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तालाबों के सुदृढ़ीकरण में जुटे मजदूर औ प्रशासन
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जरौली कला स्थित तालाब की सफाई करते मनरेगा कर्मचारी
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। जल संरक्षण और जल संचयन के लिए अमर उजाला द्वारा चलाए जा रहे अभियान का असर दिखाई देने लगा है। प्रशासन ने जिले में तालाबों के सुदृढ़ीकरण का काम शुरू करा दिया है। रविवार को जिले की विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब खोदाई का कार्य युद्धस्तर पर हुआ।
अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए क्षेत्रों में दौड़ते रहे। पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत और खंड विकास अधिकारियों ने रविवार को गांव-गांव जाकर स्थिति देखी।
लुप्त होते तालाब, तालाबों पर अतिक्रमण, दम तोड़ते जल संचयन के श्रोत आदि पर अमर उजाला लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है।
प्रशासन भी जल संचय पर फोकस कर रहा है। जिले में वर्षाकाल से पूर्व विभिन्न ग्राम पंचायतों में 261 नए तालाबों को उनके मूल स्वरूप में लौटाना है। पुराने और अतिक्रमण की जद में आए लगभग 140 तालाओं का जीर्णोद्धार होना है।
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ताजा स्थिति के अनुसार जिले में अभी तक 113 तालाबों की खोदाई पूर्ण हुई है, लेकिन पशुओं के लिए बनने वाली रेंप और तालाबों की बाउंड्रीवॉल अभी अधूरी हैं। रविवार को अफसर हरकत में दिखे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब खोदाई हुई। जिन ग्राम पंचायतों में काम अधूरा है या शुरू नहीं हुआ उन पंचायतों में भी अधिकारियों की मौजूदगी काम होते दिखा।
इन ग्राम पंचायतों में हुई तालाबों की खोदाई
ग्राम पंचायत खगरई, जरौली कलां, सिकेहरा, हरदासपुर, गढ़ी तिवारी, चंद्रवार, लढूपुर चकरपुर, किंदरपुर, सरगवां, भौडेला सहित लगभग 100 ज्यादा पंचायतों में तालाब खोदाई व जीर्णोद्धार किया गया।
जल संरक्षण अभियान को और गति दी जाएगी। डार्क जोन वाले ब्लाकों में जल स्तर बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास होंगे जो कि धरातल पर दिखें। खास बात यह है कि आमजन भी अपनी जिम्मेदारी को समझें।
तभी अभियान की सार्थकता होगी। हमारा अगला लक्ष्य खेत तालाब योजना, वर्षा आधारित नदियों में जल संचयन कार्यक्रमों को मूर्त रूप देना है। नए तालाबों की खोदाई व पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार में लापरवाही अक्षम्य मानते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
नेहा जैन, मुख्य विकास अधिकारी।
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अधिकारी-कर्मचारी भी कार्यों की मॉनीटरिंग के लिए क्षेत्रों में दौड़ते रहे। पंचायत सचिव, एडीओ पंचायत और खंड विकास अधिकारियों ने रविवार को गांव-गांव जाकर स्थिति देखी।
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लुप्त होते तालाब, तालाबों पर अतिक्रमण, दम तोड़ते जल संचयन के श्रोत आदि पर अमर उजाला लगातार खबरें प्रकाशित कर रहा है।
प्रशासन भी जल संचय पर फोकस कर रहा है। जिले में वर्षाकाल से पूर्व विभिन्न ग्राम पंचायतों में 261 नए तालाबों को उनके मूल स्वरूप में लौटाना है। पुराने और अतिक्रमण की जद में आए लगभग 140 तालाओं का जीर्णोद्धार होना है।
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ताजा स्थिति के अनुसार जिले में अभी तक 113 तालाबों की खोदाई पूर्ण हुई है, लेकिन पशुओं के लिए बनने वाली रेंप और तालाबों की बाउंड्रीवॉल अभी अधूरी हैं। रविवार को अफसर हरकत में दिखे। विभिन्न ग्राम पंचायतों में तालाब खोदाई हुई। जिन ग्राम पंचायतों में काम अधूरा है या शुरू नहीं हुआ उन पंचायतों में भी अधिकारियों की मौजूदगी काम होते दिखा।
इन ग्राम पंचायतों में हुई तालाबों की खोदाई
ग्राम पंचायत खगरई, जरौली कलां, सिकेहरा, हरदासपुर, गढ़ी तिवारी, चंद्रवार, लढूपुर चकरपुर, किंदरपुर, सरगवां, भौडेला सहित लगभग 100 ज्यादा पंचायतों में तालाब खोदाई व जीर्णोद्धार किया गया।
जल संरक्षण अभियान को और गति दी जाएगी। डार्क जोन वाले ब्लाकों में जल स्तर बढ़ाने के लिए ऐसे प्रयास होंगे जो कि धरातल पर दिखें। खास बात यह है कि आमजन भी अपनी जिम्मेदारी को समझें।
तभी अभियान की सार्थकता होगी। हमारा अगला लक्ष्य खेत तालाब योजना, वर्षा आधारित नदियों में जल संचयन कार्यक्रमों को मूर्त रूप देना है। नए तालाबों की खोदाई व पुराने तालाबों के जीर्णोद्धार में लापरवाही अक्षम्य मानते हुए संबंधित के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
नेहा जैन, मुख्य विकास अधिकारी।