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Firozabad News: मान्यता पांचवीं तक की पढ़ा रहे इंटरमीडिएट के विद्यार्थी

Tue, 22 Apr 2025 12:55 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद Updated Tue, 22 Apr 2025 12:55 AM IST
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Intermediate students are teaching up to Manavti fifth standard
फिरोजाबाद। शैक्षिक सत्र शुरू हुए 21 दिन हो चुके हैं। जनपद में शिक्षा व्यवस्था में फर्जीवाड़ा थमता नजर नहीं आ रहा है। निजी स्कूलों में जहां लगभग 80 प्रतिशत प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहीं कई अमान्य शिक्षण संस्थान और कोचिंग सेंटर प्रशासन की निष्क्रियता का फायदा उठा रहे हैं। पांचवीं की मान्यता या कोचिंग सेंटरों का रजिस्ट्रेशन कराकर 12वीं तक कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। सबसे खास बात है कि शिक्षा विभाग जानकर भी अंजान बना है।
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जिले में स्थिति यह है कि कई ऐसे स्कूल, जिन्हें केवल कक्षा पांच तक की मान्यता प्राप्त है, वे बिना किसी वैधानिक अनुमति के कक्षा आठवीं और बारहवीं तक की कक्षाएं संचालित कर रहे हैं। वहीं, कोचिंग सेंटरों ने छात्रों का पंजीकरण जनपद के किसी अन्य या बाहरी जिलों के विद्यालयों में कराकर स्थानीय स्तर पर पढ़ाई शुरू कर दी है। ये कोचिंग संस्थान अभिभावकों से मोटी फीस वसूल कर शिक्षा के नाम पर खुला व्यापार कर रहे हैं। कई कोचिंगों में 250 के रजिस्ट्रेशन दो हजार छात्र-छात्राएं स्कूल की तरह शिक्षा ले रहे हैं।
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प्रशासन मौन, सवाल अनेक
शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस स्थिति पर मौन है। डीएम ने कमेटी बनाई है, यह कमेटी पूरी तरह निष्क्रिय बनीं हुई है।
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मान्यता प्राप्त स्कूल संचालकों से बातचीत
हमने हर शर्त पूरी कर मान्यता ली है। भवन, शिक्षकों की योग्यता, छात्र संख्या सब नियमों के तहत है। जिन स्कूलों की पांचवीं तक की मान्यता है या कोचिंग रजिस्ट्रेशन हैं उनमें आठवीं और बारहवीं तक की कक्षाएं चल रही हैं। हर साल 200 से 300 बच्चे स्कूलों से कम हो रहे हैं। प्रशासन को जल्द कार्रवाई करनी चाहिए। - मयंक भटनागर, प्रशासक, किड्स कॉर्नर स्कूल
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- हम शिक्षा की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संसाधनों और बोर्ड के नियमों पर ध्यान देते हैं। जबकि अमान्य संस्थान बिना किसी बुनियादी सुविधा के चल रहे हैं और अभिभावकों से मनमानी फीस वसूलते हैं। इससे ईमानदारी से काम करने वाले स्कूलों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। परिषदीय स्कूलों में पर भी इसका असर पड़ता है। - कृपाशंकर मिश्रा, निदेशक, गौरीशंकर इंटर कॉलेज




हमने कमेटियां बनाई है। जल्द ही उन्हें सक्रिय किया जाएगा। अमान्य विद्यालय के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - धीरेंद्र यादव, डीआईओएस
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