{"_id":"688cce9c26999af1fb0702d5","slug":"shikshamitra-resigned-accused-the-government-and-administration-of-harassment-firozabad-news-c-169-1-sagr1024-153504-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Firozabad News: शिक्षामित्र ने किया इस्तीफा, शासन-प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Firozabad News: शिक्षामित्र ने किया इस्तीफा, शासन-प्रशासन पर लगाया उत्पीड़न का आरोप
Fri, 01 Aug 2025 07:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 01 Aug 2025 07:56 PM IST
विज्ञापन
कहा - मानदेय परिवार के भरण पोषण के लिए नाकाफी, इस्तीफा स्वीकार करो
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। ब्लॉक फिरोजाबाद के प्राथमिक विद्यालय डेरा बंजारा में कार्यरत शिक्षामित्र गिरीश चंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित करते हुए यह कदम शासन और प्रशासन द्वारा की जा रही अनदेखी और उत्पीड़न के विरोध में उठाया है।
शिक्षामित्र गिरीश चंद्र ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वह पिछले 20 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा शिक्षामित्रों के हित में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि शिक्षा मित्रों को सम्मान देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उन्हें केवल पारिवारिक भरण-पोषण के लिए नियुक्त किया गया था, अब स्थिति यह है कि पारिवारिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में वह स्वयं को मानसिक रूप से बेहद टूट चुका महसूस कर रहे हैं और इसलिए पद छोड़ने का निर्णय लिया है। खंड शिक्षाधिकारी ओमप्रकाश अकेला ने बताया कि शासन स्तर से ही शिक्षामित्रों का मानदेय तय है। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। ब्लॉक फिरोजाबाद के प्राथमिक विद्यालय डेरा बंजारा में कार्यरत शिक्षामित्र गिरीश चंद्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना त्यागपत्र जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को संबोधित करते हुए यह कदम शासन और प्रशासन द्वारा की जा रही अनदेखी और उत्पीड़न के विरोध में उठाया है।
शिक्षामित्र गिरीश चंद्र ने अपने इस्तीफे में लिखा है कि वह पिछले 20 वर्षों से शिक्षा विभाग में कार्यरत हैं और ग्रामीण क्षेत्र में कठिन परिस्थितियों में सेवा दे रहे हैं। इसके बावजूद शासन-प्रशासन द्वारा शिक्षामित्रों के हित में कोई ठोस कार्य नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि शिक्षा मित्रों को सम्मान देने के बजाय उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि शासन द्वारा उन्हें केवल पारिवारिक भरण-पोषण के लिए नियुक्त किया गया था, अब स्थिति यह है कि पारिवारिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रही हैं। ऐसे में वह स्वयं को मानसिक रूप से बेहद टूट चुका महसूस कर रहे हैं और इसलिए पद छोड़ने का निर्णय लिया है। खंड शिक्षाधिकारी ओमप्रकाश अकेला ने बताया कि शासन स्तर से ही शिक्षामित्रों का मानदेय तय है। इसमें स्थानीय स्तर पर कुछ नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन