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घरों में कैद हुए लोग, चाय नाश्ते तक को तरसे
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फिरोजाबाद। पुलिस प्रशासन द्वारा मतगणना स्थल के आसपास का क्षेत्र को छावनी बना दिया गया था। सर्विस रोड पर खुलने वाली लिंक गलियों के बाहर बल्ली लगाकर रास्ता अवरूद्घ कर दिया था। लोग घरों में कैद होकर रह गए। दूध वाले तक जाने तक को अनुमति नहीं थी। लोग चाय नाश्ते तक के लिए तरस गए। घरों में कैद लोग बाहर का नजारा देखने के लिए निकले, भीड़ एकत्रित न हो, इसके लिए पुलिस ने उनको दौड़ा दिया।
सुभाष तिराहा और रामलीला मैदान के बीच का क्षेत्र पूरी तरह से पुलिस प्रशासन ने सील कर दिया था। सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर नहीं मार सके। मतगणना स्थल की ओर जाने की अनुमति केवल उन ही लोगों को दी जा रही थी। जिनके पास एंट्री पास थे। रामलीला मैदान और सुभाष तिराहा के बीच का बाजार जहां पूरी तरह से बंद था। तो लोग घरों के अंदर कैद होकर रहे गए थे।
सुभाष तिराहा और रामलीला मैदान के बीच करीब नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को भी अस्पताल के गेट से बाहर आने जाने की अनुमति नहीं थी। जिससे लोग दूध और नाश्ते तक के लिए तरस गए। बच्चे भी स्कूल नहीं जा सके तो सर्विस करने वाले लोगों को अवकाश लेना पड़ा। सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर नहीं मार सके। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात दिखाई दिया। हाईवे पर भी पुलिस बल तैनात रहा। जिसके चलते लोगों को दिन भर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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सुभाष तिराहा और रामलीला मैदान के बीच का क्षेत्र पूरी तरह से पुलिस प्रशासन ने सील कर दिया था। सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर नहीं मार सके। मतगणना स्थल की ओर जाने की अनुमति केवल उन ही लोगों को दी जा रही थी। जिनके पास एंट्री पास थे। रामलीला मैदान और सुभाष तिराहा के बीच का बाजार जहां पूरी तरह से बंद था। तो लोग घरों के अंदर कैद होकर रहे गए थे।
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सुभाष तिराहा और रामलीला मैदान के बीच करीब नर्सिंग होम में भर्ती मरीजों के तीमारदारों को भी अस्पताल के गेट से बाहर आने जाने की अनुमति नहीं थी। जिससे लोग दूध और नाश्ते तक के लिए तरस गए। बच्चे भी स्कूल नहीं जा सके तो सर्विस करने वाले लोगों को अवकाश लेना पड़ा। सुरक्षा ऐसी की परिंदा भी पर नहीं मार सके। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात दिखाई दिया। हाईवे पर भी पुलिस बल तैनात रहा। जिसके चलते लोगों को दिन भर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
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