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80 लाख के लिए किया था प्रापर्टी डीलर का अपहरण
ब्यूरो, अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Fri, 09 Jan 2015 11:46 PM IST
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गांव नगला कुम्हारान निवासी प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र पुत्र रामचरन का अपहरण 80 लाख रुपयों के लिए किया गया था। फिरौती नहीं मिलने पर बदमाशों ने उसे मौत के घाट उतार दिया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। जबकि दो फरार हैं। बदमाशों की निशानदेही पर मृतक का मोबाइल, कपड़े और वैशाखी बरामद कर ली गई है।
सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि विगत 13 अक्तूबर को टूंडला के गांव नगला कुम्हारान निवासी प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र पुत्र रामचरन का स्कार्पियो सवार बदमाश प्लाट दिखाने के बहाने अपहरण कर ले गए थे। अपहरण के कुछ दिन बाद ही बदमाशों ने परिवारीजनों से 80 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी थी। गुरुवार सुबह मुखबिर ने बदमाशों के बन्नारोड के समीप छुपे होने की जानकारी दी। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को दबोच लिया जबकि दो फरार हैं। गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि विगत 19 अक्तूबर को मानिकचंद्र को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दिया था। इंजेक्शन की ओवरडोज होने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को हजारा नहर में फेंक दिया। इसके बाद भी वह परिवारीजनों को फिरौती के लिए फोन करते रहे। बदमाशों ने अपने नाम भूदेव जाटव निवासी नगला छत्तू थाना एका, सुरेंद्र यादव निवासी नगला उदइया थाना हसायन, हाथरस, टिंकू जाटव निवासी गुतलासन थाना बरहन, आगरा व रामनिवास राठौर निवासी दलेलपुर थाना एका बताए हैं। फरार साथियों के नाम झोलाछाप डा. प्रताप निवासी नगलाबीच थाना एका व तिलकधारी निवासी पावर हाउस के पास जसराना हैं। पकड़े गए बदमाशों के पास से दो तमंचे, कारतूस, चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उनकी निशानदेही पर मानिकचंद्र का मोबाइल, सिम, वैशाखी व कपड़े बरामद कर लिए हैं। पुलिस शव की तलाश कर रही है। हालांकि पुलिस अभी तक घटना में शामिल स्कार्पियो का सुराग नहीं लगा सकी है। भूदेव पूर्व में भी अपहरण की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दो दिसंबर को कायमगंज से अगवा किया गया युवक पकड़े गए भूदेव के चंगुल से निकल भागा था।
अस्सी लाख का बाग बेचने की खबर पर किया अपहरण
प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र के बड़े भाई राजेंद्र सिंह के साथ काम करने वाले टिंकू सिंह ने ही अपहरण की पूरी कहानी गढ़ी थी। राजेंद्र सिंह साथियों से 80 लाख रुपये का बाग बेचने की बात कही थी। इस खबर को सच्ची मान भूदेव, सुरेंद्र आदि ने तानाबाना बुनकर घटना को अंजाम दिया था।
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कब्रिस्तान में रखा था प्रापर्टी डीलर
बदमाशों ने मानिकचंद्र का अपहरण करने के बाद हजारा नगर के किनारे गांव गदनपुर स्थित एक कब्रिस्तान में छुपा कर रखा गया था। दो दिन तक उसे नशे के इंजेक्शन दिए गए थे।
गैंग में शामिल किया गया था झोलाछाप
पकड़ करने वाले गैंग का पूरा नेटवर्क है। बाकायदा एक झोलाछाप डाक्टर को गैंग में शामिल किया था। झोलाछाप अपहृत कर लाए गए लोगों को बेहोशी का इंजेक्शन लगा देता था। इससे अगवा किए गए लोग बिना किसी विरोध के सुरक्षित रखे जा सकें।
