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Firozabad News: स्कूलों ने 20 फीसदी तक बढ़ाई फीस, प्रशासन ने साधी चुप्पी
Thu, 03 Apr 2025 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 03 Apr 2025 11:34 PM IST
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किताब की दुकान पर खरीदारी करते ग्राहक।
- फोटो : samvad
फिरोजाबाद। प्राइवेट स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। स्कूलों में फीस जमा करने पहुंचे अभिभावक चौंक रहे हैं। इस साल भी निजी स्कूलों ने 15 से 20 फीसदी तक फीस में वृद्धि की है। हालत यह है कि प्ले ग्रुप के बच्चे की सालाना फीस 55 हजार रुपये तक हो गई है। मनमानी फीस वृद्धि के बाद भी प्रशासन चुप्पी साधे है।
पहली से कक्षा चार तक की फीस 50 हजार रुपये सालाना है। शिकायत न होने की वजह से स्कूलों की मनमानी हर साल चलती रहती है। प्ले ग्रुप से लेकर 12वीं तक के 150 से अधिक निजी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतर स्कूलों में इस साल की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अभिभावक 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा शुल्क अदा कर चुके हैं।
अभिभावकों के मुताबिक, कई निजी स्कूलों ने तो 20 फीसदी तक शुल्क की वृद्धि की है। ऐसे में इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्ले ग्रुप की बच्चे की एक साल की फीस 55 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
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कुछ इस प्रकार बढ़ाई गई फीस
कक्षा 2024 - 2025
-प्लेग्रुप 28 हजार - 40 हजार
- एक से चार 44 हजार - 50 हजार
- छह से आठ 50 हजार - 55 हजार
- नौ से 10 58 हजार -62 हजार
- 11 से 12 70 हजार -75 हजार
नोट- इसमें ट्रांसपोर्ट का किराया शामिल नहीं है। हर महीने दूरी के हिसाब से यह किराया अलग से लिया जाता है।
प्रशासन बनाए कोई नियम
मनमानी तरीके से हर साल फीस बढ़ाई जाती है। अब बच्चों को पढ़ाना है तो फीस भी देनी होगी। अधिकारियों को निजी स्कूलों की फीस को लेकर कोई नियम बनाना चाहिए। फीस बढ़ने से बोझ बढ़ रहा है। नियम तो बहुत हैं, मगर अधिकारी सिर्फ दिखावा किए हैं। - अनुपम, अभिभावक
बढ़ती फीस पर लगे रोक
पहले से ही स्कूलों की फीस ज्यादा थी अब और बढ़ा दी गई है। अगर इसी तरह फीस बढ़ेगी, तो मध्यम वर्ग के परिवारों को अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ाना मुश्किल होगा। स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं लगाई जा रही है। - मानवी उपाध्याय, अभिभावक
वर्जन
फीस को लेकर कोई भी स्कूल मनमानी नहीं कर सकता है। फीस नियमावली में जो प्रावधान है, उसी के अनुरूप फीस बढ़ाई जा सकती है। अभी कार्यालय में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। - धीरेंद्र कुमार यादव, डीआईओएस
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पहली से कक्षा चार तक की फीस 50 हजार रुपये सालाना है। शिकायत न होने की वजह से स्कूलों की मनमानी हर साल चलती रहती है। प्ले ग्रुप से लेकर 12वीं तक के 150 से अधिक निजी स्कूल संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतर स्कूलों में इस साल की प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है। अभिभावक 15 से 20 फीसदी तक बढ़ा शुल्क अदा कर चुके हैं।
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अभिभावकों के मुताबिक, कई निजी स्कूलों ने तो 20 फीसदी तक शुल्क की वृद्धि की है। ऐसे में इन स्कूलों में बच्चों को पढ़ाने वाले अभिभावकों को दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि प्ले ग्रुप की बच्चे की एक साल की फीस 55 हजार रुपये तक पहुंच गई है।
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कुछ इस प्रकार बढ़ाई गई फीस
कक्षा 2024 - 2025
-प्लेग्रुप 28 हजार - 40 हजार
- एक से चार 44 हजार - 50 हजार
- छह से आठ 50 हजार - 55 हजार
- नौ से 10 58 हजार -62 हजार
- 11 से 12 70 हजार -75 हजार
नोट- इसमें ट्रांसपोर्ट का किराया शामिल नहीं है। हर महीने दूरी के हिसाब से यह किराया अलग से लिया जाता है।
प्रशासन बनाए कोई नियम
मनमानी तरीके से हर साल फीस बढ़ाई जाती है। अब बच्चों को पढ़ाना है तो फीस भी देनी होगी। अधिकारियों को निजी स्कूलों की फीस को लेकर कोई नियम बनाना चाहिए। फीस बढ़ने से बोझ बढ़ रहा है। नियम तो बहुत हैं, मगर अधिकारी सिर्फ दिखावा किए हैं। - अनुपम, अभिभावक
बढ़ती फीस पर लगे रोक
पहले से ही स्कूलों की फीस ज्यादा थी अब और बढ़ा दी गई है। अगर इसी तरह फीस बढ़ेगी, तो मध्यम वर्ग के परिवारों को अपने बच्चे निजी स्कूलों में पढ़ाना मुश्किल होगा। स्कूलों की मनमानी पर लगाम नहीं लगाई जा रही है। - मानवी उपाध्याय, अभिभावक
वर्जन
फीस को लेकर कोई भी स्कूल मनमानी नहीं कर सकता है। फीस नियमावली में जो प्रावधान है, उसी के अनुरूप फीस बढ़ाई जा सकती है। अभी कार्यालय में ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। - धीरेंद्र कुमार यादव, डीआईओएस