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Firozabad News: नीरी के वैज्ञानिकों ने चूड़ी के निर्माण की तकनीकी को देखा

Tue, 05 Dec 2023 12:09 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 05 Dec 2023 12:09 AM IST
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Neeri scientists looked at the technology of making bangles
फिरोजाबाद। सैक्टोरियल गाइड लाइन तैयार कर रही नीरी की टीम सोमवार को शहर में आई। वरिष्ठ वैज्ञानिक के नेतृत्व में आई टीम ने इंडस्ट्रीरियल इलाकों का भ्रमण किया। तीन इकाइयों में जाकर कांच व चूड़ी आयटमों के निर्माण संबंधी तकनीकी जानकारी ली। टीम के साथ पीसीबी, उद्योग व गेल इंडिया के अधिकारी शामिल रहे। टीटीजेड एरिया में संचालित इकाइयों के लिए नीरी द्वारा सैक्टोरियल गाइड लाइन तैयार की जा रही है। राष्ट्रीय पर्यावरण विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (नीरी) के वरिष्ठ वैज्ञानिक एसके गोयल के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम अचानक शहर में आई। उपायुक्त उद्योग दुष्यंत कुमार एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड डीके पांडेय के साथ टीम ने अलग-अलग जगहों पर स्थित यूपीसीडा, नगला भाऊ, स्टेशन रोड तिकोनिया के अलावा ढोलपुरा आदि भ्रमण किया। टीम ने रचना ग्लास, मातेश्वरी एवं गीता ग्लास में जाकर कांच, चूड़ी एवं बोतल निर्माण कार्य को देखा। तथा उनके तकनीकी पहलुओं की जानकारी ली।
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वरिष्ठ वैज्ञानिक नीरी एसके गोयल का मुख्य फोकस माउथ ब्लोइंग उत्पादों के निर्माण पर रहा। उन्होंने संबंधित उद्यमी और उद्योग विभाग के अफसरों से माउथ ब्लोइंग आयटम निर्माण से जुड़े बिंदुओं को नोट भी किया। गेल इंडिया के आशीष शुक्ला के अलावा सहायक प्रबंधक उद्योग संदीप कुमार, शत्रुघ्न दिवाकर ने नीरी वैज्ञानिकों को फिरोजाबाद के कांच उद्योग के बारे में बताया।
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सैक्टोरियल गाइड लाइन के इंतजार में खड़ीं शहर की 53 इकाइयां
वर्ष 1996 में कोयला से संचालित होती रही करीब 53 इकाइयां सुहागनगरीं में ऐसी हैं जिन्हें अलग अलग कारणों से रियायती दर वाली नेचुरल गैस की सप्लाई नहीं मिल सकी। इनमें से कुछ इकाइयां ऐसी भी है, जो शहर के आंतरिक इलाकों से दूसरी जगह स्थानांतरण की उम्मीद में हैं। सैक्टोरियल गाइडलाइन जारी होने के बाद ही गैस सप्लाई के लिए आवेदन करने वाली स्थानांतरण वाली और गैस कोटा बढ़ाने वाली सभी 53 इकाइयों के भाग्य का फैसला होगा। उक्त इकाई के संचालक व भागीदार वर्ष 2015 से सैक्टोरियल गाइडलाइन के इंतजार में है। इनमें से कई पूरी तरह से तैयार हो चुकी है। उत्पादन प्रकिया के मुहाने पर है।
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