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जेल की सुरक्षा में बड़ी चूक: फिरोजाबाद में सेप्टिक टैंक में कूदकर बंदी ने की आत्महत्या, दो जेलकर्मी निलंबित

Sun, 25 Oct 2026 11:02 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, फिरोजाबाद Published by: Digvijay Singh Updated Sun, 25 Oct 2026 11:02 PM IST
सार

फिरोजाबाद जिला कारागार में रविवार सुबह बंदी ने सेप्टिक टैंक में कूदकर जान दे दी। बंदी की मौत की जानकारी होते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। टैंक को खाली कराने के साथ उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

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Major security lapse in jail Inmate commits suicide by jumping into a septic tank in Firozabad two jail person
मृतक के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिरोजाबाद जिला कारागार में रविवार सुबह बंदी ने सेप्टिक टैंक में कूदकर जान दे दी। बंदी की मौत की जानकारी होते ही जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। टैंक को खाली कराने के साथ उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी होते ही डीएम-एसएसपी के साथ डीआईजी जेल ने भी जिला कारागार का निरीक्षण किया। जेल अधीक्षक ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर जेल के हेड वार्डन एवं वार्डन को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। घटना की जानकारी होते ही परिजन भी जेल पहुंच गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया है।

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थाना सिरसागंज क्षेत्र के सराय अकबरपुर निवासी जितेंद्र उर्फ करूआ (40) हत्या के मामले में जिला जेल में पिछले 31 माह से बंद था। बैरक नंबर पांच में वह रहता था। रविवार सुबह वह बैरक से निकलकर अचानक परिसर स्थित सेप्टिक टैंक के पास पहुंच गया। ड्यूटी पर तैनात वार्डन कुछ समझ पाते उससे पहले ही उसने सेप्टिक टैंक का ढक्कन खोलकर उसमें छलांग लगा दी। 
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घटना की जानकारी होते ही जेल अधीक्षक अमित चौधरी सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। बंदी को बाहर निकालने को तत्काल टैंक खाली कराने की व्यवस्था की गई। मशीन की मदद से टैंक खाली कराकर बंदी को बाहर निकाला गया। तब तक उसकी मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही इलाका पुलिस मौके पर पहुंच गई। बंदी द्वारा आत्महत्या किए जाने की जानकारी होने पर डीएम संतोष कुमार शर्मा, एसएसपी आदित्य लांग्हे और डीआईजी जेल प्रेमनाथ पांडेय जिला कारागार पहुंच गए। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर जेल प्रशासन से घटनाक्रम की जानकारी की। पुलिस ने शव को टैंक से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। 
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इधर घटना की जानकारी होते ही मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया। मृतक के भाई हरेंद्र यादव ने बताया कि वह चार भाइयों में सबसे बड़े थे। उनकी शादी नहीं हुई थी। इधर जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि बंदी के आत्महत्या प्रकरण में जेल के हेड वार्डन रामअवतार सिंह शाक्य एवं वार्डन अजय प्रताप को दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराके परिजनों को सौंप दिया।

1999 में हुई थी बंदी के पिता की हत्या, विपक्षियों को हो चुकी सजा, समझौता नहीं करने पर फंसाया
मृतक बंदी जितेंद्र उर्फ करुआ के भाई हरेंद्र यादव ने बताया कि उसके पिता रनवीर सिंह की 23 फरवरी 1999 में हत्या कर दी गई थी। उसमें 13 लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। आरोप है विपक्षियों द्वारा फैसले का दबाव बनाया जा रहा था। फैसला नहीं करने पर ही विपक्षियों ने मेरे भाई को फंसाने की साजिश रची थी। विपक्षियों ने अपने पक्ष के व्यक्ति के कंधे पर फायरिंग करने की घटना खुद की थी। इसमें उसकी मौत हो गई थी। इसमें मेरे भाई जितेंद्र उर्फ करुआ को फंसाया गया था। मेरे भाई को फरवरी 2024 में आगरा से गिरफ्तार किया था। तभी से भाई जेल में बंद था। आज जेल में बंद भाई की मौत की जानकारी नौ बजे करीब हो सकी थी। हरेंद्र का कहना है कि 3 अक्तूबर को जेल में बंद भाई से मुलाकात की थी। उन्होंने जेल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि आखिर वह सेप्टिक टैंक तक कैसे पहुंचा इसकी जानकारी करनी चाहिए।

घटनाक्रम सीसीटीवी कैमरे में हुआ कैद
जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने बताया कि बंदी के सैफ्टी टैंक के कंकरीट को ढक्कन को हटाकर उसमें कुदने की घटना वार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। बंदी के परिजनों को भी कैमरे की रिकार्डिंग दिखाई गई गई थी। बंदियों की काउंटिंग के दौरान यह धीरे से पीछे की ओर चला गया और ढक्कन हटाकर कूद गया। करीब साट फीट गहरे टैंक में छह फीट तक भरा था।

मजिस्ट्रेटी जांच को लिखा पत्र
बंदी की सेफ्टी टैंक में कूदने से हुई मौत के मामले में जेल अधीक्षक अमित चौधरी ने घटनाक्रम की मजिस्ट्रेटी जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। ताकि घटनाक्रम के सभी पहलू स्पष्ट हो जाएं। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ जेल वार्डन एवं जेल वार्डन को निलंबित कर दिया है।


जिला कारागार में बंदी जितेंद्र उर्फ करुआ की मृत्यु सैप्टिक टैंक में कूदने से हुई है। पूरा घटनाक्रम जेल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ है। जेल के दो जिम्मेदारों हैड वार्डन एवं वार्डन को निलंबित किए जाने की कार्रवाई की गई है। आगरा रेंज की सभी जेलों में इस तरह के सैप्टिक टैंकों को सही कराने की हिदायत सभी जेल अधीक्षकों को दी गई है। ताकि इस तरह की घटनाक्रम की पुनरावृत्ति नहीं होने पाए। इसमें यदि कोई लापरवाही बरतेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-प्रेमनाथ पांडेय, डीआईजी जेल आगरा

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