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गांवों की ओर बढ़ रहा खारजा नदी का पानी
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एका (फिरोजाबाद)। खारजा नदी का कटान आधा दर्जन से अधिक गांव के ग्रामीणों की मुसीबत बन गया है। पानी का बहाव तेज होने के कारण मछरिया, नगला देवा और प्रेमपुर के खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए है। निचले इलाकों में धान की फसल भी पानी में डूब गई है। पानी तेजी से गांवों की ओर बढ़ रहा है। इससे ग्रामीण परेशान हैं। यदि पानी को नहीं रोका गया तो शनिवार को स्थिति और खराब होने के साथ ही घरों में पानी घुस सकता है।
गांव कताना और जेड़ाझाल के बीच से खारजा नदी निकली है। यह नदी कई वर्षों से सूखी पड़ी थी। बुधवार रात अचानक इसमें पानी आने से नदी की पटरी कट गई। बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई। सूचना पर सिंचाई विभाग के अफसर भी पहुंचे। पानी को रोकने के लिए प्रयास किए गए। लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण वह नहीं रुक सका। शुक्रवार को नदी के आसपास का क्षेत्र और खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए।
मछरिया, नगला देवा और प्रेमपुर तक पानी पहुंच गया। गांव से सड़क का संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में हो रही धान की फसल भी डूब गई। इससे फसल को नुकसान होने की उम्मीद है। लगातार गांव की ओर बढ़ते पानी को देख ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पानी नहीं रोका गया तो इससे सरगपुर, नगला पसी, थाती, रामनगर के साथ अन्य गांव भी इसकी चपेट में आ जाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राहत दिलाने की मांग की है।
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मिट्टी का भी हो रहा है कटान
ग्रामीणों के अनुसार पानी का भाव इतनी तेज है कि वह मिट्टी का कटान भी कर रहा है। पानी को रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी आदि भरकर डाली जा रही है। फिर भी पानी नहीं रुक पा रहा।
मकानों के गिरने का बढ़ा खतरा
ग्रामीण बबलू, रामलखन, मुनीम, कैलाश, विद्यासागर, सत्यप्रकाश, भूरेलाल आदि का कहना है कि खारजा नदी का पानी घरों की दीवार से टकरा रहा है। इससे मकानों की दीवार कमजोर हो रही है। इससे कोई भी बड़ी घटना हो सकती है। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।
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गांव कताना और जेड़ाझाल के बीच से खारजा नदी निकली है। यह नदी कई वर्षों से सूखी पड़ी थी। बुधवार रात अचानक इसमें पानी आने से नदी की पटरी कट गई। बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी ग्रामीणों को हुई। सूचना पर सिंचाई विभाग के अफसर भी पहुंचे। पानी को रोकने के लिए प्रयास किए गए। लेकिन पानी का बहाव अधिक होने के कारण वह नहीं रुक सका। शुक्रवार को नदी के आसपास का क्षेत्र और खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए।
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मछरिया, नगला देवा और प्रेमपुर तक पानी पहुंच गया। गांव से सड़क का संपर्क टूट गया। निचले इलाकों में हो रही धान की फसल भी डूब गई। इससे फसल को नुकसान होने की उम्मीद है। लगातार गांव की ओर बढ़ते पानी को देख ग्रामीणों की परेशानियां बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों ने कहा कि यदि पानी नहीं रोका गया तो इससे सरगपुर, नगला पसी, थाती, रामनगर के साथ अन्य गांव भी इसकी चपेट में आ जाएंगे। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से राहत दिलाने की मांग की है।
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मिट्टी का भी हो रहा है कटान
ग्रामीणों के अनुसार पानी का भाव इतनी तेज है कि वह मिट्टी का कटान भी कर रहा है। पानी को रोकने के लिए बोरियों में मिट्टी आदि भरकर डाली जा रही है। फिर भी पानी नहीं रुक पा रहा।
मकानों के गिरने का बढ़ा खतरा
ग्रामीण बबलू, रामलखन, मुनीम, कैलाश, विद्यासागर, सत्यप्रकाश, भूरेलाल आदि का कहना है कि खारजा नदी का पानी घरों की दीवार से टकरा रहा है। इससे मकानों की दीवार कमजोर हो रही है। इससे कोई भी बड़ी घटना हो सकती है। लेकिन प्रशासन इस ओर ध्यान नहीं दे रहा।