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Firozabad News: 5 साल की मासूम से दुष्कर्म के दोषी मानपाल को आजीवन कारावास
Thu, 22 Oct 2026 12:15 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Thu, 22 Oct 2026 12:15 AM IST
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सांकेतिक
- फोटो : सांकेतिक
फिरोजाबाद। विशेष न्यायालय पॉक्सो के पीठासीन अधिकारी मुमताज अली की अदालत ने बुधवार को 5 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म करने वाले 52 वर्षीय दोषी मानपाल उर्फ बहरा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
घटना रजावली थाना क्षेत्र के ग्राम बाघई द्वितीय की है। बीते 13 जून 2026 को 5 वर्षीय मासूम बेटी घर के बाहर खेल रही थी। तभी गांव का ही रहने वाला 52 वर्षीय मानपाल उर्फ बहरा बच्ची को पास्ता दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया था। बच्ची रोती हुई अपने घर पहुंची थी। तब परिवार को इसकी जानकारी हुई थी। बच्ची के पिता ने मामले में थाना रजावली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर मामले में फास्ट ट्रैक जांच की गई और रजावली इंस्पेक्टर बृजकिशोर सिंह ने मात्र 10 दिनों के भीतर विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी तथा सटीक साक्ष्य संकलन के आधार पर मात्र 82 कार्यदिवसों और 21 सुनवाइयों के रिकॉर्ड समय में अदालत ने दोषी को सजा सुना दी।
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घटना रजावली थाना क्षेत्र के ग्राम बाघई द्वितीय की है। बीते 13 जून 2026 को 5 वर्षीय मासूम बेटी घर के बाहर खेल रही थी। तभी गांव का ही रहने वाला 52 वर्षीय मानपाल उर्फ बहरा बच्ची को पास्ता दिलाने के बहाने बहला-फुसलाकर अपने घर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया था। बच्ची रोती हुई अपने घर पहुंची थी। तब परिवार को इसकी जानकारी हुई थी। बच्ची के पिता ने मामले में थाना रजावली में तहरीर देकर प्राथमिकी दर्ज कराई थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर मामले में फास्ट ट्रैक जांच की गई और रजावली इंस्पेक्टर बृजकिशोर सिंह ने मात्र 10 दिनों के भीतर विवेचना पूर्ण कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर दिया था। इसके बाद अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकार की प्रभावी पैरवी तथा सटीक साक्ष्य संकलन के आधार पर मात्र 82 कार्यदिवसों और 21 सुनवाइयों के रिकॉर्ड समय में अदालत ने दोषी को सजा सुना दी।
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