{"_id":"587235a74f1c1b1729ba7f42","slug":"postal-ballots-will-vote-to-convict","type":"story","status":"publish","title_hn":"पोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे बंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पोस्टल बैलेट से मतदान करेंगे बंदी
अमर उजाला ब्यूूराे, फीराेजाबाद
Updated Sun, 08 Jan 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
election
विधानसभा चुनाव में बंदी भी मतदान कर सकेंगे। आयोग ने उन्हें पोस्टल बैलेट के माध्यम से वोट डालने का अधिकार दिया है। प्रथम चरण में होने वाले मतदान को जिलों से जिला निर्वाचन अफसर की ओर से पत्र जारी किए जा रहे हैं। ताकि उनके जिलों में मतदान के बैलेट भेजे जा सकें।
आयोग ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद बंदियों को मतदान में शामिल होने का अधिकार दिया है। ये अपने मत का प्रयोग पोस्टल बैलेट के माध्यम से करेंगे। इस कारण ही प्रथम चरण में जिन जनपदों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी जेलों को पत्र भेजकर जिले के बंदियों की ही संख्या मांगी है। प्रत्याशी फाइनल होने एवं प्रतीक चिह्न के आवंटन होने के साथ संबंधित जिले को उतने ही पोस्टल बैलेट को भेजा जाएगा। ताकि बंदी अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए मतदान कर सकेंगे। पोस्टल बैलेट मतदान होने के पश्चात उसी जिले को डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम उदय सिंंह ने बताया कि बंदियों के निरुद्ध होने की सूचना मांगी जा रही है। इसका पत्र जिला कारागार भेजकर सूची मंगाकर सीधे भिजवाई जा रही है। जेल अधीक्षक से भी कौन-कौन से जिले के कितने बंदियों का विवरण मांगा है।
विज्ञापन
आयोग ने प्रदेश की विभिन्न जेलों में बंद बंदियों को मतदान में शामिल होने का अधिकार दिया है। ये अपने मत का प्रयोग पोस्टल बैलेट के माध्यम से करेंगे। इस कारण ही प्रथम चरण में जिन जनपदों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां के जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से सभी जेलों को पत्र भेजकर जिले के बंदियों की ही संख्या मांगी है। प्रत्याशी फाइनल होने एवं प्रतीक चिह्न के आवंटन होने के साथ संबंधित जिले को उतने ही पोस्टल बैलेट को भेजा जाएगा। ताकि बंदी अपनी पसंद के प्रत्याशी के लिए मतदान कर सकेंगे। पोस्टल बैलेट मतदान होने के पश्चात उसी जिले को डाक के माध्यम से भेजे जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं एडीएम उदय सिंंह ने बताया कि बंदियों के निरुद्ध होने की सूचना मांगी जा रही है। इसका पत्र जिला कारागार भेजकर सूची मंगाकर सीधे भिजवाई जा रही है। जेल अधीक्षक से भी कौन-कौन से जिले के कितने बंदियों का विवरण मांगा है।
विज्ञापन