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एमडीएम की नहीं सुधरी गुणवत्ता, दाल के नाम पर पीला पानी
Amar Ujala
Updated Fri, 23 Sep 2016 01:06 AM IST
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एमडीएम की नहीं सुधरी गुणवत्ता, दाल के नाम पर पीला पानी
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एमडीएम की गुणवत्ता सुधरने का नाम नहीं ले रही है। दफ्तर में बैठे शिक्षाधिकारियों को एमडीएम से कोई मतलब नहीं दिखता। गुरुवार को परोसी गई दाल की गुणवत्ता बिल्कुल खराब थी। बच्चों को दाल के नाम पर पीला पानी भेजा गया। लगातार खराब गुणवत्ता के कारण बच्चे अब घर से लंच लाने लगे हैं।
प्राइमरी स्कूल देवनगर, प्राइमरी करबला, प्राइमरी स्टेशन रोड़ बालक, प्राइमरी कोटला बालक में परोसे गए एमडीएम की गुणवत्ता बच्चों को पसंद नहीं आई। पिछले दिनों एमडीएम की खबरा गुणवत्ता का मामला जोर पकड़ा, तो दो-चार दिन ही नगर क्षेत्र में एनजीओ ने भोजन की गुणवत्ता ठीक करके भेजी। उसके बाद से भोजन की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि बच्चे एमडीएम को देखकर मुंह बनाते रहे। बीएसए सच्चिदानंद का कहना है कि एमडीएम का काम कर रहे एनजीओ को अंतिम चेतावनी दी जाएगी। सुधार नहीं होगा तो काली सूची में डाला जाएगा।
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प्राइमरी स्कूल देवनगर, प्राइमरी करबला, प्राइमरी स्टेशन रोड़ बालक, प्राइमरी कोटला बालक में परोसे गए एमडीएम की गुणवत्ता बच्चों को पसंद नहीं आई। पिछले दिनों एमडीएम की खबरा गुणवत्ता का मामला जोर पकड़ा, तो दो-चार दिन ही नगर क्षेत्र में एनजीओ ने भोजन की गुणवत्ता ठीक करके भेजी। उसके बाद से भोजन की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि बच्चे एमडीएम को देखकर मुंह बनाते रहे। बीएसए सच्चिदानंद का कहना है कि एमडीएम का काम कर रहे एनजीओ को अंतिम चेतावनी दी जाएगी। सुधार नहीं होगा तो काली सूची में डाला जाएगा।
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