बदमाशों को परिवारीजनों ने पीटा
बदमाशों के पकड़े जाने की जानकारी पर थाने पहुंचेे मृतक के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस बदमाशों को प्रेसवार्ता के बाद हवालात में बंद करने ले जाने लगी, तभी अचानक परिवारीजनों ने उनकी पिटाई कर दी।
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सीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि विगत 13 अक्तूबर को टूंडला के गांव नगला कुम्हारान निवासी प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र पुत्र रामचरन का स्कार्पियो सवार बदमाश प्लाट दिखाने के बहाने अपहरण कर ले गए थे। अपहरण के कुछ दिन बाद ही बदमाशों ने परिवारीजनों से 80 लाख रुपये की मांग शुरू कर दी थी। गुरुवार सुबह मुखबिर ने बदमाशों के बन्नारोड के समीप छुपे होने की जानकारी दी। इस पर पुलिस ने घेराबंदी कर चार बदमाशों को दबोच लिया जबकि दो फरार हैं। गिरफ्तार बदमाशों ने बताया कि विगत 19 अक्तूबर को मानिकचंद्र को बेहोश करने के लिए इंजेक्शन दिया था। इंजेक्शन की ओवरडोज होने के कारण उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को हजारा नहर में फेंक दिया। इसके बाद भी वह परिवारीजनों को फिरौती के लिए फोन करते रहे। बदमाशों ने अपने नाम भूदेव जाटव निवासी नगला छत्तू थाना एका, सुरेंद्र यादव निवासी नगला उदइया थाना हसायन, हाथरस, टिंकू जाटव निवासी गुतलासन थाना बरहन, आगरा व रामनिवास राठौर निवासी दलेलपुर थाना एका बताए हैं। फरार साथियों के नाम झोलाछाप डा. प्रताप निवासी नगलाबीच थाना एका व तिलकधारी निवासी पावर हाउस के पास जसराना हैं। पकड़े गए बदमाशों के पास से दो तमंचे, कारतूस, चार मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। उनकी निशानदेही पर मानिकचंद्र का मोबाइल, सिम, वैशाखी व कपड़े बरामद कर लिए हैं। पुलिस शव की तलाश कर रही है। हालांकि पुलिस अभी तक घटना में शामिल स्कार्पियो का सुराग नहीं लगा सकी है। भूदेव पूर्व में भी अपहरण की कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। दो दिसंबर को कायमगंज से अगवा किया गया युवक पकड़े गए भूदेव के चंगुल से निकल भागा था।
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अस्सी लाख का बाग बेचने की खबर पर किया अपहरण
प्रापर्टी डीलर मानिकचंद्र के बड़े भाई राजेंद्र सिंह के साथ काम करने वाले टिंकू सिंह ने ही अपहरण की पूरी कहानी गढ़ी थी। राजेंद्र सिंह साथियों से 80 लाख रुपये का बाग बेचने की बात कही थी। इस खबर को सच्ची मान भूदेव, सुरेंद्र आदि ने तानाबाना बुनकर घटना को अंजाम दिया था।
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कब्रिस्तान में रखा था प्रापर्टी डीलर
बदमाशों ने मानिकचंद्र का अपहरण करने के बाद हजारा नगर के किनारे गांव गदनपुर स्थित एक कब्रिस्तान में छुपा कर रखा गया था। दो दिन तक उसे नशे के इंजेक्शन दिए गए थे।
गैंग में शामिल किया गया था झोलाछाप
पकड़ करने वाले गैंग का पूरा नेटवर्क है। बाकायदा एक झोलाछाप डाक्टर को गैंग में शामिल किया था। झोलाछाप अपहृत कर लाए गए लोगों को बेहोशी का इंजेक्शन लगा देता था। इससे अगवा किए गए लोग बिना किसी विरोध के सुरक्षित रखे जा सकें।
बदमाशों को परिवारीजनों ने पीटा
बदमाशों के पकड़े जाने की जानकारी पर थाने पहुंचेे मृतक के परिवारीजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस बदमाशों को प्रेसवार्ता के बाद हवालात में बंद करने ले जाने लगी, तभी अचानक परिवारीजनों ने उनकी पिटाई कर दी।