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Firozabad News: बासी आटा बना जहर, एक ही परिवार के सात लोग हुए बीमार
Fri, 30 May 2025 11:30 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 30 May 2025 11:30 PM IST
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फूड प्वाइजनिंग के बाद मेडिकल कॉलेज के वार्ड में भर्ती मरीज। संवाद।
फिरोजाबाद। थाना बसई मोहम्मदपुर क्षेत्र के गांव अंते की मढ़ैइया में बृहस्पतिवार देर रात एक ही परिवार के सात लोग फूड प्वाइजनिंग से बीमार हो गए। सभी ने बासी आटे से बनी रोटियां खाई थीं, जिसके बाद उनकी तबीयत बिगड़ गई। सभी को सरकारी ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
पीड़ित परिवार के सदस्यों में प्रदीप (20), सत्यदेव (55), सूरज (24), नीरो देवी (55), कृष्णा किशोर (15), भारती (10) और नेहा (03) शामिल हैं। परिजन ने बताया कि सुबह आटा गूंथकर रख दिया गया था और शाम को उसी आटे से रोटियां बनाई गईं। भोजन करने के कुछ समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों को उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। हालत गंभीर होने पर सरकारी ट्रॉमा सेंटर भर्ती हुए। चिकित्सक के अनुसार आटा बासी होने के कारण उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो गए, जिससे फूड प्वाइजनिंग की स्थिति बनी है। सभी की हालत में सुधार है।
इस तरह खराब हो जाता है आटा...
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि गुथे हुए आटा में मॉलिक्यूल्स का स्ट्रक्चर बदल जाता है। इससे कई हानिकारक कंपाउंड बनते हैं। अगर आटे में फफूंद लग जाए तो माइकोटॉक्सिंस जैसे खतरनाक केमिकल्स पैदा हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आटे से दुर्गंध आने लगती है। इनका रंग भी बदल जाता है। अगर ऐसे आटे से बनी रोटियां खाई जाएं तो कई बीमारियां हो सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने समय से और कितनी मात्रा में ऐसे आटे से बनी रोटी खाई जा रही है। यदि रेगुलर ऐसे आटे का इस्तेमाल किया जा रहा हो तो शुरुआत में उल्टी और डायरिया हो सकता है। माइकोटॉक्सिन की वजह से कैंसर और लिवर की बीमारियां खड़ी हो सकती है।
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पीड़ित परिवार के सदस्यों में प्रदीप (20), सत्यदेव (55), सूरज (24), नीरो देवी (55), कृष्णा किशोर (15), भारती (10) और नेहा (03) शामिल हैं। परिजन ने बताया कि सुबह आटा गूंथकर रख दिया गया था और शाम को उसी आटे से रोटियां बनाई गईं। भोजन करने के कुछ समय बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिवार के सदस्यों को उल्टी-दस्त और चक्कर आने लगे। हालत गंभीर होने पर सरकारी ट्रॉमा सेंटर भर्ती हुए। चिकित्सक के अनुसार आटा बासी होने के कारण उसमें हानिकारक बैक्टीरिया विकसित हो गए, जिससे फूड प्वाइजनिंग की स्थिति बनी है। सभी की हालत में सुधार है।
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इस तरह खराब हो जाता है आटा...
डॉ. मनोज कुमार ने बताया कि गुथे हुए आटा में मॉलिक्यूल्स का स्ट्रक्चर बदल जाता है। इससे कई हानिकारक कंपाउंड बनते हैं। अगर आटे में फफूंद लग जाए तो माइकोटॉक्सिंस जैसे खतरनाक केमिकल्स पैदा हो जाते हैं। ऐसी स्थिति में आटे से दुर्गंध आने लगती है। इनका रंग भी बदल जाता है। अगर ऐसे आटे से बनी रोटियां खाई जाएं तो कई बीमारियां हो सकती हैं। यह इस बात पर निर्भर करता है कि कितने समय से और कितनी मात्रा में ऐसे आटे से बनी रोटी खाई जा रही है। यदि रेगुलर ऐसे आटे का इस्तेमाल किया जा रहा हो तो शुरुआत में उल्टी और डायरिया हो सकता है। माइकोटॉक्सिन की वजह से कैंसर और लिवर की बीमारियां खड़ी हो सकती है।
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