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Firozabad News: हत्या के दोषी को आजीवन कारावास
Tue, 05 Dec 2023 12:08 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Tue, 05 Dec 2023 12:08 AM IST
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फिरोजाबाद। अपर जिला जज सप्तम जितेंद्र गुप्ता ने नौ वर्ष पुराने हत्या के मामले में दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। तथा तीस हजार का अर्थदंड लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
मामला थाना जसराना के ग्राम खड़ीत का 26 मई 2014 का है। वादी सुरेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा उसकी भाई अमरपाल की पत्नी के पास गांव के ही ब्रजेश उर्फ भूरा का आना जाना था और संबंध थे। इसका उसका भाई विरोध करता था। यह उसकी पत्नी को अच्छा नहीं लगता था। कई बार अमरपाल ने ब्रजेश को घर आने से मना किया जिससे वह रंजिश मान गया। अमरपाल 26 मई 2014 को अपने घर के सामने चारपाई पर लेटा हुआ था। रात करीब 12 बजे ब्रजेश ने उसके गोली मार दी जो सिर में लगी। घटना को वादी एवं नेत्रपाल ने बिजली की रोशनी में देखा है।
घटना में मृतक अमरपाल की पत्नी को षणयंत्र में शामिल होना बताया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। ब्रजेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। विवेचना उपरांत ब्रजेश,अमरपाल की पत्नी के विरूद्व आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मामले की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम जितेंद्र गुप्ता के न्यायालय में की गई। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्रीनारायन सक्सेना व निजी अधिवक्ता सुशील कुमार कौशिक ने करते हुए केस को साबित करने को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की दलीलों को न्यायालय के समक्ष रखकर सख्त सजा दिलाने की पहल की। न्यायाधीश जितेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर ब्रजेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में मृतक की पत्नी को दोषमुक्त करार दिया है।
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मामला थाना जसराना के ग्राम खड़ीत का 26 मई 2014 का है। वादी सुरेश कुमार ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कहा उसकी भाई अमरपाल की पत्नी के पास गांव के ही ब्रजेश उर्फ भूरा का आना जाना था और संबंध थे। इसका उसका भाई विरोध करता था। यह उसकी पत्नी को अच्छा नहीं लगता था। कई बार अमरपाल ने ब्रजेश को घर आने से मना किया जिससे वह रंजिश मान गया। अमरपाल 26 मई 2014 को अपने घर के सामने चारपाई पर लेटा हुआ था। रात करीब 12 बजे ब्रजेश ने उसके गोली मार दी जो सिर में लगी। घटना को वादी एवं नेत्रपाल ने बिजली की रोशनी में देखा है।
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घटना में मृतक अमरपाल की पत्नी को षणयंत्र में शामिल होना बताया था। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना शुरू की। ब्रजेश की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त तमंचा बरामद किया। विवेचना उपरांत ब्रजेश,अमरपाल की पत्नी के विरूद्व आरोप पत्र न्यायालय प्रेषित किया। मामले की सुनवाई अपर जिला जज सप्तम जितेंद्र गुप्ता के न्यायालय में की गई। शासन की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी श्रीनारायन सक्सेना व निजी अधिवक्ता सुशील कुमार कौशिक ने करते हुए केस को साबित करने को हाईकोर्ट व सुप्रीम कोर्ट की दलीलों को न्यायालय के समक्ष रखकर सख्त सजा दिलाने की पहल की। न्यायाधीश जितेंद्र गुप्ता ने दोनों पक्षों के तर्क सुनने एवं पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर ब्रजेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साक्ष्य के अभाव में मृतक की पत्नी को दोषमुक्त करार दिया है।
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