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मेडिकल कॉलेज और क्षय रोग विभाग में भवन को लेकर रार
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फिरोजाबाद। मेडिकल कॉलेज और जिला क्षय रोग विभाग में भवन को लेकर आपस में ठन गई है। मामला जिलाधिकारी के पास तक पहुंच गया है। क्षय रोग विभाग ने जिलाधिकारी से दो हजार वर्ग फीट भूमि आवंटित कराने के लिए कहा है। उसके बाद ही भवन को खाली करने की बात कही है।
जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित हो गया है। इसी परिसर के एक भवन में चल रहे जिला क्षय रोग कार्यालय को खाली करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने जिला क्षय रोग अधिकारी को पत्र लिखा है। इसके बाद विभागीय अधिकारी चिंतित हैं कि कार्यालय को कहां स्थापित करें। फरवरी में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भवन खाली कराने का पत्र आने के बाद जिला क्षय रोग अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखा है। विभागीय अधिकारियों ने क्षय रोग विभाग से भूमि का अलग से आवंटन कराने की मांग की है।
मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित क्षय रोग की ओपीडी संचालन के लिए कहा है। आने वाले समय में आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी। 30 विद्यार्थियों का बैच भी लगेगा। इस कारण भवन की हमें आवश्यकता है। इससे मरीजों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। -डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दो बार पत्र मिला है। हमने डीएम को पत्र लिखकर विभाग के नाम भूमि आवंटन के लिए कहा है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी, तब तक कार्यालय को खाली करना संभव नहीं है।
डॉ. अशोक कुमार, डिप्टी डीटीओ, क्षय रोग नियंत्रण विभाग।
आयुष विभाग भी भूमि की तलाश में
फिरोजाबाद। आयुष विभाग भी भूमि की तलाश में कई दिनों से है। पहले पोस्टमार्टम गृह के पास कार्यालय संचालित होता था लेकिन मेडिकल कॉलेज बना तो उसे टीबी वार्ड के बराबर एक कमरे में स्थान दे दिया है। यहां न अधिकारियों के बैठने के स्थान है और न ही कार्यालय के लिपिक के लिए।
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जिला अस्पताल मेडिकल कॉलेज में परिवर्तित हो गया है। इसी परिसर के एक भवन में चल रहे जिला क्षय रोग कार्यालय को खाली करने के लिए मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने जिला क्षय रोग अधिकारी को पत्र लिखा है। इसके बाद विभागीय अधिकारी चिंतित हैं कि कार्यालय को कहां स्थापित करें। फरवरी में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के भवन खाली कराने का पत्र आने के बाद जिला क्षय रोग अधिकारी ने डीएम को पत्र लिखा है। विभागीय अधिकारियों ने क्षय रोग विभाग से भूमि का अलग से आवंटन कराने की मांग की है।
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मेडिकल कॉलेज परिसर में संचालित क्षय रोग की ओपीडी संचालन के लिए कहा है। आने वाले समय में आधुनिक मशीनें भी लगाई जाएंगी। 30 विद्यार्थियों का बैच भी लगेगा। इस कारण भवन की हमें आवश्यकता है। इससे मरीजों को भी लाभ मिलेगा। साथ ही विद्यार्थियों को भी फायदा होगा। -डॉ. संगीता अनेजा, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज।
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मेडिकल कॉलेज प्रशासन का दो बार पत्र मिला है। हमने डीएम को पत्र लिखकर विभाग के नाम भूमि आवंटन के लिए कहा है। जब तक भूमि नहीं मिलेगी, तब तक कार्यालय को खाली करना संभव नहीं है।
डॉ. अशोक कुमार, डिप्टी डीटीओ, क्षय रोग नियंत्रण विभाग।
आयुष विभाग भी भूमि की तलाश में
फिरोजाबाद। आयुष विभाग भी भूमि की तलाश में कई दिनों से है। पहले पोस्टमार्टम गृह के पास कार्यालय संचालित होता था लेकिन मेडिकल कॉलेज बना तो उसे टीबी वार्ड के बराबर एक कमरे में स्थान दे दिया है। यहां न अधिकारियों के बैठने के स्थान है और न ही कार्यालय के लिपिक के लिए।