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सुहाग नगरी में गरमाया तीन तलाक का मुद्दा
अमर उजाला
Updated Mon, 17 Oct 2016 12:48 AM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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फीरोजाबाद। तीन तलाक का मुद्दा सुहाग नगरी में गर्मा गया है। समान कानून की सरकार की मंशा के खिलाफ मुस्लिम समाज के लोग लामबंद हो गए हैं। रविवार को शहर में अलग-अलग स्थानों पर मौलानाओं की बैठक हुई। समान कानून बनाने की कोशिश की खुल कर मुखालफत की गई। विरोध की मुहिम की श्रंखला में मुस्लिम समाज की महिलाओं से एक विशेष फार्म भरवाया जा रहा है।
तीन तलाक के मुद्दे पर कोटला मोहल्ला में आयोजित मौलानाओं की बैठक में मौलाना मोहम्मद इलियास ने कहा कि सरकार कानून के जरिए कुरान हदीश से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है। तीन तलाक मुस्लिमों का निजी कानून है और यह हजारों साल पुराना है। अंग्रेजों की हुकूमत में भी यह कानून था किसी ने इस कानून से छेड़छाड़ नहीं की। हम सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे, महजब से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
उधर बीपीएल ग्राउंड के निकट रजिया मुस्तफिया मदसरे में मुस्लिम समाज की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मुस्लिमों ने एक स्वर से कहा कि यदि कानून में बदलाव किया गया तो हम सड़क पर उतर कर इसका कड़ा विरोध करेंगे। मौलाना मुज्जफर हुसैन ने कहा कि तलाक के मामले में कानून में बदलाव करना गलत है। मौलाना एनुल हुदा ने कहा कि यदि तलाक के मामले में किसी तरह का बदलाव हुआ तो मुस्लिम समाज सड़क पर उतरकर कड़ा विरोध करेगा। बैठक में मोहम्मद हाफिज, हाजी सलाउद्दीन, मुंशी हामिद अली सहित अन्य लोग मौजूद थे। वहीं इस मुद्दे पर एक बैठक जामा मस्जिद में भी हुई। बैठक में शहर मुफ्ती अब्दुल अलीम इसा सहाब, मौलाना मोहम्मद शफी सहाब, मोहम्मद इलियास, मौलाना आलम मुस्तफा मुख्य रुप से उपस्थित थे।
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महिलाओं से फार्म भरवाने का काम शुरू
फीरोजाबाद। कोटला मोहल्ले में आयोजित बैठक में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड द्वारा भेजे गए फार्मों की जानकारी भी दी गई। यह फार्म मुस्लिम महिलाओं से भरवाए जा रहे हैं। महिलाएं जिनके वोटर और आधार कार्ड हैं वह इन फार्म को भरेंगी। इस पर उनका मोबाइल नंबर भी होगा। फार्म भरवाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है। शहर में लगभग डेढ़ हजार मुस्लिम महिलाओं की राय इन फार्मों के माध्यम से मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को भेजी जाएगी। मौलाना मोहम्मद इलियास ने बताया कि 15 नवंबर तक यह कार्य चलेगा। इसके बाद मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड पूरे देश से भरे गए फार्मों से मिली मुस्लिम महिलाओं की राय से सरकार को अवगत कराएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी हमारे निजी कानून से छेड़छाड़ मंजूर नहीं है। महिलाओं की राय है कि उन्हे तीन तलाक के मामले में दूसरा कोई फैसला मंजूर नहीं है।
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तीन तलाक के मुद्दे पर कोटला मोहल्ला में आयोजित मौलानाओं की बैठक में मौलाना मोहम्मद इलियास ने कहा कि सरकार कानून के जरिए कुरान हदीश से खिलवाड़ करने की कोशिश कर रही है। तीन तलाक मुस्लिमों का निजी कानून है और यह हजारों साल पुराना है। अंग्रेजों की हुकूमत में भी यह कानून था किसी ने इस कानून से छेड़छाड़ नहीं की। हम सरकार की मंशा को पूरा नहीं होने देंगे, महजब से खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
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उधर बीपीएल ग्राउंड के निकट रजिया मुस्तफिया मदसरे में मुस्लिम समाज की बैठक का आयोजन किया गया। इसमें मुस्लिमों ने एक स्वर से कहा कि यदि कानून में बदलाव किया गया तो हम सड़क पर उतर कर इसका कड़ा विरोध करेंगे। मौलाना मुज्जफर हुसैन ने कहा कि तलाक के मामले में कानून में बदलाव करना गलत है। मौलाना एनुल हुदा ने कहा कि यदि तलाक के मामले में किसी तरह का बदलाव हुआ तो मुस्लिम समाज सड़क पर उतरकर कड़ा विरोध करेगा। बैठक में मोहम्मद हाफिज, हाजी सलाउद्दीन, मुंशी हामिद अली सहित अन्य लोग मौजूद थे। वहीं इस मुद्दे पर एक बैठक जामा मस्जिद में भी हुई। बैठक में शहर मुफ्ती अब्दुल अलीम इसा सहाब, मौलाना मोहम्मद शफी सहाब, मोहम्मद इलियास, मौलाना आलम मुस्तफा मुख्य रुप से उपस्थित थे।
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महिलाओं से फार्म भरवाने का काम शुरू
फीरोजाबाद। कोटला मोहल्ले में आयोजित बैठक में मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड द्वारा भेजे गए फार्मों की जानकारी भी दी गई। यह फार्म मुस्लिम महिलाओं से भरवाए जा रहे हैं। महिलाएं जिनके वोटर और आधार कार्ड हैं वह इन फार्म को भरेंगी। इस पर उनका मोबाइल नंबर भी होगा। फार्म भरवाने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारी दी गई है। शहर में लगभग डेढ़ हजार मुस्लिम महिलाओं की राय इन फार्मों के माध्यम से मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड को भेजी जाएगी। मौलाना मोहम्मद इलियास ने बताया कि 15 नवंबर तक यह कार्य चलेगा। इसके बाद मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड पूरे देश से भरे गए फार्मों से मिली मुस्लिम महिलाओं की राय से सरकार को अवगत कराएगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिम महिलाओं को भी हमारे निजी कानून से छेड़छाड़ मंजूर नहीं है। महिलाओं की राय है कि उन्हे तीन तलाक के मामले में दूसरा कोई फैसला मंजूर नहीं है।