{"_id":"67461354826e5dfb5a0fefa9","slug":"ten-years-imprisonment-to-two-accused-of-murderous-attack-firozabad-news-c-169-1-sagr1021-137814-2024-11-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: जानलेवा हमले के दो दोषियों को दस-दस वर्ष का कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: जानलेवा हमले के दो दोषियों को दस-दस वर्ष का कारावास
Tue, 26 Nov 2024 11:58 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 26 Nov 2024 11:58 PM IST
विज्ञापन
फिरोजाबाद। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या द्वितीय सर्वेश कुमार पांडेय ने आठ वर्ष पुराने मामले में जान से मारने का प्रयास के दो दोषियों को 10-10 वर्ष का कारावास एवं प्रत्येक को 25 हजार रुपये अर्थदंड की सजा से दंडित किया। अर्थदंड अदा नहीं करने पर 6 माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। मामला थाना जसराना क्षेत्र का है। वादी देवेंद्र सिंह ने 16 मार्च 2016 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा कि 21 फरवरी 2016 को भैंड़ी गांव से दावत खाकर पटीकरा पुल पर आया। जहां उसकी मुलाकात उसके मामा विनोद से हुई। इसके साथ नगला तुर्सी जाने लगे। तब पटीकरा गांव के पास शिवराज एवं मानपाल मिले। जिन्होंने हथियार के बल पर बाइक रोकी। मामा विनोद कुमार के विरोध करने पर उन्होंने तमंचे तानकर पीटने लगे। मानपाल ने पकड़ लिया। शिवराज ने जान से मारने की नियत से फायर कर दिया। इससे उसके गोली गली और वहीं मौके पर ही बेहोश होकर गिर गया। वादी के मामा विनोद कुमार घायल अवस्था में थाने लेकर आए। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की। विवेचना उपरांत आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया।
मुकदमा सेशन सुपुर्द होकर वास्ते सुनवाई एवं निस्तारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो सर्वेश कुमार पांडेय की न्यायालय में भेजा गया। न्यायाधीश सर्वेश कुमार पांडेय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद मानपाल एवं शिवराज को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।
विज्ञापन
मुकदमा सेशन सुपुर्द होकर वास्ते सुनवाई एवं निस्तारण अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो सर्वेश कुमार पांडेय की न्यायालय में भेजा गया। न्यायाधीश सर्वेश कुमार पांडेय ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध तमाम साक्ष्य का गहनता से अध्ययन करने के बाद मानपाल एवं शिवराज को दोषी पाते हुए खुले न्यायालय में सजा सुनाई।
विज्ञापन