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मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र के बाजार खुले तो दिखाई दी रौनक
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हाजीपुरा रोड पर बाजार खुलने के साथ ही खरीदारी करने निकली महिलाएं
- फोटो : FIROZABAD
फिरोजाबाद। अनलॉक-1 के साथ मुस्लिम बहुल क्षेत्र के बाजार भी खुलने लगे हैं। जिसके साथ जरूरत के सामान की खरीदारी करने के लिए ग्राहक पहुंच रहे हैं। इस तरह का आलम हाजीपुरा, नालबंद चौराहा एवं शीतल खां रोड के बाजारों में देखने को मिला। दुकानदारों को कहना था कि करीब ढाई माह से दुकानों के बंद होने के कारण स्थिति बहुत खराब हो गई थी। बाजार खुलने के साथ ही क्षेत्र में रौनक दिखाई दी।
हाजीपुरा का एक साइड का खुला बाजार
हाजीपुरा से जाटवपुरी चौराहे तक पश्चिम साइड का पट्टी का बाजार खुला था। बाजार में काफी चहल-पहल थी। महिलाएं घरेलू सामान की खरीदारी करने में व्यस्त दिखाई दीं। कोई बच्चों के कपड़े तो कोई परिवार के लिए सामान की खरीदारी करता दिखाई दिया। स्वर्णकारों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। रेडीमेड व गर्मी के कपड़ों की सर्वाधिक बिक्री होती दिखाई दी। कोई बाइक से तो कोई ई-रिक्शा के माध्यम से पहुंच रहा था। बाजार में भीड़ होने के बाद भी यहां पुलिस नदारद रही।
शीतल खां रोड में कुछ दुकानें खुलीं
शीतल खां रोड के बाजार की कुछ दुकानें खुली थीं तो कुछ बंद दिखाई दीं। दुकानदारों का कहना था कि ढाई माह की बंदी के कारण स्थिति अत्यधिक खराब हो गई थी। सरकार की कोई ऐसी योजना हो जो हम गरीबों को कुछ मिल जाए तो बेहतर होगा। आज बाजार खुलने से लोगों की चहल-पहल नजर आई। कोई परचूनी की दुकान पर खरीदारी कर रहा था तो कोई टेलर की दुकान पर कपड़े बनवाने के लिए पहुंच रहा था।
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हुसैनी चौराहे पर चूड़ी के गोदाम खुले
हुसैनी चौराहे के पास चूड़ी के गोदाम खुले दिखाई दे रहे थे। इनमें चूड़ी का माल उतारने के साथ पैक माल को भेजे जाने का काम चल रहा था। श्रमिक ठेलों के माध्यम से माल को ले जाने एवं उतारने का काम कर रहे थे। इसके कारण चूड़ी गोदामों के संचालक भी व्यस्त दिखाई दिए। बोले कि साहब काम-धंधा तो कोरोना के कारण चौपट हो गया। फिर से शुरूआत हुई है तो आगे कुछ बेहतर होगा।
आर्टिफिशियल ज्वैलरी मार्केट भी खुला
कटरा सुनारान स्थित आर्टिफिशियल ज्वैलरी मार्केट बुधवार को खुला तो यहां काफी रौनक दिखाई दी। पिछले करीब ढाई माह से सन्नाटे में घिरे रहने वाले बाजार में थोक की दुकानों पर ग्राहक खरीदारी को उमड़े। वहीं फुटकर दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते दिखे। कटरा बाजार में दोनों ओर की दुकानें खुली हुई थीं। महिलाओं के द्वारा आर्टिफिशियल ज्वैलरी की खरीदारी की जा रही थी।
बोले दुकानदार, बाजार खुलने से कुछ तो राहत मिली...
