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Firozabad News: सत्संग से प्रभावित होकर बने थे संगठन के जिला उपाध्यक्ष
Fri, 05 Jul 2024 01:34 AM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फिरोजाबाद
Updated Fri, 05 Jul 2024 01:34 AM IST
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शिकोहाबाद। हाथरस में आयोजित सत्संग में कई अनुयायियों की जान जाने के बाद हाथरस एसटीएफ ने शहर में दबिश दी। पुलिस टीम ने शिकोहाबाद पुलिस को साथ लेकर एटा चौराहे से भोले बाबा संगठन के जिला उपाध्यक्ष उपेंद्र यादव को गिरफ्तार किया है। अलीगढ़ न्यायालय से उसे जेल भेजा गया है।
भोले बाबा संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं सपा नेता उपेंद्र कुमार यादव ने सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी की सरकार में बसपा में शामिल हुए। उस दौरान उन्होंने जनपद के अधिकारियों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी। इस बीच वह भोले बाबा के संगठन से जुड़े। उनके सत्संग में जाकर उनसे प्रभावित हुए। उनके परिवार का मानना है कि भोले बाबा के चरणज से ही उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं। वह भोले बसपा सरकार से वर्ष 2019 तक जुड़े रहे। इस बीच बसपा और सपा के गठबंधन होने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता गृहण की।
वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं तक अपनी पहुंच बनाना शुरू की। बसपा सरकार के दौरान अधिकारियों के बीच मजबूत पकड़ के चलते सेवादार के रूप में बाबा के सत्संग में कार्य करते रहे।
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वर्ष 2007 में लड़ा था चेयरमैन का चुनाव
सपा नेता उपेंद्र यादव पेशे से किसान हैं। उनके बेटे निर्भय प्रताप उर्फ राजा ने बताया कि मां चेतना देवी कंथरी के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। उनके पिता ने वर्ष 2007 में नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव लड़ा था। इसमें वह हार गए थे। चुनाव लड़ने के बाद वह चर्चाओं में आ गए थे। इसके बाद से वह किसान होने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय रहे।
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भोले बाबा संगठन के जिला उपाध्यक्ष एवं सपा नेता उपेंद्र कुमार यादव ने सबसे पहले बहुजन समाज पार्टी की सरकार में बसपा में शामिल हुए। उस दौरान उन्होंने जनपद के अधिकारियों के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई थी। इस बीच वह भोले बाबा के संगठन से जुड़े। उनके सत्संग में जाकर उनसे प्रभावित हुए। उनके परिवार का मानना है कि भोले बाबा के चरणज से ही उनके सभी संकट दूर हो जाते हैं। वह भोले बसपा सरकार से वर्ष 2019 तक जुड़े रहे। इस बीच बसपा और सपा के गठबंधन होने पर उन्होंने समाजवादी पार्टी की सदस्यता गृहण की।
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वह समाजवादी पार्टी में शामिल हुए और उन्होंने समाजवादी पार्टी के बड़े नेताओं तक अपनी पहुंच बनाना शुरू की। बसपा सरकार के दौरान अधिकारियों के बीच मजबूत पकड़ के चलते सेवादार के रूप में बाबा के सत्संग में कार्य करते रहे।
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वर्ष 2007 में लड़ा था चेयरमैन का चुनाव
सपा नेता उपेंद्र यादव पेशे से किसान हैं। उनके बेटे निर्भय प्रताप उर्फ राजा ने बताया कि मां चेतना देवी कंथरी के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका हैं। उनके पिता ने वर्ष 2007 में नगर पालिका चेयरमैन का चुनाव लड़ा था। इसमें वह हार गए थे। चुनाव लड़ने के बाद वह चर्चाओं में आ गए थे। इसके बाद से वह किसान होने के साथ-साथ राजनीति में भी सक्रिय रहे।