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एमएलसी चुनाव: आज रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, कल 33 बूथों पर मतदान
Thu, 22 Oct 2026 12:33 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:33 AM IST
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निगम के जीवाराम हाल का निरीक्षण करते एसडीएम व सीओ सिटी संवाद
- फोटो : निगम के जीवाराम हाल का निरीक्षण करते एसडीएम व सीओ सिटी संवाद
फिरोजाबाद। आगरा खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन (एमएलसी) चुनाव की घड़ी करीब आ गई है। बृहस्पतिवार को सभी पोलिंग पार्टियों के सदस्यों को सुबह 7 बजे कलेक्ट्रेट स्थित निर्वाचन कार्यालय पहुंचने के निर्देश हैं। वहां से चुनाव सामग्री प्राप्त करने के बाद सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित वाहनों से पोलिंग पार्टियों को बूथों के लिए रवाना किया जाएगा। 23 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक 33 बूथों पर मतदान होगा। बुधवार को इस संबंध में पुलिस लाइन में पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों को ब्रीफ भी किया गया। नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर 05612-285084 भी जारी किया गया है।
मतदान को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। वहीं, दूसरी ओर चुनाव में अपनी-अपनी जीत दर्ज कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिले में एमएलसी चुनाव के लिए कुल 33 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें स्नातक मतदाताओं के लिए 22 बूथ और शिक्षक मतदाताओं के लिए 11 बूथ निर्धारित किए गए हैं।
स्नातक के 15,399 और शिक्षक क्षेत्र के कुल 3,075 मतदाता
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्नातक क्षेत्र में कुल 15,399 मतदाता (10,067 पुरुष व 5,332 महिला) और शिक्षक क्षेत्र में कुल 3,075 मतदाता (2,113 पुरुष व 962 महिला) शामिल हैं। मतदान 23 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके लिए मतदाताओं हेतु विशेष दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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प्रशासन की चाक-चौबंद तैयारी, 172 कर्मी और मजिस्ट्रेट तैनात
चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कुल 172 पोलिंग कर्मियों (132 मुख्य व 40 रिजर्व) की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही सुरक्षा व निगरानी के लिए 43 माइक्रो ऑब्जर्वर, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 5 जोनल मजिस्ट्रेट और 43 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। स्नातक के 22 बूथों पर वीडियो कैमरा निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। पोलिंग पार्टियों और मतपेटियों को लाने-ले जाने के लिए 8 मिनी बसें और 5 बड़ी बसों का इंतजाम किया गया है।
भाजपा ने मंत्री जयवीर सिंह को सौंपी कमान, सपा के कैंप से सांसद अक्षय रखेंगे नजर
चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी से निगरानी के लिए एक हाई-टेक वार रूम तैयार किया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ-साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह के अनुसार मेयर और विधायकों को समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाया गया है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति मजबूत की है। सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह ने बताया कि सांसद अक्षय यादव स्वयं पूरी चुनावी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और सभी बूथों पर मतदान अभिकर्ताओं की सूची अंतिम रूप से तैयार कर ली गई है।
डीएम-एसएसपी ने दिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस लाइन सभागार में जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग हुई। डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसएसपी आदित्य लांग्हे ने अधिकारियों को बैलेट बॉक्स की पारदर्शिता, प्रवेश से निकास तक अनिवार्य वीडियोग्राफी और सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए। मतदान केंद्रों की छतों की जांच, हिस्ट्रीशीटरों पर निरोधात्मक कार्रवाई और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलरेंस के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। संवाद
अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली
उप जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना जायसवाल ने बताया कि इन चुनावों की मतदान और मतगणना की प्रक्रिया आम चुनावों (जैसे विधानसभा या लोकसभा) से कैसे भिन्न होती है। एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया बेहद अनूठी है, जिसमें आम जनता सीधे वोट नहीं डालती और न ही मतपत्रों पर कोई पार्टी चिह्न होता है। इस चुनाव में मतदाता खास समूह या चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं, जैसे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जिले या क्षेत्र के पंजीकृत स्नातक मतदाता वोट डालते हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए माध्यमिक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक मतदाता होते हैं। एमएलसी चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर (मतपत्र) के माध्यम से होगा। मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम दर्ज होंगे, लेकिन कोई भी राजनीतिक पार्टी का चिह्न नहीं होगा। इस चुनाव में सिंगल ट्रांसफरेबल वोटिंग (एकल हस्तांतरणीय मतदान पद्धति) का उपयोग किया जाता है। इसमें मतदाता केवल किसी एक उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाने के बजाय, अपनी पसंद के अनुसार उम्मीदवारों को प्राथमिकता (पहली पसंद, दूसरी पसंद, तीसरी पसंद आदि) देते हैं।
इस प्रकार डालें वोट, रोमन अंकों का करें प्रयोग
मतदाता बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम के आगे रोमन अंकों (I, II, III...) के रूप में अपनी वरीयता दर्ज कराएंगे। मतदाता अपनी पसंद के हिसाब से सभी या कुछेक उम्मीदवारों को रैंक दे सकते हैं। इस चुनाव में जीत का फैसला केवल कुल वोटों की संख्या के आधार पर नहीं होता, बल्कि प्राथमिकता-आधारित रैंकिंग सिस्टम से होता है। सबसे पहले पहली पसंद (फर्स्ट प्रेफरेंस) के वोटों की गिनती होती है। यदि किसी उम्मीदवार को जीत के लिए निर्धारित कोटा प्राप्त हो जाता है, तो वह विजयी घोषित हो जाता है। यदि स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों के वोटों को उनकी अगली वरीयता के अनुसार ट्रांसफर (हस्तांतरित) किया जाता है। अंत में सबसे अधिक वरीयता और समर्थन पाने वाले उम्मीदवार जीत हासिल करते हैं।
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मतदान को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी प्रशासनिक व सुरक्षा व्यवस्थाएं पूरी कर ली हैं। वहीं, दूसरी ओर चुनाव में अपनी-अपनी जीत दर्ज कराने के लिए भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। जिले में एमएलसी चुनाव के लिए कुल 33 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इनमें स्नातक मतदाताओं के लिए 22 बूथ और शिक्षक मतदाताओं के लिए 11 बूथ निर्धारित किए गए हैं।
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स्नातक के 15,399 और शिक्षक क्षेत्र के कुल 3,075 मतदाता
जिला निर्वाचन कार्यालय की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, स्नातक क्षेत्र में कुल 15,399 मतदाता (10,067 पुरुष व 5,332 महिला) और शिक्षक क्षेत्र में कुल 3,075 मतदाता (2,113 पुरुष व 962 महिला) शामिल हैं। मतदान 23 अक्तूबर को सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगा, जिसके लिए मतदाताओं हेतु विशेष दिशा निर्देश भी जारी किए गए हैं।
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प्रशासन की चाक-चौबंद तैयारी, 172 कर्मी और मजिस्ट्रेट तैनात
