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बीमार बच्चों को भी स्कूल भेजने का दबाब बना रहे प्राइवेट स्कूल
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फिरोजाबाद। जिले में डेंगू और वायरल बच्चों के लिए जानलेवा बना हुआ है। स्वास्थ्य विभाग एवं जिला प्रशासन लोगों को सतर्क रहने की हिदायत दे रहा है। इसके बावजूद स्कूल संचालक अपनी हठधर्मिता से बाज नहीं आ रहे। नगर में एक नामचीन स्कूल एक शिक्षक द्वारा वायरल पीड़ित बच्चे को स्कूल भेजने अन्यथा की स्थिति में जुर्माना लगाने की बात कहने की बात सामने आई है।
जिले में डेंगू व वायरल के कारण अभिभावक तनाव में है। जानलेवा बन चुके डेंगू व वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की जान बचाने के लिए अभिभावक इधर से उधर दौड़धूप कर रहे हैं। वहीं नगर के कुछ नामचीन स्कूलों के संचालक बोर्ड परीक्षा से जुड़ी मीटिंग अथवा पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी देने के बहाने बच्चों को स्कूल आने का दबाव बना रहे हैं।
बुधवार को कंपनी बाग स्थित नामचीन स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के परिजनों को बोर्ड परीक्षा से जुड़ी जानकारी देने के बहाने स्कूल आने को कहा। अभिभावक द्वारा छात्रा के वायरल से पीड़ित होने की बात कही गई तो मोबाइल कॉल कर शिक्षक ने अभिभावक से 2000 रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। सरस्वती नगर निवासी अभिभावक की मानें तो विरोध करने के बाद भी शिक्षक ने कई कॉल किए।
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यदि कोई बच्चा किसी बीमारी से ग्रसित है और चिकित्सकों की देखरेख में है। ऐसे में उसे स्कूल आने की कोई आवश्यकता नहीं है। बुखार अथवा अन्य बीमारी से ग्रसित बच्चे को स्कूल बुलाने का दबाव बनाना अथवा जुर्माना लगाने की बात कहना गलत है।
मयंक भटनागर जिलाध्यक्ष प्राइवेट स्कूल संचालक एसोसिएशन
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जिले में डेंगू व वायरल के कारण अभिभावक तनाव में है। जानलेवा बन चुके डेंगू व वायरल बुखार से पीड़ित बच्चों की जान बचाने के लिए अभिभावक इधर से उधर दौड़धूप कर रहे हैं। वहीं नगर के कुछ नामचीन स्कूलों के संचालक बोर्ड परीक्षा से जुड़ी मीटिंग अथवा पाठ्यक्रम के बारे में जानकारी देने के बहाने बच्चों को स्कूल आने का दबाव बना रहे हैं।
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बुधवार को कंपनी बाग स्थित नामचीन स्कूल में पढ़ने वाली एक छात्रा के परिजनों को बोर्ड परीक्षा से जुड़ी जानकारी देने के बहाने स्कूल आने को कहा। अभिभावक द्वारा छात्रा के वायरल से पीड़ित होने की बात कही गई तो मोबाइल कॉल कर शिक्षक ने अभिभावक से 2000 रुपये जुर्माना लगाने की चेतावनी दी। सरस्वती नगर निवासी अभिभावक की मानें तो विरोध करने के बाद भी शिक्षक ने कई कॉल किए।
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यदि कोई बच्चा किसी बीमारी से ग्रसित है और चिकित्सकों की देखरेख में है। ऐसे में उसे स्कूल आने की कोई आवश्यकता नहीं है। बुखार अथवा अन्य बीमारी से ग्रसित बच्चे को स्कूल बुलाने का दबाव बनाना अथवा जुर्माना लगाने की बात कहना गलत है।
मयंक भटनागर जिलाध्यक्ष प्राइवेट स्कूल संचालक एसोसिएशन