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मनरेगा: दस लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य, प्रवासियों पर फोकस
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फिरोजाबाद। जिले में आए प्रवासियों एवं मनरेगा से जुडे़ श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मनरेगा एक्सप्रेस को गति देने की कोशिश की जा रही है। ग्राम विकास एवं मनरेगा सेल इस पूरी कवायद में जी जान से जुटा है। जिले में मनरेगा के तहत प्रतिदिन 40 हजार मानव दिवस सृजन का लक्ष्य तय किया गया है। मनरेगा के तहत बनाई गई कार्य योजना में भी निर्माण कार्यों को तवज्जों देने के स्थान पर तालाब जल संरक्षण, पौधरोपण एवं मौसम आधारित नदियों के पुन: उद्धार जैसे कार्यों को शामिल किया है। वर्तमान में प्रतिदिन 40 हजार मानव दिवस सृजन के सापेक्ष 7 मई को 29926 मानव दिवसों की फीडिंग हुई है। जून माह में दस लाख मानव दिवस सृजन का लक्ष्य तय किया गया है।
इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा की चाल सुस्त
तीन जून 2020 के आंकड़ों के अनुसार जिले की कुल 569 ग्राम पंचायतों में से 95 पंचायतें ऐसी हैं। जिनमें ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों द्वारा शिथिलता बरती जा रही है। जिनमें फिरोजाबाद ब्लाक की 21, अरांव ब्लाक की तीन,एका की नौ,हाथवंत की तीस,मदनपुर की दस,नारखी 11,सात एवं जसराना की एक ग्राम पंचायत में मनरेगा की प्रगति शून्य है।
55 पंचायत सचिवों का वेतन रोका, एपीओ को नोटिस
मुख्य विकास अधिकारी नेहा जैन का कहना है जिले में आए प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के साधन उपलब्ध कराने एवं मनरेगा के माध्यम से जल संचयन एवं वर्षाकाल में मौसम आधारित नदियों का पानी अधिकाधिक गांव तक पहुंचाने का प्रयास है। प्रशासन की मॉनीटरिंग और निरीक्षण के बाद भी मनरेगा कार्यों में 55 पंचायत सचिवों व ग्राम सभा के जिम्मेदारों की शिथिलता सामने आई। गत दिवस हुई समीक्षा के दौरान शून्य प्रगति वाली ग्राम पंचायतों में तैनात 55 पंचायत सचिवों का माह जून का वेतन रोका गया है। नहर की सफाई कार्य में अनियमितता मिलने पर तकनीकी सहायक पर भी कार्रवाई की जा रही है। एक एपीओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
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इन ग्राम पंचायतों में मनरेगा की चाल सुस्त
तीन जून 2020 के आंकड़ों के अनुसार जिले की कुल 569 ग्राम पंचायतों में से 95 पंचायतें ऐसी हैं। जिनमें ग्राम पंचायत के जिम्मेदार लोगों द्वारा शिथिलता बरती जा रही है। जिनमें फिरोजाबाद ब्लाक की 21, अरांव ब्लाक की तीन,एका की नौ,हाथवंत की तीस,मदनपुर की दस,नारखी 11,सात एवं जसराना की एक ग्राम पंचायत में मनरेगा की प्रगति शून्य है।
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55 पंचायत सचिवों का वेतन रोका, एपीओ को नोटिस
मुख्य विकास अधिकारी नेहा जैन का कहना है जिले में आए प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के साधन उपलब्ध कराने एवं मनरेगा के माध्यम से जल संचयन एवं वर्षाकाल में मौसम आधारित नदियों का पानी अधिकाधिक गांव तक पहुंचाने का प्रयास है। प्रशासन की मॉनीटरिंग और निरीक्षण के बाद भी मनरेगा कार्यों में 55 पंचायत सचिवों व ग्राम सभा के जिम्मेदारों की शिथिलता सामने आई। गत दिवस हुई समीक्षा के दौरान शून्य प्रगति वाली ग्राम पंचायतों में तैनात 55 पंचायत सचिवों का माह जून का वेतन रोका गया है। नहर की सफाई कार्य में अनियमितता मिलने पर तकनीकी सहायक पर भी कार्रवाई की जा रही है। एक एपीओ को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया जा चुका है।
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