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Firozabad News: पावर यार्ड में भरा नाले का पानी, घंटों गुल रही मेडिकल कॉलेज की बिजली
Thu, 07 May 2026 12:10 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 07 May 2026 12:10 AM IST
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मेडिकल कॉलेज में यार्ड के पास भरा पानी। संवाद
- फोटो : मेडिकल कॉलेज में यार्ड के पास भरा पानी। संवाद
फिरोजाबाद। मंगलवार को करीब एक घंटे हुई बारिश से नाला चोक होने से सर्विस रोड पर भरा पानी मेडिकल कॉलेज के बिजली यार्ड में भर गया। इससे बड़ा फॉल्ट हो गया और जिला अस्पताल की बिजली सप्लाई ठप हो गई। मरीजों को काफी दिक्कत उठानी पड़ी। सीएमएस का कहना है कि नगर निगम के अधिकारियों को कई बार फोन किया, लेकिन समय पर पानी निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई।
सर्विस सड़क का पानी यार्ड में भरने से मंगलवार को देर शाम फॉल्ट हुआ। उस समय किसी तरह सप्लाई को सुचारू कर दिया गया। वहीं बुधवार सुबह 5 बजे से तेज धमाके के साथ दोबारा फॉल्ट हुआ। इससे विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई। बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर शुरू तो किए गए, लेकिन सुबह 11 डीजल खत्म होने के कारण सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। दोपहर 1 बजे तक अस्पताल पूरी तरह बिजली संकट से जूझता रहा।
बिजली न होने से वार्डों में भर्ती मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ीं। जरूरी जांच सेवाएं जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन भी ठप रहीं, जिससे इलाज प्रभावित हुआ। मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। ओपीडी कक्ष में भी अंधेरा छाया रहा। बिना पंखे व एसी के डॉक्टर और चिकित्सक पसीने में भीगते नजर आए। फॉल्ट ठीक होने के बाद सप्लाई को सुचारू किया जा सका।
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डीजल के लिए भटके कर्मचारी
मेडिकल कॉलेज के जनरेटर के लिए डीजल उसायनी स्थित एक पेट्रोल पंप से आता है, लेकिन वहां भी डीजल उपलब्ध नहीं था। कर्मचारी डीजल की व्यवस्था के लिए बार-बार पेट्रोल पंप पर भटकते रहे। काफी मशक्कत के बाद जब बिजली फॉल्ट ठीक हुआ, तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सर्विस रोड का नाला चोक होने की वजह से पहली बार नालों का पानी यार्ड में भर गया। निगम को कई बार फोन किया, लेकिन समय पर पानी को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जलभराव होने से दोबारा फॉल्ट हुआ। इससे परेशानी हुई। - डॉ. नवीन जैन, सीएमएस
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सर्विस सड़क का पानी यार्ड में भरने से मंगलवार को देर शाम फॉल्ट हुआ। उस समय किसी तरह सप्लाई को सुचारू कर दिया गया। वहीं बुधवार सुबह 5 बजे से तेज धमाके के साथ दोबारा फॉल्ट हुआ। इससे विद्युत सप्लाई ठप पड़ गई। बैकअप के लिए लगाए गए जनरेटर शुरू तो किए गए, लेकिन सुबह 11 डीजल खत्म होने के कारण सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई। दोपहर 1 बजे तक अस्पताल पूरी तरह बिजली संकट से जूझता रहा।
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बिजली न होने से वार्डों में भर्ती मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ीं। जरूरी जांच सेवाएं जैसे एक्सरे और सीटी स्कैन भी ठप रहीं, जिससे इलाज प्रभावित हुआ। मरीज उपचार के लिए भटकते रहे। ओपीडी कक्ष में भी अंधेरा छाया रहा। बिना पंखे व एसी के डॉक्टर और चिकित्सक पसीने में भीगते नजर आए। फॉल्ट ठीक होने के बाद सप्लाई को सुचारू किया जा सका।
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डीजल के लिए भटके कर्मचारी
मेडिकल कॉलेज के जनरेटर के लिए डीजल उसायनी स्थित एक पेट्रोल पंप से आता है, लेकिन वहां भी डीजल उपलब्ध नहीं था। कर्मचारी डीजल की व्यवस्था के लिए बार-बार पेट्रोल पंप पर भटकते रहे। काफी मशक्कत के बाद जब बिजली फॉल्ट ठीक हुआ, तब जाकर अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली।
सर्विस रोड का नाला चोक होने की वजह से पहली बार नालों का पानी यार्ड में भर गया। निगम को कई बार फोन किया, लेकिन समय पर पानी को निकालने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। जलभराव होने से दोबारा फॉल्ट हुआ। इससे परेशानी हुई। - डॉ. नवीन जैन, सीएमएस