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विस्तारीकरण की हकीकत जानने दौड़े अफसर
ब्यूरो अमर उजाला फीरोजाबाद
Updated Sun, 04 Jan 2015 11:29 PM IST
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फीरोजाबाद में रविवार के दिन भी प्रशासनिक अफसर कांच उद्योग की बड़ी इकाइयों में क्षमता विस्तारीकरण की हकीकत जानने दौड़ते नजर आए। एसडीएम के निर्देशन में उद्योग विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं सीडीजीआई के अफसरों ने पांच कारखानों का निरीक्षण किया।
सुहागनगरी की बड़ी इकाइयों पर विस्तारीकरण के मामले को लेकर संकट मंडराता नजर आ रहा है। गत माह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शहर की सभी कांच इकाइयों का सर्वे कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी गई थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम द्वारा प्रशासनिक अफसरों से शहर की बड़ी इकाइयां में विस्तारीकरण की हकीकत जानने को लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम द्वारा सात इकाईयों का निरीक्षण किया गया।
शनिवार को डीएम ने स्वयं पंकज ग्लास पहुंचे और एसडीएम द्वारा ओम ग्लास का निरीक्षण किया गया। एसडीएम सदर विजय कुमार के निर्देशन में रविवार को उद्योग विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने पांच इकाइयों का निरीक्षण कर फर्नेश की क्षमता का आंकलन किया। कांच इकाईयों में अफसरों द्वारा की गई छापेमारी से उद्यमियों और कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही। एसडीएम ने बताया कि रविवार ाके पंकज ग्लास, हिंद ग्लास, सीताराम ग्लास, गोयल ग्लास व जीएस ग्लास का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण में क्षमता में कोई खास अंतर नहीं मिला।
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सुहागनगरी की बड़ी इकाइयों पर विस्तारीकरण के मामले को लेकर संकट मंडराता नजर आ रहा है। गत माह प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा शहर की सभी कांच इकाइयों का सर्वे कर रिपोर्ट मंडलायुक्त को भेजी गई थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर डीएम द्वारा प्रशासनिक अफसरों से शहर की बड़ी इकाइयां में विस्तारीकरण की हकीकत जानने को लगातार निरीक्षण किया जा रहा है। शुक्रवार को एसडीएम द्वारा सात इकाईयों का निरीक्षण किया गया।
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शनिवार को डीएम ने स्वयं पंकज ग्लास पहुंचे और एसडीएम द्वारा ओम ग्लास का निरीक्षण किया गया। एसडीएम सदर विजय कुमार के निर्देशन में रविवार को उद्योग विभाग एवं प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अफसरों ने पांच इकाइयों का निरीक्षण कर फर्नेश की क्षमता का आंकलन किया। कांच इकाईयों में अफसरों द्वारा की गई छापेमारी से उद्यमियों और कारखानों में कार्यरत कर्मचारियों में अफरा-तफरी मची रही। एसडीएम ने बताया कि रविवार ाके पंकज ग्लास, हिंद ग्लास, सीताराम ग्लास, गोयल ग्लास व जीएस ग्लास का निरीक्षण किया गया है। निरीक्षण में क्षमता में कोई खास अंतर नहीं मिला।
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