- शीतल खां रोड पर टेलरिंग की दुकान करने वाले जमील अहमद कहते हैं कि ढाई माह के लॉकडाउन के कारण दिक्कत थी। बच्चे, बीबी तक परेशान थे क्योंकि खाने-पीने की व्यवस्था नहीं थी। बाजार खुलने से ग्राहक आएंगे तो रोजी-रोटी चल जाएगी।
- हाजीपुरा बाजार के दुकानदार मोहम्मद आसिफ का कहना है कि बाजार खुलने से बड़ी राहत मिली है। घर में बंद रहते-रहते परेशान हो गए थे। बाजार खुला है तो ग्राहक भी आएंगे। रोजगार चलने से ही परिवार का खर्चा चलेगा। लॉकडाउन के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी।
- नालबंद चौराहे पर जूता-चप्पल की दुकान संचालित करने वाले चांद कुरैशी कहते हैं कि पिछले ढाई माह से हाथ बंद रहने के कारण दिक्कत हो गई थी। बाजार खुलने से दुकान तो खोल ली। लेकिन ऊपर से माल नहीं आ पाने के कारण ग्राहक को मन के मुताबिक सामान नहीं मिल पा रहा है।
- प्रदीप जैन बोले कि तीन-तीन दिन बाजार खुलने लगा है। इससे कुछ राहत तो मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाजार खुलने के साथ ग्राहक आना भी शुरू हो गए। लेकिन थोक की दुकानों पर ग्राहक ज्यादा आ रहे हैं। क्योंकि गांव में फेरी लगाने वाले माल ले जाते हैं।
नालबंद चौराहे को छोड़कर नहीं दिखी फोर्स
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में 30 अप्रैल के बाद केस मिलना शुरू होने के साथ क्षेत्र पूरी तरह से सील कर दिया गया था। पुलिस फोर्स हमेशा तैनात रहती थी। लेकिन बुधवार को न तिराहे और न ही सरक्यूलर रोड पर फोर्स दिखाई दी। नगला बरी चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी साइड से बैठे थे। नालबंद के चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी सख्ती बरतते दिखाई दिए। पुलिस तीन सवारी के साथ ज्यादा लोगों के आवागमन पर रोक लगा रही थी। इस दौरान पुलिस के जवान सभी से लॉकडाउन का पालन किए जाने का आह्वान करते दिखाई दिए।
बसों का आवागमन शुरू, बाजार बंद
बसों का आवागमन तो परिवहन विभाग ने शुरू कर दिया। सामाजिक दूरी बनाते हुए बसें सवारियों को ढो रही हैं। लेकिन बस स्टैंड के आस-पास की दुकानों को बंद करा दिया गया है। इसके कारण यात्रियों को यहां पानी से लेकर अन्य सामान नहीं मिल पा रहा है। एक साइड का बाजार तो एक दिन खुल जाता है लेकिन दूसरी साइड का बाजार नहीं खुल पा रहा है। इसके कारण बस स्टैंड के पास के दुकानदार परेशान हैं। उन्होंने डीएम से बाजार खुलवाए जाने की मांग की है।
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हाजीपुरा का एक साइड का खुला बाजार
हाजीपुरा से जाटवपुरी चौराहे तक पश्चिम साइड का पट्टी का बाजार खुला था। बाजार में काफी चहल-पहल थी। महिलाएं घरेलू सामान की खरीदारी करने में व्यस्त दिखाई दीं। कोई बच्चों के कपड़े तो कोई परिवार के लिए सामान की खरीदारी करता दिखाई दिया। स्वर्णकारों की दुकानों पर महिलाओं की भीड़ दिखाई दी। रेडीमेड व गर्मी के कपड़ों की सर्वाधिक बिक्री होती दिखाई दी। कोई बाइक से तो कोई ई-रिक्शा के माध्यम से पहुंच रहा था। बाजार में भीड़ होने के बाद भी यहां पुलिस नदारद रही।
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शीतल खां रोड में कुछ दुकानें खुलीं
शीतल खां रोड के बाजार की कुछ दुकानें खुली थीं तो कुछ बंद दिखाई दीं। दुकानदारों का कहना था कि ढाई माह की बंदी के कारण स्थिति अत्यधिक खराब हो गई थी। सरकार की कोई ऐसी योजना हो जो हम गरीबों को कुछ मिल जाए तो बेहतर होगा। आज बाजार खुलने से लोगों की चहल-पहल नजर आई। कोई परचूनी की दुकान पर खरीदारी कर रहा था तो कोई टेलर की दुकान पर कपड़े बनवाने के लिए पहुंच रहा था।
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हुसैनी चौराहे पर चूड़ी के गोदाम खुले
हुसैनी चौराहे के पास चूड़ी के गोदाम खुले दिखाई दे रहे थे। इनमें चूड़ी का माल उतारने के साथ पैक माल को भेजे जाने का काम चल रहा था। श्रमिक ठेलों के माध्यम से माल को ले जाने एवं उतारने का काम कर रहे थे। इसके कारण चूड़ी गोदामों के संचालक भी व्यस्त दिखाई दिए। बोले कि साहब काम-धंधा तो कोरोना के कारण चौपट हो गया। फिर से शुरूआत हुई है तो आगे कुछ बेहतर होगा।
आर्टिफिशियल ज्वैलरी मार्केट भी खुला
कटरा सुनारान स्थित आर्टिफिशियल ज्वैलरी मार्केट बुधवार को खुला तो यहां काफी रौनक दिखाई दी। पिछले करीब ढाई माह से सन्नाटे में घिरे रहने वाले बाजार में थोक की दुकानों पर ग्राहक खरीदारी को उमड़े। वहीं फुटकर दुकानदार ग्राहकों के आने का इंतजार करते दिखे। कटरा बाजार में दोनों ओर की दुकानें खुली हुई थीं। महिलाओं के द्वारा आर्टिफिशियल ज्वैलरी की खरीदारी की जा रही थी।
बोले दुकानदार, बाजार खुलने से कुछ तो राहत मिली...
