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मानसून की दस्तक से खिले चेहरे
ब्यूरो,अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sat, 11 Jul 2015 11:45 PM IST
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तपती गर्मी की पहली बारिश में शनिवार को युवक-युवतियां मस्ती करते नजर आए। झमाझम बारिश के बीच लोगों ने रास्तों पर जमकर मस्ती की। सुबह होने के साथ लोग थोड़ा गर्मी से निजात पाने पर खुश दिखे। युवकों के साथ बच्चों में उत्साह नजर रहा था। तेज बारिश में भी मस्ती करने वालों की भीड़ रही। सुहागनगरी की सड़कों पर झमाझम बारिश ने मस्ती को दुगना कर दिया। सड़कों पर जगह-जगह जमा बारिश के पानी में बच्चों और युवाओं ने इस कदर मस्ती की कि लोग दंग रह गए। लोगों ने बारिश के बीच ही साइकिलिंग और बाइक राइडिंग का आनंद उठाया। गर्मी के बीच सुबह से शुरू हुई बारिश ने लोगों के मस्ती करने के सपने को पूरा कर दिया।
आखिर जिले में मानसून ने दस्तक दे ही दी। शनिवार सुबह साढ़े सात से 11 बजे तक लगातार हुई बारिश से लोगों के और खासकर किसानों के चेहरों पर रौनक और खुशी नजर आई। सुबह 11 बजे के बाद बारिश भले ही नहीं हुई, लेकिन काली घटाओं के बीच चली ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया। बारिश के चलते बच्चों के साथ अभिभावकों को भी स्कूल के लिए दौड़ लगानी पड़ी। कुछ बच्चों ने स्कूल जाने का प्लान ही केंसिल कर दिया। बारिश फसलों के लिए वरदान मानी जा रही है। लगातार बारिश से शहर के निचले मोहल्लों में जल भराव की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन गर्मी से मिलने वाली निजात से लोगों के मन में शान्ति की लहर थी। शनिवार को तापमान गिरकर अधिकतम 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
मानसून की दस्तक के साथ ही शनिवार को बारिश का क्रम सुबह से प्रारंभ हो गया। साढ़े सात बजे से रिमझिम बारिश कभी तेज तो कभी हल्की हुई। बारिश नहीं रुकने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को भीगते हुए ही जाना पड़ा। कुछ ने स्कूल न जाकर घर पर ही धमाल मचाया। बारिश का क्रम लगातार 11 बजे तक चलने के कारण बाजार भी काफी देर से खुल सका। कुछ दुकानदार भीगते हुए दुकानों को खोलने के लिए पहुंच गए। हालांकि छतरी के साथ ही त्रिपाल एवं प्लास्टिक की पन्नी की बिक्री करने वालों ने सुबह से ही दुकानों को सजा लिया था। यहां ग्राहकों की कतार लगी दिखाई दी। क्योंकि कोई घर के लिए तो कोई दुकान अथवा फड़ को पानी से बचाने के लिए इनको खरीद रहा था। दो दिन की बारिश ने परेशान किसानों के चेहरों पर चमक बिखेर दी, वह इस बारिश से खुश दिखाई दिए। उन्होंने खेतों में बाजरा की फसल की बुवाई प्रारंभ कर दी। इसके साथ ही उन क्षेत्रों के किसान बुवाई की तैयारी करने लगे जहां सिंचाई के साधन नहीं थे।
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नई आबादी में बढ़ी फिसलन
दो दिन की बारिश के साथ नई आबादी के वाशिंदों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। गलियां कच्ची होने के कारण निकलना तक मुश्किल हो गया है। फीरोजाबाद निगम क्षेत्र में शामिल हुई 13 ग्राम सभाओं में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके हैं। इसके कारण लोगों के लिए यह बारिश मुसीबत लेकर आई है। लोग जलभराव एवं दलदल युक्त रास्ते से गुजरने को विवश हैं।
इन इलाकों में हुआ जलभराव
शहरी क्षेत्र में पुराना तिलक नगर, बोधाश्रम रोड, सर्विस रोड के दोनों ओर, मिर्जा का नगला के निकट सर्विस रोड, चंद्रवार गेट, पेमेश्वर गेट, मोहल्ला कुरैशियान, बस स्टेंड के सामने, नगर पालिका मार्केट तथा रामलीला चौराहा सहित कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
