कर रहे उद्यमी हर साल मरम्मत शुल्क के रूप में करोड़ों रुपये यूपीसीडा को भुगतान करते हैं। रखरखाव शुल्क देने के बाद भी प्रकाश व्यवस्था, साफ-सफाई और सड़कों की खस्ताहालत के अलावा सड़क पटरी पर इंटरलॉकिंग का अभाव उद्यमियों की समस्या को बढ़ा रहा है। स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उद्यमियों ने अब सीधे मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजा है। उद्यमियों की शिकायत है कि टेंडर प्रक्रिया पुरी होने के बाद भी कई कार्य अभी भी अधर में लटके हैं। इसका प्रमुख कारण यूपीसीडा क्षेत्रीय कार्यालय में तैनात अफसरों की लचर कार्य प्रणाली है। जिसके चलते ठेकेदार अथवा कार्यदायी संस्थाएं टेंडर में दर्ज शर्त व गुणवत्ता के अनुरूप काम नहीं कर रहीं हैं।
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टेंडर होने के बाद अभी अधूरे पड़े कई कार्य
-औद्योगिक आस्थान की प्रमुख नाली-नालों की सफाई
-स्ट्रीट लाइटों पर लगने वाले टाइमर का काम
-5 नवनिर्मित सड़काें के सहारे पटरी पर इंटरलॉकिंग कार्य
-उद्यमियों और श्रमिकों की सुविधा के लिए सुलभ शौचालय का काम
-5 ब्लॉक सी और ई में खस्ता हालत में पड़ीं चार प्रमुख सड़कें
औद्योगिक क्षेेत्र में नाला सफाई के लिए एक साल पहले टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। लेकिन यह कार्य अभी भी अधूरा पड़ा है। सुलभ शौचालय काम का समय से पूरा नहीं हुआ, स्ट्रीट लाइटों पर टाइमर का काम अधूरा। यह सब अव्यवस्थाएं यूपीसीडा अफसरों की अनदेखी का परिणाम है। दिनेश कुमार शर्मा कोषाध्यक्ष द ऑनर्स ऑफ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
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नाला सफाई के लिए टेंडर कई बार निकाले, लेकिन कोेई ठेकेदार काम करने को तैयार नहीं है। जो सड़के अधूरी हैं, उनके लिए दोबारा टेंडर निकालेंगे, सुलभ शौचालय निर्माण कराने को भी समय शेष हैै।
श्योंदान सिंह, एक्सईन व रखरखाव प्रभारी यूपीसीडा आगरा क्षेत्र