- शीतल खां रोड पर टेलरिंग की दुकान करने वाले जमील अहमद कहते हैं कि ढाई माह के लॉकडाउन के कारण दिक्कत थी। बच्चे, बीबी तक परेशान थे क्योंकि खाने-पीने की व्यवस्था नहीं थी। बाजार खुलने से ग्राहक आएंगे तो रोजी-रोटी चल जाएगी।
- हाजीपुरा बाजार के दुकानदार मोहम्मद आसिफ का कहना है कि बाजार खुलने से बड़ी राहत मिली है। घर में बंद रहते-रहते परेशान हो गए थे। बाजार खुला है तो ग्राहक भी आएंगे। रोजगार चलने से ही परिवार का खर्चा चलेगा। लॉकडाउन के कारण आर्थिक स्थिति खराब हो गई थी।
- नालबंद चौराहे पर जूता-चप्पल की दुकान संचालित करने वाले चांद कुरैशी कहते हैं कि पिछले ढाई माह से हाथ बंद रहने के कारण दिक्कत हो गई थी। बाजार खुलने से दुकान तो खोल ली। लेकिन ऊपर से माल नहीं आ पाने के कारण ग्राहक को मन के मुताबिक सामान नहीं मिल पा रहा है।
- प्रदीप जैन बोले कि तीन-तीन दिन बाजार खुलने लगा है। इससे कुछ राहत तो मिलेगी। उन्होंने कहा कि बाजार खुलने के साथ ग्राहक आना भी शुरू हो गए। लेकिन थोक की दुकानों पर ग्राहक ज्यादा आ रहे हैं। क्योंकि गांव में फेरी लगाने वाले माल ले जाते हैं।
नालबंद चौराहे को छोड़कर नहीं दिखी फोर्स
मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में 30 अप्रैल के बाद केस मिलना शुरू होने के साथ क्षेत्र पूरी तरह से सील कर दिया गया था। पुलिस फोर्स हमेशा तैनात रहती थी। लेकिन बुधवार को न तिराहे और न ही सरक्यूलर रोड पर फोर्स दिखाई दी। नगला बरी चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी साइड से बैठे थे। नालबंद के चौराहे पर तैनात पुलिसकर्मी सख्ती बरतते दिखाई दिए। पुलिस तीन सवारी के साथ ज्यादा लोगों के आवागमन पर रोक लगा रही थी। इस दौरान पुलिस के जवान सभी से लॉकडाउन का पालन किए जाने का आह्वान करते दिखाई दिए।
बसों का आवागमन शुरू, बाजार बंद
बसों का आवागमन तो परिवहन विभाग ने शुरू कर दिया। सामाजिक दूरी बनाते हुए बसें सवारियों को ढो रही हैं। लेकिन बस स्टैंड के आस-पास की दुकानों को बंद करा दिया गया है। इसके कारण यात्रियों को यहां पानी से लेकर अन्य सामान नहीं मिल पा रहा है। एक साइड का बाजार तो एक दिन खुल जाता है लेकिन दूसरी साइड का बाजार नहीं खुल पा रहा है। इसके कारण बस स्टैंड के पास के दुकानदार परेशान हैं। उन्होंने डीएम से बाजार खुलवाए जाने की मांग की है।