{"_id":"57eec3e84f1c1b7927575ea2","slug":"king-dasaratha-s-abandoned-life-in-ram-s-separation","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण
Amar Ujala
Updated Sat, 01 Oct 2016 01:28 AM IST
विज्ञापन
पुत्र वियोग में राजा दशरथ ने त्यागे प्राण
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दशरथ के प्राण त्यागने की लीला देख नम हुईं दर्शकों की आंखें
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला में शुक्रवार को श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ द्वारा प्राण त्यागने की लीला देखकर मैदान में उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
रामलीला मैदान में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का डोला पहुंचने के साथ ही लीला का मंचन शुरू होता है। रामलीला मंचन के लिए मैदान को वन का रूप दिया गया था। मैदान में अलग-अलग स्थानों पर आश्रम बनाए गए। प्रभु श्रीराम का डोला पहुंचते ही आचार्य शुभम मिश्रा, नीरज शर्मा, बालकराम दास, गुड्डू मिश्रा व नीरज शर्मा ने लीला वाचन शुरू किया। 14 साल के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम वन-वन भटकते हुए एक आश्रम से दूसरे आश्रम की ओर जा रहे हैं। इधर अयोध्या में रानियों के साथ सभी अयोध्यावासी राजा दशरथ की हालत खराब होने के कारण काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। राजा दशरथ पुत्र वियोग बर्दाश्त नहीं कर पाए और प्राण त्याग दिए। राजा दशरथ के प्राण त्यागते ही पूरी अयोध्या में शोक छा जाता है। राजा दशरथ मरण की लीला देखकर मैदान में मौजूद सैकड़ों दर्शकों की आंखें नम हो उठती हैं।
रामलीला में आज
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को भरत जी का अवधवासियों के साथ चित्रकूट में श्रीराम से मिलन, श्रीराम द्वारा चरण पादुका देकर विदा करने की लीला मंचन होगा। लेबर कालोनी रामलीला महोत्सव में दशरथ मरण व भरत आगमन की लीला होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव समिति के तत्वावधान में चल रही रामलीला में शुक्रवार को श्रीराम के वियोग में राजा दशरथ द्वारा प्राण त्यागने की लीला देखकर मैदान में उपस्थित दर्शकों की आंखें नम हो गईं।
रामलीला मैदान में मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का डोला पहुंचने के साथ ही लीला का मंचन शुरू होता है। रामलीला मंचन के लिए मैदान को वन का रूप दिया गया था। मैदान में अलग-अलग स्थानों पर आश्रम बनाए गए। प्रभु श्रीराम का डोला पहुंचते ही आचार्य शुभम मिश्रा, नीरज शर्मा, बालकराम दास, गुड्डू मिश्रा व नीरज शर्मा ने लीला वाचन शुरू किया। 14 साल के वनवास के बाद प्रभु श्रीराम वन-वन भटकते हुए एक आश्रम से दूसरे आश्रम की ओर जा रहे हैं। इधर अयोध्या में रानियों के साथ सभी अयोध्यावासी राजा दशरथ की हालत खराब होने के कारण काफी चिंतित नजर आ रहे हैं। राजा दशरथ पुत्र वियोग बर्दाश्त नहीं कर पाए और प्राण त्याग दिए। राजा दशरथ के प्राण त्यागते ही पूरी अयोध्या में शोक छा जाता है। राजा दशरथ मरण की लीला देखकर मैदान में मौजूद सैकड़ों दर्शकों की आंखें नम हो उठती हैं।
विज्ञापन
रामलीला में आज
श्री सनातन धर्म रामलीला महोत्सव के अंतर्गत शनिवार को भरत जी का अवधवासियों के साथ चित्रकूट में श्रीराम से मिलन, श्रीराम द्वारा चरण पादुका देकर विदा करने की लीला मंचन होगा। लेबर कालोनी रामलीला महोत्सव में दशरथ मरण व भरत आगमन की लीला होगी।
विज्ञापन