जिले में इतनी बारिश हो गई है कि किसान खरीफ की फसल की बुवाई आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि बुवाई का काम पहले शुरू हो गया था, लेकिन इस बारिश के बाद यह काम तेजी से होगा।
-अखिलेश पांडेय
जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।
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आखिर जिले में मानसून ने दस्तक दे ही दी। शनिवार सुबह साढ़े सात से 11 बजे तक लगातार हुई बारिश से लोगों के और खासकर किसानों के चेहरों पर रौनक और खुशी नजर आई। सुबह 11 बजे के बाद बारिश भले ही नहीं हुई, लेकिन काली घटाओं के बीच चली ठंडी हवाओं ने मौसम सुहावना बना दिया। बारिश के चलते बच्चों के साथ अभिभावकों को भी स्कूल के लिए दौड़ लगानी पड़ी। कुछ बच्चों ने स्कूल जाने का प्लान ही केंसिल कर दिया। बारिश फसलों के लिए वरदान मानी जा रही है। लगातार बारिश से शहर के निचले मोहल्लों में जल भराव की समस्या से लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, लेकिन गर्मी से मिलने वाली निजात से लोगों के मन में शान्ति की लहर थी। शनिवार को तापमान गिरकर अधिकतम 32.8 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 21.6 डिग्री सेल्सियस तक आ गया।
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मानसून की दस्तक के साथ ही शनिवार को बारिश का क्रम सुबह से प्रारंभ हो गया। साढ़े सात बजे से रिमझिम बारिश कभी तेज तो कभी हल्की हुई। बारिश नहीं रुकने के कारण स्कूल जाने वाले बच्चों को भीगते हुए ही जाना पड़ा। कुछ ने स्कूल न जाकर घर पर ही धमाल मचाया। बारिश का क्रम लगातार 11 बजे तक चलने के कारण बाजार भी काफी देर से खुल सका। कुछ दुकानदार भीगते हुए दुकानों को खोलने के लिए पहुंच गए। हालांकि छतरी के साथ ही त्रिपाल एवं प्लास्टिक की पन्नी की बिक्री करने वालों ने सुबह से ही दुकानों को सजा लिया था। यहां ग्राहकों की कतार लगी दिखाई दी। क्योंकि कोई घर के लिए तो कोई दुकान अथवा फड़ को पानी से बचाने के लिए इनको खरीद रहा था। दो दिन की बारिश ने परेशान किसानों के चेहरों पर चमक बिखेर दी, वह इस बारिश से खुश दिखाई दिए। उन्होंने खेतों में बाजरा की फसल की बुवाई प्रारंभ कर दी। इसके साथ ही उन क्षेत्रों के किसान बुवाई की तैयारी करने लगे जहां सिंचाई के साधन नहीं थे।
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नई आबादी में बढ़ी फिसलन
दो दिन की बारिश के साथ नई आबादी के वाशिंदों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई। गलियां कच्ची होने के कारण निकलना तक मुश्किल हो गया है। फीरोजाबाद निगम क्षेत्र में शामिल हुई 13 ग्राम सभाओं में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हो सके हैं। इसके कारण लोगों के लिए यह बारिश मुसीबत लेकर आई है। लोग जलभराव एवं दलदल युक्त रास्ते से गुजरने को विवश हैं।
इन इलाकों में हुआ जलभराव
शहरी क्षेत्र में पुराना तिलक नगर, बोधाश्रम रोड, सर्विस रोड के दोनों ओर, मिर्जा का नगला के निकट सर्विस रोड, चंद्रवार गेट, पेमेश्वर गेट, मोहल्ला कुरैशियान, बस स्टेंड के सामने, नगर पालिका मार्केट तथा रामलीला चौराहा सहित कई अन्य क्षेत्रों में जलभराव हो गया।
जिले में इतनी बारिश हो गई है कि किसान खरीफ की फसल की बुवाई आसानी से कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि बुवाई का काम पहले शुरू हो गया था, लेकिन इस बारिश के बाद यह काम तेजी से होगा।
-अखिलेश पांडेय
जिला कृषि अधिकारी फीरोजाबाद।