{"_id":"6033afa78ebc3ee8f166402f","slug":"relief-not-expected-to-give-a-boost-to-the-glass-industry-firozabad-news-agr4817552114","type":"story","status":"publish","title_hn":"कांच उद्योग को बढावा देने के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली राहत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कांच उद्योग को बढावा देने के लिए उम्मीद के मुताबिक नहीं मिली राहत
विज्ञापन
फिरोजाबाद। सुहागनगरी के उद्योगपतियों ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश 2021-22 के आम बजट को नाकाफी बताया। कांच एवं चूड़ी उद्योग के प्रोत्साहन के लिए गैस पर लगने वाले वैट और अन्य पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में सहूलियत की दरकार मानों अधूरी रह गई। हालांकि ओडीओपी (एक जिला, एक उत्पाद) को बढ़ावा देेने के लिए शासन द्वारा बजट बढ़ाने की घोषणा का उद्योगपतियों ने स्वागत किया। उद्यमियों ने त्वरित निवेश प्रोत्साहन योजना के तहत निर्धारित औद्योगिक विकास कार्यक्रमों को पूरी संजीदगी और ईमानदारी से लागू किए जाने की मंशा जाहिर की।
कोविड-19 के कारण प्रभावित कांच उद्योग जगत के लिए प्रदेश सरकार को विशेष रियायत देनी चाहिए थी। हालांकि बजट में कांच और चूड़ी उद्योग के लिए खास प्रावधान नहीं है। इस बजट से स्थानीय कांच उद्योग की जेब खाली रहेगी।
अभिषेक मित्तल चंचल उद्योगपति
कांच और चूड़ी उद्योग को पटरी पर लाने के लिए सरकार को गैस व अन्य पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले वैट में राहत देनी थी। हालांकि यह बजट कांच उद्योग को बढ़ावा देने की मंशा पर खरा नहीं उतरा। हालांकि स्मार्ट और सेफ सिटी का दर्जा देने की घोषणा कुछ राहत देनी वाली है।
विज्ञापन
हेमंत अग्रवाल, चॉयस उद्योगपति
सेफ और स्मार्ट सिटी के लिए मिलने वाली धनराशि और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान देना होगा। इसके बाद ही कांच उद्योग को बढ़ावा देने की शासन की मंशा पूरी होगी। त्वरित निवेेश प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में भी अधिकारियों को संजीदगी दिखानी होगी।
हेमंत अग्रवाल बल्लू, लघु उद्योग भारती समूह
प्रदेश सरकार को गैस के दामों में राहत देनी चाहिए थी। इसके अलावा कांच उत्पादों के विश्वविख्यात फिरोजाबाद में पीपीपी मोड योजनांतर्गत औद्योगिक क्लस्टर और औद्योगिक पार्क आदि की स्थापना से जुड़े बिंदुओं पर प्रगति तेज करने की दरकार है।
संजय मित्तल प्रमुख उद्योगपति
विज्ञापन
कोविड-19 के कारण प्रभावित कांच उद्योग जगत के लिए प्रदेश सरकार को विशेष रियायत देनी चाहिए थी। हालांकि बजट में कांच और चूड़ी उद्योग के लिए खास प्रावधान नहीं है। इस बजट से स्थानीय कांच उद्योग की जेब खाली रहेगी।
विज्ञापन
अभिषेक मित्तल चंचल उद्योगपति
कांच और चूड़ी उद्योग को पटरी पर लाने के लिए सरकार को गैस व अन्य पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले वैट में राहत देनी थी। हालांकि यह बजट कांच उद्योग को बढ़ावा देने की मंशा पर खरा नहीं उतरा। हालांकि स्मार्ट और सेफ सिटी का दर्जा देने की घोषणा कुछ राहत देनी वाली है।
विज्ञापन
हेमंत अग्रवाल, चॉयस उद्योगपति
सेफ और स्मार्ट सिटी के लिए मिलने वाली धनराशि और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर ध्यान देना होगा। इसके बाद ही कांच उद्योग को बढ़ावा देने की शासन की मंशा पूरी होगी। त्वरित निवेेश प्रोत्साहन योजना के क्रियान्वयन में भी अधिकारियों को संजीदगी दिखानी होगी।
हेमंत अग्रवाल बल्लू, लघु उद्योग भारती समूह
प्रदेश सरकार को गैस के दामों में राहत देनी चाहिए थी। इसके अलावा कांच उत्पादों के विश्वविख्यात फिरोजाबाद में पीपीपी मोड योजनांतर्गत औद्योगिक क्लस्टर और औद्योगिक पार्क आदि की स्थापना से जुड़े बिंदुओं पर प्रगति तेज करने की दरकार है।
संजय मित्तल प्रमुख उद्योगपति