चुनाव को पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने कुल 172 पोलिंग कर्मियों (132 मुख्य व 40 रिजर्व) की ड्यूटी लगाई है। इसके साथ ही सुरक्षा व निगरानी के लिए 43 माइक्रो ऑब्जर्वर, 18 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 5 जोनल मजिस्ट्रेट और 43 स्टैटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। स्नातक के 22 बूथों पर वीडियो कैमरा निगरानी की व्यवस्था भी की गई है। पोलिंग पार्टियों और मतपेटियों को लाने-ले जाने के लिए 8 मिनी बसें और 5 बड़ी बसों का इंतजाम किया गया है।
भाजपा ने मंत्री जयवीर सिंह को सौंपी कमान, सपा के कैंप से सांसद अक्षय रखेंगे नजर
चुनाव जीतने के लिए भाजपा ने अपनी पूरी ताकत लगा दी है। पार्टी से निगरानी के लिए एक हाई-टेक वार रूम तैयार किया गया है। प्रदेश उपाध्यक्ष और जिला प्रभारियों के साथ-साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को फिरोजाबाद और मैनपुरी जिलों की विशेष जिम्मेदारी दी गई है। जिलाध्यक्ष उदय प्रताप सिंह के अनुसार मेयर और विधायकों को समस्याओं के निस्तारण के लिए लगाया गया है। दूसरी तरफ, समाजवादी पार्टी ने भी चुनाव को लेकर अपनी रणनीति मजबूत की है। सपा जिलाध्यक्ष शिवराज सिंह ने बताया कि सांसद अक्षय यादव स्वयं पूरी चुनावी प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं और सभी बूथों पर मतदान अभिकर्ताओं की सूची अंतिम रूप से तैयार कर ली गई है।
डीएम-एसएसपी ने दिए निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
फिरोजाबाद। चुनाव शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए पुलिस लाइन सभागार में जोनल, सेक्टर मजिस्ट्रेटों और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त ब्रीफिंग हुई। डीएम संतोष कुमार शर्मा और एसएसपी आदित्य लांग्हे ने अधिकारियों को बैलेट बॉक्स की पारदर्शिता, प्रवेश से निकास तक अनिवार्य वीडियोग्राफी और सुरक्षा के कड़े निर्देश दिए। मतदान केंद्रों की छतों की जांच, हिस्ट्रीशीटरों पर निरोधात्मक कार्रवाई और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जीरो टॉलरेंस के तहत कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। संवाद
अप्रत्यक्ष चुनाव प्रणाली
उप जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना जायसवाल ने बताया कि इन चुनावों की मतदान और मतगणना की प्रक्रिया आम चुनावों (जैसे विधानसभा या लोकसभा) से कैसे भिन्न होती है। एमएलसी चुनाव की प्रक्रिया बेहद अनूठी है, जिसमें आम जनता सीधे वोट नहीं डालती और न ही मतपत्रों पर कोई पार्टी चिह्न होता है। इस चुनाव में मतदाता खास समूह या चुने हुए प्रतिनिधि होते हैं, जैसे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के लिए जिले या क्षेत्र के पंजीकृत स्नातक मतदाता वोट डालते हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए माध्यमिक विद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक मतदाता होते हैं। एमएलसी चुनाव ईवीएम से नहीं, बल्कि बैलेट पेपर (मतपत्र) के माध्यम से होगा। मतपत्र पर उम्मीदवारों के नाम दर्ज होंगे, लेकिन कोई भी राजनीतिक पार्टी का चिह्न नहीं होगा। इस चुनाव में सिंगल ट्रांसफरेबल वोटिंग (एकल हस्तांतरणीय मतदान पद्धति) का उपयोग किया जाता है। इसमें मतदाता केवल किसी एक उम्मीदवार के नाम पर मुहर लगाने के बजाय, अपनी पसंद के अनुसार उम्मीदवारों को प्राथमिकता (पहली पसंद, दूसरी पसंद, तीसरी पसंद आदि) देते हैं।
इस प्रकार डालें वोट, रोमन अंकों का करें प्रयोग
मतदाता बैलेट पेपर पर उम्मीदवारों के नाम के आगे रोमन अंकों (I, II, III...) के रूप में अपनी वरीयता दर्ज कराएंगे। मतदाता अपनी पसंद के हिसाब से सभी या कुछेक उम्मीदवारों को रैंक दे सकते हैं। इस चुनाव में जीत का फैसला केवल कुल वोटों की संख्या के आधार पर नहीं होता, बल्कि प्राथमिकता-आधारित रैंकिंग सिस्टम से होता है। सबसे पहले पहली पसंद (फर्स्ट प्रेफरेंस) के वोटों की गिनती होती है। यदि किसी उम्मीदवार को जीत के लिए निर्धारित कोटा प्राप्त हो जाता है, तो वह विजयी घोषित हो जाता है। यदि स्थिति स्पष्ट नहीं होती, तो कम वोट पाने वाले उम्मीदवारों के वोटों को उनकी अगली वरीयता के अनुसार ट्रांसफर (हस्तांतरित) किया जाता है। अंत में सबसे अधिक वरीयता और समर्थन पाने वाले उम्मीदवार जीत हासिल करते हैं।