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Firozabad News: वक्फ विधेयक का विरोध बेअसर, खुले रहे बाजार और कारखाने
Fri, 03 Oct 2025 05:16 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 03 Oct 2025 05:16 PM IST
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जुमे की नमाज और बंदी के एलान के मद्देनजर जामा मस्जिद के पास तैनात पुलिस अमला। संवाद
जुमे की नमाज कड़ी निगरानी में हुई, अमन-चैन की दुआ मांगी
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा किए गए बंद के एलान का शुक्रवार को जिले के उद्योग जगत पर कोई असर नहीं पड़ा है। बाजार पूरी तरह खुले रहे और सबसे बड़ी राहत कांच चूड़ी कारखानों को मिली, जहां काम जारी रहा। जुमे की नमाज सभी मस्जिदों में शांतिपूर्वक हुई। मुस्लिम इलाकों में भी बाजार पूरी तरह खुले रहे। नमाज के बाद जामा मस्जिद से की गई तकरीर में अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई।
दरअसल, बंद की आशंका से पॉट भट्ठी कारखानेदार तनाव में थे। प्रशासन के सहयोग और कारखानेदारों की निरंतर पैरवी के बाद मुस्लिम श्रमिकों के ठेकेदार काम लगाने को सहमत हो गए। इसी का परिणाम रहा कि सुबह पहली शिफ्ट से ही कांच चूड़ी कारखानों में कामकाज पटरी पर लौट आया, जिससे उद्योग जगत ने राहत की सांस ली है।
पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी और सक्रियता (होमवर्क) ने शहर में शांति बनाए रखी। अधिकारियों ने देर रात तक कारखानेदारों के साथ समन्वय स्थापित किया। जुमे की नमाज भी कड़ी निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई, जिसमें अमन चैन की दुआ मांगी गई।
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बंद का कोई असर जिले में नहीं रहा। पुलिस-प्रशासन की अपील मानते हुए सभी जिलेवासियों ने पूरा साथ दिया, इसके लिए सभी का धन्यवाद।
- सौरभ दीक्षित, एसएसपी
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संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। वक्फ संशोधन विधेयक के विरोध में कुछ मुस्लिम संगठनों द्वारा किए गए बंद के एलान का शुक्रवार को जिले के उद्योग जगत पर कोई असर नहीं पड़ा है। बाजार पूरी तरह खुले रहे और सबसे बड़ी राहत कांच चूड़ी कारखानों को मिली, जहां काम जारी रहा। जुमे की नमाज सभी मस्जिदों में शांतिपूर्वक हुई। मुस्लिम इलाकों में भी बाजार पूरी तरह खुले रहे। नमाज के बाद जामा मस्जिद से की गई तकरीर में अफवाहों से दूर रहने की सलाह दी गई।
दरअसल, बंद की आशंका से पॉट भट्ठी कारखानेदार तनाव में थे। प्रशासन के सहयोग और कारखानेदारों की निरंतर पैरवी के बाद मुस्लिम श्रमिकों के ठेकेदार काम लगाने को सहमत हो गए। इसी का परिणाम रहा कि सुबह पहली शिफ्ट से ही कांच चूड़ी कारखानों में कामकाज पटरी पर लौट आया, जिससे उद्योग जगत ने राहत की सांस ली है।
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पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी और सक्रियता (होमवर्क) ने शहर में शांति बनाए रखी। अधिकारियों ने देर रात तक कारखानेदारों के साथ समन्वय स्थापित किया। जुमे की नमाज भी कड़ी निगरानी में शांतिपूर्वक संपन्न हुई, जिसमें अमन चैन की दुआ मांगी गई।
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बंद का कोई असर जिले में नहीं रहा। पुलिस-प्रशासन की अपील मानते हुए सभी जिलेवासियों ने पूरा साथ दिया, इसके लिए सभी का धन्यवाद।
- सौरभ दीक्षित, एसएसपी